27 जुलाई 2026
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TMC को तीसरा राज्यसभा झटका: प्रकाश चिक बड़ाईक ने दिया इस्तीफा, संसद में सांसद घटकर 10

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TMC को तीसरा राज्यसभा झटका: प्रकाश चिक बड़ाईक ने दिया इस्तीफा, संसद में सांसद घटकर 10

सारांश

तीन हफ्तों में तीसरा राज्यसभा इस्तीफा — TMC के लिए यह महज संख्या का नुकसान नहीं, बल्कि संगठनात्मक亀दरार का संकेत है। प्रकाश चिक बड़ाईक के जाने से पार्टी उच्च सदन में 10 सांसदों पर सिमट गई है, और सुष्मिता देव की BJP नेता से मुलाकात ने संकट को और गहरा कर दिया है।

मुख्य बातें

प्रकाश चिक बड़ाईक ने 11 जून को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया, जो TMC का तीसरा राज्यसभा नुकसान है।
इस्तीफे के बाद राज्यसभा में TMC के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह गई।
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा और पार्टी प्राथमिक सदस्यता — दोनों छोड़ी।
सुष्मिता देव ने भी उच्च सदन और TMC प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया; असम CM हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद BJP में शामिल होने की अटकलें हैं।
बड़ाईक पश्चिम बंगाल से निर्वाचित TMC के महत्वपूर्ण नेताओं में गिने जाते थे।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने 11 जून को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी को लगातार तीसरा राज्यसभा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल से निर्वाचित बड़ाईक ने अपना इस्तीफा पत्र राज्यसभा के सभापति को भेजा और तत्काल प्रभाव से स्वीकृति की माँग की। इस इस्तीफे के बाद राज्यसभा में TMC के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह गई है।

इस्तीफा पत्र में क्या लिखा

बड़ाईक ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, 'राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मिली हर तरह की मदद और सहयोग के लिए मैं सभापति, उप-सभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो। पार्टी छोड़ने के कारणों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।

पहले दो इस्तीफों का पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही दो बड़े राज्यसभा नुकसान झेल चुकी है। 8 जून को वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता — दोनों से इस्तीफा दिया था। रॉय ने कहा था कि उनका यह निर्णय पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और जनता के जनादेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इसके बाद सुष्मिता देव ने भी उच्च सदन की सदस्यता के साथ-साथ TMC की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

TMC पर राजनीतिक असर

गौरतलब है कि तीन सांसदों का लगातार इस्तीफा TMC के लिए संगठनात्मक दृष्टि से गंभीर संकेत है। राज्यसभा में संख्या बल कमज़ोर होने से पार्टी की विधायी ताकत पर असर पड़ेगा, विशेषकर ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ है। आलोचकों का कहना है कि ये इस्तीफे पार्टी नेतृत्व के प्रति बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाते हैं।

आगे क्या होगा

बड़ाईक के इस्तीफे की औपचारिक स्वीकृति के बाद उनकी सीट रिक्त होगी और नियमानुसार उप-चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। TMC नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में इन नेताओं की अगली राजनीतिक पारी स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दीर्घकालिक रणनीतिक नुकसान है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश चिक बड़ाईक ने TMC से इस्तीफा क्यों दिया?
बड़ाईक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे का कारण सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताया है। उनके इस्तीफा पत्र में केवल तत्काल प्रभाव से सदस्यता छोड़ने की बात कही गई है और सभापति व सचिवालय के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
TMC के राज्यसभा में अब कितने सांसद बचे हैं?
प्रकाश चिक बड़ाईक के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा में 10 सांसद रह गए हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफों से पार्टी की संख्या पहले ही कम हो चुकी थी।
सुष्मिता देव किस पार्टी में शामिल हो सकती हैं?
इस्तीफे के बाद सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालाँकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC क्यों छोड़ी?
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता — दोनों से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर लिया गया है।
TMC के इन इस्तीफों का राजनीतिक महत्व क्या है?
तीन राज्यसभा सांसदों का कुछ दिनों में इस्तीफा TMC के लिए संगठनात्मक संकट का संकेत है। राज्यसभा में संख्या बल कमज़ोर होने से पार्टी की केंद्रीय विधायी भूमिका प्रभावित होगी, और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती है।
राष्ट्र प्रेस
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