4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC प्रदेश अध्यक्ष पद समेत सभी जिम्मेदारियों से दिया इस्तीफा, ममता को लिखा भावुक पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC प्रदेश अध्यक्ष पद समेत सभी जिम्मेदारियों से दिया इस्तीफा, ममता को लिखा भावुक पत्र

सारांश

चुनावी हार के बाद TMC में बड़ा झटका — प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। दमदम उत्तर में 26,404 मतों की हार और राज्य में TMC का 80 सीटों पर सिमटना, पार्टी के लिए गहरे संगठनात्मक संकट का संकेत है।

मुख्य बातें

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 4 जुलाई 2026 को TMC प्रदेश अध्यक्ष पद सहित पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया।
इस्तीफे की जानकारी उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे पत्र के माध्यम से दी।
उन्हें दमदम उत्तर विधानसभा सीट पर BJP के सौरव सिकदार ने 26,404 मतों के अंतर से हराया था।
विधानसभा चुनाव में TMC केवल 80 सीटें जीत पाई, जबकि BJP ने 207 सीटें हासिल कर सरकार बनाई।
भट्टाचार्य ने पार्टी बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और चुनाव आयोग के समक्ष ममता की अधिकृत प्रतिनिधि की भूमिका से भी खुद को अलग किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 4 जुलाई 2026 को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल TMC अध्यक्ष पद सहित पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब हाल के विधानसभा चुनावों में TMC को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और भट्टाचार्य खुद अपनी सीट हार गईं।

इस्तीफे में क्या कहा

भट्टाचार्य ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वह 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में सौंपे गए अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने पार्टी और उससे जुड़े अन्य संगठनों के विभिन्न बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की जिम्मेदारी से भी स्वयं को अलग करने की घोषणा की।

इसके साथ ही उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में भी अपनी भूमिका वापस लेने की बात कही। पत्र के अंत में उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा कि उनके मन में हमेशा उनके लिए सर्वोच्च सम्मान रहेगा।

चुनावी हार की पृष्ठभूमि

यह इस्तीफा उस चुनावी पराजय के कुछ सप्ताह बाद आया है जब भट्टाचार्य को उत्तर 24 परगना जिले की दमदम उत्तर विधानसभा सीट पर हार झेलनी पड़ी। उन्हें 76,880 मत मिले, किंतु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सौरव सिकदार ने उन्हें 26,404 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।

TMC का राज्यव्यापी खराब प्रदर्शन

भट्टाचार्य की व्यक्तिगत हार TMC के व्यापक संकट की एक कड़ी मात्र है। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 293 में से केवल 80 सीटें ही जीत पाई, जबकि BJP ने 207 सीटें हासिल कर राज्य में सरकार बना ली। गौरतलब है कि यह TMC के लिए दशकों में सबसे बड़ी राजनीतिक उलटफेर है।

आगे क्या होगा

भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद TMC को नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी विधानसभा में विपक्ष की भूमिका में जाने की तैयारी कर रही है। पार्टी के भीतर नेतृत्व संकट और संगठनात्मक पुनर्गठन की चुनौती अब और गहरी हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के संगठनात्मक ढाँचे में गहरी दरार का संकेत है। 293 में से 80 सीटों पर सिमटी पार्टी के सामने अब नेतृत्व शून्य और वैचारिक दिशाहीनता दोनों की चुनौती एक साथ खड़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी को विपक्ष में बैठकर भाजपा सरकार को चुनौती देने की रणनीति तैयार करनी है। बिना मजबूत संगठनात्मक नेतृत्व के, TMC की पुनर्वापसी की राह और कठिन हो सकती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC के किन-किन पदों से इस्तीफा दिया?
उन्होंने TMC के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद, पार्टी के सभी अन्य पद, बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका और भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि की जिम्मेदारी से इस्तीफा दिया।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस्तीफा क्यों दिया?
इस्तीफे का तात्कालिक कारण विधानसभा चुनाव में उनकी व्यक्तिगत हार रही, जहाँ वह दमदम उत्तर सीट पर 26,404 मतों के अंतर से हारीं। इसके साथ ही पूरे राज्य में TMC का खराब प्रदर्शन भी इस निर्णय की पृष्ठभूमि में है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC का प्रदर्शन कैसा रहा?
TMC 293 विधानसभा सीटों में से केवल 80 सीटें जीत पाई। BJP ने 207 सीटें हासिल कर राज्य में सरकार बना ली, जो TMC के लिए बड़ी राजनीतिक उलटफेर रही।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को TMC प्रदेश अध्यक्ष कब बनाया गया था?
उन्हें 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति महज कुछ सप्ताह पहले ही हुई थी।
TMC में अब आगे क्या होगा?
भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद TMC को नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। पार्टी अब विपक्ष की भूमिका में होगी और संगठनात्मक पुनर्गठन उसकी प्राथमिक चुनौती बन गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले