कमरहाटी नगरपालिका विवाद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कब्जे की राजनीति पर कड़ी चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने 7 जुलाई 2025 को उत्तर 24 परगना जिले की कमरहाटी नगरपालिका में हाल के घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से कड़ी नाराजगी जताई और पूरे मामले की रिपोर्ट तत्काल तलब की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी किसी भी स्तर पर 'कब्जे की राजनीति' को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्य घटनाक्रम
12 जून को कमरहाटी नगरपालिका के तत्कालीन चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद गोपाल साहा ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वार्ड संख्या 8 के पार्षद दीपांशु घोषाल, वार्ड संख्या 19 की पार्षद लक्ष्मी विश्वास और वार्ड संख्या 27 के पार्षद श्यामल चक्रवर्ती ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
पिछले शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में TMC समर्थित पार्षदों सहित मौजूद 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से सुशांत चटर्जी को नगरपालिका का नया चेयरमैन चुन लिया। गौरतलब है कि सुशांत चटर्जी भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई हैं और निर्दलीय पार्षद के रूप में चुने गए थे।
भाजपा की प्रतिक्रिया
सामिक भट्टाचार्य सोमवार को भाजपा के संस्थापक नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जो भी आए, खुद को कोलकाता नगर निगम या बारानगर, कमरहाटी और बिधाननगर जैसी नगरपालिकाओं का पार्षद बना ले और पार्टी चुपचाप उसे स्वीकार कर ले, ऐसा नहीं हो सकता। कब्जे की राजनीति को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट भाजपा के प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को सौंपी जाएगी और रिपोर्ट उसी दिन यानी सोमवार के अंत तक माँगी गई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस का कई स्थानीय निकायों पर नियंत्रण कमज़ोर पड़ा है। कमरहाटी नगरपालिका पर भाजपा के प्रभाव की चर्चाएँ सुशांत चटर्जी के चेयरमैन बनने के बाद तेज़ हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि TMC समर्थित पार्षदों का एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देना राज्य की बदलती राजनीतिक समीकरणों का संकेत है।
आम जनता और स्थानीय प्रशासन पर असर
कमरहाटी नगरपालिका उत्तर 24 परगना के एक घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र को कवर करती है। नेतृत्व परिवर्तन और उसके बाद उठे विवाद से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। नागरिक संगठनों ने माँग की है कि जो भी नेतृत्व हो, नगरपालिका की बुनियादी सेवाएँ बाधित न हों।
क्या होगा आगे
भाजपा प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह देखना होगा कि क्या भाजपा नेतृत्व सुशांत चटर्जी की चेयरमैनशिप को औपचारिक रूप से स्वीकार करता है या अनुशासनात्मक कदम उठाता है।