टीएमसी छोड़ भाजपा में आए सुखेंदु, सुष्मिता और प्रकाश को राज्यसभा उपचुनाव 2026 का टिकट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव 2026 के लिए तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। पार्टी ने सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक को उम्मीदवार घोषित किया है — तीनों ने उसी दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में तीनों नामों की पुष्टि की गई। सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा से इस्तीफा दिया था, सुष्मिता देव ने 10 जून को और प्रकाश चिक बड़ाइक ने 11 जून को अपना त्यागपत्र सौंपा था।
इस्तीफे के बाद बड़ाइक ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा की थी, जबकि सुष्मिता देव ने नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी।
भाजपा का रुख: अपवाद, नीति नहीं
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि यह दलबदल एक अपवाद है, कोई नीतिगत बदलाव नहीं। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं कि भाजपा टीएमसी के हर सदस्य के लिए दरवाजे खोल देगी।
भट्टाचार्य ने यह भी रेखांकित किया कि तीनों नेताओं का रिकॉर्ड बेदाग है और टीएमसी में रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा।
विधानसभा संख्या बल और जीत की संभावना
पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या समीकरण के अनुसार भाजपा के पास फिलहाल 208 विधायक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बल के साथ तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। किसी भाजपा उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्ष को कम से कम 70 मत जुटाने होंगे, जो फिलहाल उसकी पहुँच से बाहर बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। गौरतलब है कि तीनों नेता संसद के उच्च सदन में टीएमसी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उनके इस्तीफे से राज्यसभा में रिक्तियाँ उत्पन्न हुईं, जिनके लिए यह उपचुनाव हो रहे हैं। यह घटनाक्रम भाजपा की बंगाल में संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
उपचुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा चुनाव आयोग (ECI) की ओर से अपेक्षित है। संख्याबल के आधार पर तीनों उम्मीदवारों की राज्यसभा वापसी लगभग निश्चित मानी जा रही है, जो इस बार भाजपा के बैनर तले होगी।