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कमरहाटी नगरपालिका विवाद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कब्जे की राजनीति पर दी कड़ी चेतावनी

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कमरहाटी नगरपालिका विवाद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कब्जे की राजनीति पर दी कड़ी चेतावनी

सारांश

कमरहाटी नगरपालिका में TMC समर्थित पार्षदों ने एक निर्दलीय — भाजपा सांसद के भाई — को चेयरमैन चुना, और अब खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे 'कब्जे की राजनीति' करार देते हुए रिपोर्ट तलब कर ली। पश्चिम बंगाल की स्थानीय निकाय राजनीति में यह नया मोड़ दोनों दलों के लिए असहज करने वाला है।

मुख्य बातें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने 6 जुलाई को कमरहाटी नगरपालिका घटनाक्रम पर सार्वजनिक नाराजगी जताई।
निर्दलीय पार्षद सुशांत चटर्जी — भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई — को 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना।
12 जून को TMC चेयरमैन गोपाल साहा सहित 4 पार्षदों ने इस्तीफे दिए थे।
भट्टाचार्य ने प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती से उसी दिन रिपोर्ट माँगी।
बारानगर, कमरहाटी और बिधाननगर नगरपालिकाओं में भी इसी तरह की 'कब्जे की राजनीति' पर पार्टी की नजर।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने सोमवार, 6 जुलाई को उत्तर 24 परगना जिले की कमरहाटी नगरपालिका में हाल के घटनाक्रम पर खुलकर नाराजगी जाहिर की और पार्टी के प्रदेश महासचिव से उसी दिन रिपोर्ट तलब की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी भी स्तर पर कब्जे की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्य घटनाक्रम

12 जून को कमरहाटी नगरपालिका के तत्कालीन चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद गोपाल साहा ने अपने चेयरमैन पद और पार्षद पद — दोनों से एकसाथ इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वार्ड संख्या 8 के पार्षद दीपांशु घोषाल, वार्ड संख्या 19 की पार्षद लक्ष्मी विश्वास और वार्ड संख्या 27 के पार्षद श्यामल चक्रवर्ती ने भी अपने पदों से इस्तीफे दे दिए।

इस्तीफों की इस श्रृंखला के बाद भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई और निर्दलीय पार्षद सुशांत चटर्जी का नाम चेयरमैन पद के प्रमुख दावेदार के रूप में उभरा। पिछले शुक्रवार को आयोजित बोर्ड बैठक में TMC समर्थित पार्षदों सहित उपस्थित 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से सुशांत चटर्जी को नगरपालिका का नया चेयरमैन चुन लिया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

सामिक भट्टाचार्य उस दिन कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जो भी आए, खुद को कोलकाता नगर निगम या बारानगर, कमरहाटी और बिधाननगर जैसी नगरपालिकाओं का पार्षद बना ले और पार्टी चुपचाप उसे स्वीकार कर ले, ऐसा नहीं हो सकता। कब्जे की राजनीति को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट भाजपा के प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को सोमवार के अंत तक सौंपी जानी होगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस का कई स्थानीय निकायों पर नियंत्रण कमजोर हुआ है। गौरतलब है कि कमरहाटी नगरपालिका में TMC समर्थित पार्षदों का ही समर्थन एक निर्दलीय उम्मीदवार को मिला, जो भाजपा सांसद के परिवार से जुड़े हैं — इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्थानीय निकायों में वफादारियाँ किस दिशा में जा रही हैं।

सुशांत चटर्जी के चेयरमैन बनने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि कमरहाटी नगरपालिका पर अब भाजपा का प्रभाव स्थापित हो गया है। हालाँकि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया ने संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम से पूरी तरह सहमत नहीं है।

आगे क्या होगा

प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती की रिपोर्ट के बाद भाजपा नेतृत्व कमरहाटी, बारानगर और बिधाननगर नगरपालिकाओं में पार्टी की स्थिति की समीक्षा कर सकता है। इस पूरे प्रकरण ने पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय राजनीति को नई गर्माहट दे दी है और आने वाले दिनों में भाजपा के आंतरिक अनुशासन की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ पार्टी अध्यक्ष इसे 'कब्जे की राजनीति' बताते हैं। यह सवाल उठता है कि क्या यह नाराजगी वास्तविक अनुशासनात्मक कार्रवाई की ओर ले जाएगी, या महज सार्वजनिक दूरी बनाने की कोशिश है। TMC समर्थित पार्षदों का एक भाजपा-संबद्ध निर्दलीय को समर्थन देना भी संकेत देता है कि राज्य के स्थानीय निकायों में वफादारियाँ तरल हो रही हैं — और दोनों दलों के लिए यह असहज करने वाली स्थिति है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमरहाटी नगरपालिका विवाद क्या है?
TMC चेयरमैन गोपाल साहा के इस्तीफे के बाद भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के भाई सुशांत चटर्जी को 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से नया चेयरमैन चुना। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने इसे 'कब्जे की राजनीति' बताते हुए रिपोर्ट तलब की।
सुशांत चटर्जी कमरहाटी के चेयरमैन कैसे बने?
गोपाल साहा और तीन अन्य पार्षदों के इस्तीफे के बाद हुई बोर्ड बैठक में TMC समर्थित पार्षदों सहित उपस्थित सभी 27 पार्षदों ने निर्दलीय पार्षद सुशांत चटर्जी को सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना। सुशांत, भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किससे रिपोर्ट माँगी है?
सामिक भट्टाचार्य ने प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती से 6 जुलाई, सोमवार के अंत तक पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
TMC का कमरहाटी नगरपालिका में क्या हुआ?
12 जून को TMC के चेयरमैन गोपाल साहा ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दिया, इसके बाद तीन और TMC पार्षदों ने भी इस्तीफे दे दिए। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC का कई स्थानीय निकायों पर नियंत्रण कमजोर हुआ है।
क्या इस विवाद से भाजपा में आंतरिक मतभेद सामने आए हैं?
हाँ, भाजपा सांसद के परिवार का सदस्य नगरपालिका की कुर्सी पर बैठा, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने इसे 'कब्जे की राजनीति' बताते हुए असहमति जताई। यह पार्टी के भीतर अनुशासन और स्थानीय निकाय प्रबंधन को लेकर आंतरिक तनाव का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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