हिमंता बिस्वा सरमा का इस्तीफा, BJP को असम में 82 सीटें; तीसरी बार सरकार बनाने की राह साफ
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 6 मई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने स्वीकार कर लिया। असम विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद दिसपुर में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्यपाल ने सरमा से नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व निभाने का अनुरोध किया है।
चुनाव परिणाम: BJP का प्रचंड बहुमत
126 सदस्यीय असम विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को मात्र 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा। गठबंधन सहयोगियों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) ने 10-10 सीटें जीतीं।
अन्य दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और रायजोर दल को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 1 सीट के साथ अपना खाता खोला। BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की यह जीत राज्य में पार्टी की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करती है।
इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया
सरमा ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ सामूहिक इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा, जो संवैधानिक परंपरा के अनुरूप है। गौरतलब है कि चुनाव परिणामों की अधिसूचना जारी होते ही सत्तारूढ़ सरकार का इस प्रकार इस्तीफा देना भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में सरमा केवल नियमित प्रशासनिक कार्य संभालेंगे और कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे।
आगे क्या होगा
अब BJP विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी लगातार तीसरी बार असम में सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है — एक उपलब्धि जो राज्य में BJP की दीर्घकालिक राजनीतिक स्थिरता को दर्शाती है। विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख की घोषणा की जाएगी।
जनादेश पर पार्टी की प्रतिक्रिया
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पूरे असम में BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच उत्साह का माहौल देखा गया। पार्टी नेताओं ने इस जनादेश को सरकार की विकास नीतियों और सुशासन पर जनता के भरोसे का प्रमाण बताया। विपक्षी कांग्रेस की मात्र 19 सीटों पर सिमटी उपस्थिति यह संकेत देती है कि राज्य में विपक्ष को अपनी रणनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा।
फिलहाल सरमा कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में तब तक कार्यरत रहेंगे, जब तक नई सरकार औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण नहीं कर लेती।