समिक भट्टाचार्य बोले: 'भाजपा बदले की राजनीति नहीं करती', TMC शराब घोटाले पर ED-CBI की कार्रवाई स्वतंत्र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 7 जून 2026 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अभिषेक बनर्जी से जुड़े कथित शराब घोटाले में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पूरी तरह स्वतंत्र है और इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार की बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखती और कानून अपने तय रास्ते पर चलेगा।
एजेंसियों की कार्रवाई पर भाजपा का रुख
भट्टाचार्य ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियाँ अपने नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार कार्य कर रही हैं। उन्होंने जोड़ा, 'इस पर भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर अंदरूनी खींचतान और टूट की खबरें सामने आ रही हैं।
2021 के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा का संदर्भ
भट्टाचार्य ने 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि नतीजों के 27 दिनों के भीतर 56 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। उनके अनुसार, कई महिला कार्यकर्ताओं ने TMC नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए थे, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा ने पोस्ट-पोल हिंसा के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया है।
पश्चिम बंगाल में विकास और निवेश की संभावनाएँ
भट्टाचार्य ने राज्य में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में प्राकृतिक संसाधन, भौगोलिक स्थिति, मजबूत कृषि, उपजाऊ भूमि और कुशल श्रमिक बल जैसे अनुकूल कारक मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि टाटा जैसे बड़े औद्योगिक समूह एक बार फिर राज्य में निवेश के लिए आकर्षित हो सकते हैं। उनके अनुसार, पहले निवेश की कमी राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव के कारण थी।
100 दिनों में बदलाव का वादा
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य राज्य में शांति, रोजगार, निवेश और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने पलायन रोकने, शिक्षा व्यवस्था सुधारने और नागरिकों को बेहतर जीवन देने को प्राथमिकता बताया। उन्होंने दावा किया कि आगामी 100 दिनों में राज्य में विकास के ठोस संकेत दिखाई देने लगेंगे और जनता बदलाव महसूस करेगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर अभिषेक बनर्जी के धड़े से जुड़े कथित शराब घोटाले की जाँच तेज हो रही है और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार विपक्ष के निशाने पर है। आलोचकों का कहना है कि भाजपा का यह 'तटस्थता' का बयान रणनीतिक है, जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से पार्टी को दूर दिखाने की कोशिश है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि जाँच एजेंसियाँ इस मामले में क्या कदम उठाती हैं।