TMC को तीसरा राज्यसभा झटका: प्रकाश चिक बड़ाईक ने दिया इस्तीफा, संसद में सांसद घटकर 10
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने 11 जून को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी को लगातार तीसरा राज्यसभा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल से निर्वाचित बड़ाईक ने अपना इस्तीफा पत्र राज्यसभा के सभापति को भेजा और तत्काल प्रभाव से स्वीकृति की माँग की। इस इस्तीफे के बाद राज्यसभा में TMC के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह गई है।
इस्तीफा पत्र में क्या लिखा
बड़ाईक ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, 'राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मिली हर तरह की मदद और सहयोग के लिए मैं सभापति, उप-सभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो। पार्टी छोड़ने के कारणों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।
पहले दो इस्तीफों का पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही दो बड़े राज्यसभा नुकसान झेल चुकी है। 8 जून को वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता — दोनों से इस्तीफा दिया था। रॉय ने कहा था कि उनका यह निर्णय पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और जनता के जनादेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इसके बाद सुष्मिता देव ने भी उच्च सदन की सदस्यता के साथ-साथ TMC की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
TMC पर राजनीतिक असर
गौरतलब है कि तीन सांसदों का लगातार इस्तीफा TMC के लिए संगठनात्मक दृष्टि से गंभीर संकेत है। राज्यसभा में संख्या बल कमज़ोर होने से पार्टी की विधायी ताकत पर असर पड़ेगा, विशेषकर ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ है। आलोचकों का कहना है कि ये इस्तीफे पार्टी नेतृत्व के प्रति बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाते हैं।
आगे क्या होगा
बड़ाईक के इस्तीफे की औपचारिक स्वीकृति के बाद उनकी सीट रिक्त होगी और नियमानुसार उप-चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। TMC नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में इन नेताओं की अगली राजनीतिक पारी स्पष्ट होगी।