25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरजी कर केस के बाद TMC की हार तय थी: इस्तीफे के बाद सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरजी कर केस के बाद TMC की हार तय थी: इस्तीफे के बाद सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा खुलासा

सारांश

राज्यसभा और तृणमूल से इस्तीफे के अगले ही दिन सुखेंदु शेखर रॉय ने बड़ा खुलासा किया — आरजी कर कांड के बाद जनता का आक्रोश देखकर उन्हें यकीन हो गया था कि TMC विधानसभा चुनाव हारेगी। यौन उत्पीड़न मामलों में पार्टी संरक्षण और बंगाल की बदहाली को उन्होंने इस्तीफे की असली वजह बताया।

मुख्य बातें

सुखेंदु शेखर रॉय ने 9 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया।
आरजी कर रेप और मर्डर केस को उन्होंने अपना निर्णायक 'टर्निंग पॉइंट' बताया।
रॉय ने आरोप लगाया कि पार्क स्ट्रीट रेप , कामदुनी और आरजी कर जैसे मामलों में शामिल लोगों को TMC का संरक्षण मिला।
उनके अनुसार वामपंथ के 34 साल और तृणमूल के 15 साल ने पश्चिम बंगाल में निवेश, रोज़गार और शिक्षा को बर्बाद किया।
रॉय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नकली दवाओं की खरीद पर फोरेंसिक ऑडिट की माँग की।
उन्होंने कहा कि TMC 'कुछ महीनों या वर्षों में इतिहास बन जाएगी।'

पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने 9 जून 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आरजी कर रेप और मर्डर केस उनके लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का मन बना लिया। उनका कहना था कि इस घटना के बाद जनता में जो आक्रोश उमड़ा, उससे स्पष्ट हो गया था कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पराजय की ओर बढ़ रही है।

इस्तीफे की वजह: अंतरात्मा की आवाज़

रॉय ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह उनका अपना था। उन्होंने कहा, 'एक स्वतंत्रता सेनानी के बेटे के तौर पर मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनी। मुझ पर न तो कोई दबाव डाला गया और न ही मुझे बहकाया गया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे काफी समय से पार्टी छोड़ने के बारे में सोच रहे थे और बस एक उचित अवसर की प्रतीक्षा में थे।

रॉय ने तृणमूल नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में सेवा का अवसर दिया, इसके लिए वे कृतज्ञ हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर कई अच्छे नेता होने के बावजूद लगातार यौन उत्पीड़न के मामले उनकी अंतरात्मा को झकझोरते रहे।

यौन उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर आरोप

रॉय ने पार्क स्ट्रीट रेप केस, कामदुनी गैंग रेप और मर्डर केस तथा आरजी कर रेप और मर्डर केस का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन मामलों में शामिल कई लोगों को तृणमूल कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त था और उनमें से कुछ सीधे पार्टी से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि जब ऐसी घटनाएँ हुईं तो उनके मित्रों और परिवार ने यह सवाल उठाना शुरू कर दिया कि वे अभी भी इस पार्टी का हिस्सा क्यों हैं।

जनता का संदेश और पार्टी की अनदेखी

रॉय ने कहा कि आरजी कर कांड के बाद जिन लोगों ने महज पाँच महीने पहले लोकसभा चुनाव में तृणमूल को वोट दिया था, वे ही सड़कों पर उतर आए। उनके अनुसार, 'हमें यह सोचना चाहिए था कि अगर जनता सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को 34 साल बाद सत्ता से हटाकर तृणमूल को ला सकती है, तो वह हमें भी हटा सकती है।'

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के भीतर कई ऐसे लोग भी हैं जो खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे हैं और वे भी पार्टी छोड़ना चाहते हैं। जनता ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन पार्टी ने वे सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जिनकी उससे अपेक्षा थी।

पश्चिम बंगाल की दुर्दशा पर तीखी टिप्पणी

रॉय ने कहा कि वामपंथी सरकार के 34 वर्षों और उसके बाद तृणमूल के 15 वर्षों के शासन ने पश्चिम बंगाल को 'रेगिस्तान' बना दिया है। उनके अनुसार राज्य में कोई उल्लेखनीय निवेश नहीं हुआ, बेरोज़गारी दूर करने के कोई ठोस उपाय नहीं किए गए और शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नकली दवाएँ, सलाइन और इंजेक्शन की खरीद हो रही है और उन्होंने इस मामले में फोरेंसिक ऑडिट की माँग की है।

आगे की राह: अनिश्चितता और नई उम्मीद

रॉय ने स्वीकार किया कि उन्हें निश्चित रूप से नहीं पता कि वे राजनीति में बने रहेंगे या नहीं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उसने घोषणापत्र में किए गए वादों पर अमल शुरू कर दिया है। उनका यह भी मानना है कि कुछ महीनों या वर्षों में तृणमूल कांग्रेस अपने मौजूदा स्वरूप में नहीं टिक पाएगी और इतिहास का हिस्सा बन जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पैटर्न है। असली सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी का नेतृत्व इन संकेतों को अब भी 'विपक्षी साज़िश' मानकर नज़रअंदाज़ करेगा, या आत्ममंथन करेगा। बंगाल की राजनीति में सत्ता-परिवर्तन का इतिहास बताता है कि जब जनता का भरोसा टूटता है, तो वह एकमुश्त टूटता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल कांग्रेस क्यों छोड़ी?
रॉय ने आरजी कर रेप और मर्डर केस को अपना निर्णायक कारण बताया। उनके अनुसार इस घटना के बाद जनता में जो आक्रोश दिखा, उससे स्पष्ट हो गया कि TMC विधानसभा चुनाव हारेगी। इसके अलावा उन्होंने यौन उत्पीड़न मामलों में पार्टी के कथित संरक्षण को भी वजह बताया।
आरजी कर केस क्या था और TMC से इसका क्या संबंध है?
आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या का मामला था, जिसने पश्चिम बंगाल में व्यापक जन-आंदोलन को जन्म दिया। रॉय ने आरोप लगाया कि इस और अन्य यौन उत्पीड़न मामलों में शामिल कुछ लोग TMC से जुड़े थे और उन्हें पार्टी का संरक्षण प्राप्त था।
सुखेंदु शेखर रॉय अब किस पार्टी में जाएँगे?
रॉय ने स्पष्ट किया कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे राजनीति में बने रहेंगे या नहीं। उन्होंने BJP सरकार की सराहना ज़रूर की, लेकिन किसी पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की।
रॉय ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वामपंथ के 34 वर्ष और TMC के 15 वर्ष के शासन ने राज्य में निवेश, रोज़गार और शिक्षा को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में नकली दवाओं, सलाइन और इंजेक्शन की खरीद पर फोरेंसिक ऑडिट की माँग भी की।
क्या TMC में और नेता इस्तीफा दे सकते हैं?
रॉय ने संकेत दिया कि पार्टी में कई ऐसे लोग हैं जो खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे हैं और पार्टी छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि TMC अपने मौजूदा स्वरूप में नहीं टिक पाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले