TMC में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: अभिषेक बनर्जी फिर राष्ट्रीय महासचिव, चंद्रिमा भट्टाचार्य बनीं प्रदेश अध्यक्ष
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने 5 जून 2026 को पार्टी संगठन में व्यापक फेरबदल करते हुए अपने भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाए रखा है। इस बार राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को डिप्टी जनरल सेक्रेटरी नियुक्त कर उनके साथ दो उप महासचिव जोड़े गए हैं — जिसे राजनीतिक जानकार संगठनात्मक संतुलन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव
पश्चिम बंगाल TMC इकाई के प्रदेश अध्यक्ष पद पर सुब्रत बख्शी की जगह चंद्रिमा भट्टाचार्य को नियुक्त किया गया है। बख्शी लंबे समय से स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों से पद छोड़ने की इच्छा जता रहे थे। चंद्रिमा भट्टाचार्य पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रह चुकी हैं और पार्टी की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती हैं।
प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष पद पर लोकसभा सांसद सजदा अहमद, राज्यसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर, विधायक नयन बंदोपाध्याय और वरिष्ठ नेता स्वैत खोंडकर को नियुक्त किया गया है।
महासचिव और कार्यकारी समिति
प्रदेश महासचिव के रूप में बाबर अली, पुलक रॉय, असीमा पात्रा, अरूप बिस्वास और राजीव बनर्जी को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें असीमा पात्रा वर्तमान में TMC विधायक भी हैं। राज्य समिति के कार्यकारी सदस्यों में ज्योतिप्रिय मल्लिक, डॉ. राणा चटर्जी, बिदेश बोस, त्रिणांकुर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तपस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देव को शामिल किया गया है।
युवा, महिला और छात्र संगठन में नई कमान
पार्टी के युवा संगठन की अध्यक्षता अभिनेत्री से नेता बनीं और लोकसभा सांसद सायोनी घोष को सौंपी गई है, जबकि पूर्व विधायक मधुरिमा ठाकुर महासचिव होंगी। महिला संगठन की कमान लोकसभा सांसद माला रॉय को दी गई है। छात्र संगठन की महासचिव प्रियंका अधिकारी होंगी।
पूर्व मंत्री मलय घटक को पार्टी की ट्रेड यूनियन विंग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि किसान और कृषि मजदूर प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी बेचाराम मन्ना और पूर्णेंदु बोस को दी गई है।
प्रवक्ता और राजनीतिक निहितार्थ
चंद्रिमा भट्टाचार्य, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा और कुणाल घोष पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी के साथ दो उप महासचिवों की नियुक्ति के बाद संगठनात्मक फैसले पहले की तरह पूरी तरह एकतरफा लेना अब संभव नहीं होगा। यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और TMC अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने में जुटी है।