सुष्मिता देव ने TMC और राज्यसभा से दिया इस्तीफा, हिमंता से मुलाकात के बाद BJP में शामिल होने की अटकलें
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने 10 जून 2026 को उच्च सदन की सदस्यता के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के तुरंत बाद उनकी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उनके संभावित प्रवेश की अटकलों को हवा दे दी है। वह इस सप्ताह TMC और राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली पार्टी की दूसरी वरिष्ठ नेता हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सुष्मिता देव ने अपना इस्तीफा बुधवार, 10 जून को सौंपा। उनका दूसरा राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2024 में शुरू हुआ था और छह वर्षों की पूर्ण अवधि पूरी होने से पहले ही उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफे के बाद उनकी मुख्यमंत्री सरमा से मुलाकात को राजनीतिक हलकों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालाँकि किसी भी पक्ष ने अभी तक BJP में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
TMC में दूसरे इस्तीफे की पृष्ठभूमि
इससे महज दो दिन पहले, 8 जून को TMC के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने भी राज्यसभा सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। रॉय ने अपने फैसले के पीछे पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात को जिम्मेदार ठहराया था। उनके अनुसार राज्य की जनता ने TMC को पूरी तरह नकार दिया है और इसका कारण भ्रष्टाचार, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन तथा कानून-व्यवस्था में गिरावट है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
सुष्मिता देव की राजनीतिक पृष्ठभूमि
सुष्मिता देव कांग्रेस के दिवंगत नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी, पी.वी. नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवाएँ दीं। सुष्मिता ने अपना राजनीतिक सफर असम में कांग्रेस के साथ शुरू किया था।
वह 2014 से 2019 तक असम के बंगाली-बहुल सिलचर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद रहीं। 2019 के आम चुनाव में उन्हें BJP के राजदीप रॉय से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद अगस्त 2021 में उन्होंने TMC का दामन थाम लिया। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में TMC के संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी थी।
राज्यसभा में कार्यकाल
TMC की ओर से सुष्मिता देव दो बार राज्यसभा सदस्य रहीं — पहला कार्यकाल अक्टूबर 2021 से अगस्त 2023 तक और दूसरा अप्रैल 2024 से शुरू हुआ था। अब उन्होंने दूसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है।
आगे क्या
सुष्मिता देव के BJP में शामिल होने की संभावना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में BJP की मजबूत पकड़ और सुष्मिता के उस क्षेत्र में संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए, यदि वह BJP में शामिल होती हैं तो यह पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। TMC के लिए यह एक सप्ताह में दो वरिष्ठ राज्यसभा सांसदों का जाना एक बड़ा झटका माना जा रहा है।