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कमरहाटी नगरपालिका विवाद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कब्जे की राजनीति पर कड़ी चेतावनी दी

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कमरहाटी नगरपालिका विवाद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कब्जे की राजनीति पर कड़ी चेतावनी दी

सारांश

कमरहाटी नगरपालिका में TMC समर्थित पार्षदों के सहयोग से भाजपा सांसद की पारिवारिक कड़ी वाले निर्दलीय सुशांत चटर्जी का चेयरमैन बनना पश्चिम बंगाल की बदलती स्थानीय राजनीति का दर्पण है — और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सार्वजनिक नाराजगी बताती है कि यह 'जीत' पार्टी के लिए उतनी सरल नहीं है।

मुख्य बातें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कमरहाटी नगरपालिका विवाद पर सार्वजनिक नाराजगी जताई और रिपोर्ट तलब की।
भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई सुशांत चटर्जी को TMC समर्थित 27 पार्षदों की सर्वसम्मति से नगरपालिका का चेयरमैन चुना गया।
TMC पार्षद गोपाल साहा ने 12 जून को चेयरमैन और पार्षद दोनों पदों से इस्तीफा दिया था।
भाजपा प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को उसी दिन मामले की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।
भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि बारानगर, कमरहाटी और बिधाननगर जैसी नगरपालिकाओं में 'कब्जे की राजनीति' किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने 7 जुलाई 2025 को उत्तर 24 परगना जिले की कमरहाटी नगरपालिका में हाल के घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से कड़ी नाराजगी जताई और पूरे मामले की रिपोर्ट तत्काल तलब की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी किसी भी स्तर पर 'कब्जे की राजनीति' को बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्य घटनाक्रम

12 जून को कमरहाटी नगरपालिका के तत्कालीन चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद गोपाल साहा ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वार्ड संख्या 8 के पार्षद दीपांशु घोषाल, वार्ड संख्या 19 की पार्षद लक्ष्मी विश्वास और वार्ड संख्या 27 के पार्षद श्यामल चक्रवर्ती ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

पिछले शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में TMC समर्थित पार्षदों सहित मौजूद 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से सुशांत चटर्जी को नगरपालिका का नया चेयरमैन चुन लिया। गौरतलब है कि सुशांत चटर्जी भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई हैं और निर्दलीय पार्षद के रूप में चुने गए थे।

भाजपा की प्रतिक्रिया

सामिक भट्टाचार्य सोमवार को भाजपा के संस्थापक नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जो भी आए, खुद को कोलकाता नगर निगम या बारानगर, कमरहाटी और बिधाननगर जैसी नगरपालिकाओं का पार्षद बना ले और पार्टी चुपचाप उसे स्वीकार कर ले, ऐसा नहीं हो सकता। कब्जे की राजनीति को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट भाजपा के प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को सौंपी जाएगी और रिपोर्ट उसी दिन यानी सोमवार के अंत तक माँगी गई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस का कई स्थानीय निकायों पर नियंत्रण कमज़ोर पड़ा है। कमरहाटी नगरपालिका पर भाजपा के प्रभाव की चर्चाएँ सुशांत चटर्जी के चेयरमैन बनने के बाद तेज़ हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि TMC समर्थित पार्षदों का एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देना राज्य की बदलती राजनीतिक समीकरणों का संकेत है।

आम जनता और स्थानीय प्रशासन पर असर

कमरहाटी नगरपालिका उत्तर 24 परगना के एक घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र को कवर करती है। नेतृत्व परिवर्तन और उसके बाद उठे विवाद से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। नागरिक संगठनों ने माँग की है कि जो भी नेतृत्व हो, नगरपालिका की बुनियादी सेवाएँ बाधित न हों।

क्या होगा आगे

भाजपा प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह देखना होगा कि क्या भाजपा नेतृत्व सुशांत चटर्जी की चेयरमैनशिप को औपचारिक रूप से स्वीकार करता है या अनुशासनात्मक कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय सत्ता-समीकरणों से भी संचालित हो रही है। भाजपा नेतृत्व के लिए असली चुनौती यह है कि वह अपने ही नेताओं के परिजनों से जुड़े मामलों में अनुशासन कितना लागू कर पाती है — विशेषकर जब TMC के कमज़ोर पड़ने का राजनीतिक लाभ उठाने की होड़ हो।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमरहाटी नगरपालिका विवाद क्या है?
TMC पार्षद गोपाल साहा के इस्तीफे के बाद भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के भाई सुशांत चटर्जी को TMC समर्थित पार्षदों की मदद से कमरहाटी नगरपालिका का चेयरमैन चुना गया। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सामिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को नगरपालिका का पार्षद बना ले और पार्टी चुपचाप स्वीकार करे, यह संभव नहीं है। उन्होंने कब्जे की राजनीति को किसी भी कीमत पर न चलने देने की चेतावनी दी।
सुशांत चटर्जी कौन हैं और उन्हें कैसे चुना गया?
सुशांत चटर्जी भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी के बड़े भाई और निर्दलीय पार्षद हैं। पिछले शुक्रवार को बोर्ड बैठक में मौजूद 27 पार्षदों ने सर्वसम्मति से उन्हें कमरहाटी नगरपालिका का चेयरमैन चुना, जिसमें TMC समर्थित पार्षदों का भी समर्थन शामिल था।
भाजपा ने इस मामले में आगे क्या कदम उठाए?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने प्रदेश महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को उसी दिन पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई तय करेगी।
कमरहाटी नगरपालिका में TMC का नेतृत्व क्यों बदला?
12 जून को TMC पार्षद और तत्कालीन चेयरमैन गोपाल साहा ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद तीन अन्य TMC पार्षदों ने भी इस्तीफा दिया, जिससे नेतृत्व का रास्ता खाली हुआ और सुशांत चटर्जी प्रमुख दावेदार बने।
राष्ट्र प्रेस
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