23 जुलाई 2026
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सुखेंदु शेखर का TMC और राज्यसभा से इस्तीफा, बंगाल चुनाव हार के बाद टीएमसी में टूट जारी

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सुखेंदु शेखर का TMC और राज्यसभा से इस्तीफा, बंगाल चुनाव हार के बाद टीएमसी में टूट जारी

सारांश

बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद TMC में टूट का सिलसिला तेज़ — वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा और पार्टी सदस्यता दोनों से इस्तीफा दिया। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव ने भी पद छोड़ा और अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें

सुखेंदु शेखर ने 8 जून 2026 को TMC की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया।
शेखर ने TMC पर भ्रष्टाचार , महिलाओं पर दमन और 15 वर्षों की विफलता का आरोप लगाया।
TMC अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने भी पद से इस्तीफा दिया।
सिद्दीकी ने अभिषेक बनर्जी पर 2015-16 में जबरन पार्टी में शामिल कराने और झूठे मुकदमे का आरोप लगाया।
बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद TMC में नेताओं के इस्तीफे का सिलसिला जारी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने 8 जून 2026 को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की करारी हार के बाद पार्टी छोड़ने का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, और शेखर का यह कदम टीएमसी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

सुखेंदु शेखर का बयान

इस्तीफे के साथ जारी अपने बयान में सुखेंदु शेखर ने कहा, 'हाल ही में हुए चुनावों में बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस पर पूर्ण अविश्वास व्यक्त किया। मतदाताओं ने पार्टी के व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं पर हो रहे घोर दमन और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोज़गार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में फैली घोर विफलता और अराजकता को नकार दिया।'

शेखर ने आगे कहा, 'जनता ने बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भारी बहुमत से विजयी बनाया है। नव निर्वाचित जन सरकार ने अपने घोषित चुनावी घोषणापत्र के अनुसार बंगाल के समग्र विकास और पुनर्निर्माण के उद्देश्य से कई कार्यक्रमों को लागू करने का कार्य शुरू कर दिया है। जनता के इस ऐतिहासिक फैसले को स्वीकार करते हुए, मैं तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ।'

TMC अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव का भी इस्तीफा

इससे पहले TMC के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने कहा, 'इस्तीफा देने के बाद मैं बहुत स्वतंत्र महसूस कर रहा हूँ। अब मैं काफी हल्का और आराम महसूस कर रहा हूँ।'

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के लिए काम करने की कोई वास्तविक गुंजाइश नहीं है। सिद्दीकी के अनुसार, 'यहाँ अल्पसंख्यकों के लिए कोई काम करने नहीं दिया जाता। उनके लिए कोई ठोस काम भी नहीं होता, सिर्फ लॉलीपॉप दिया जाता है। यही वजह है कि मैं इस पद पर नहीं रहना चाहता था।'

अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप

मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने दावा किया कि 2015-16 में उन पर TMC में शामिल होने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, 'अभिषेक बनर्जी की ओर से बिनॉय मिश्रा ने हमसे पैसे माँगे। हमने पैसे नहीं दिए तो हमारे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। इसके बाद हमें सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से जमानत लेनी पड़ी थी। हम अभिषेक बनर्जी के डर की वजह से पार्टी में शामिल हुए थे।' गौरतलब है कि ये आरोप एकतरफा हैं और अभिषेक बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सिद्दीकी ने यह भी कहा कि उन्हें BJP नेता सुवेंदु अधिकारी से उम्मीद है कि वे हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को साथ लेकर बंगाल को सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

टीएमसी में टूट की व्यापक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद TMC के भीतर बिखराव की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। 15 वर्षों की सत्ता के बाद पार्टी विपक्ष में आ गई है, और एक के बाद एक नेताओं का इस्तीफा पार्टी नेतृत्व के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में यह सिलसिला और तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों का एक साथ बिखरना दिखाता है कि टूट सिर्फ ऊपरी नहीं, बल्कि जड़ों तक है। अजमल सिद्दीकी के अभिषेक बनर्जी पर आरोप — अगर सत्यापित हों — पार्टी की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाते हैं, जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। BJP के लिए असली परीक्षा अब यह है कि वह इस टूटे हुए विपक्षी जनाधार को शासन में परिणाम देकर अपने साथ जोड़ पाती है या नहीं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखेंदु शेखर ने TMC और राज्यसभा से इस्तीफा क्यों दिया?
सुखेंदु शेखर ने बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार को जनता का 'पूर्ण अविश्वास' बताते हुए 8 जून 2026 को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी पर भ्रष्टाचार, महिलाओं पर दमन और सभी क्षेत्रों में विफलता का आरोप लगाया।
TMC में इस्तीफों का यह सिलसिला कब से शुरू हुआ?
बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद से TMC में इस्तीफों का सिलसिला शुरू हुआ है। सुखेंदु शेखर से पहले TMC अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी भी अपना पद छोड़ चुके हैं।
मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
सिद्दीकी ने दावा किया कि 2015-16 में अभिषेक बनर्जी की ओर से बिनॉय मिश्रा ने उनसे पैसे माँगे और मना करने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके बाद उन्हें सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से जमानत लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वे डर के कारण TMC में शामिल हुए थे। ये आरोप एकतरफा हैं और अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
TMC में टूट का बंगाल की राजनीति पर क्या असर होगा?
वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे से विपक्ष के रूप में TMC की स्थिति और कमज़ोर होगी, जबकि नई BJP सरकार को बिना मज़बूत विपक्ष के काम करने का अवसर मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
सुखेंदु शेखर के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद उनकी सीट का क्या होगा?
राज्यसभा सदस्य के इस्तीफे के बाद उस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है। हालाँकि, इस बारे में चुनाव आयोग (ECI) की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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