असम BJP की मतगणना पूर्व वर्चुअल बैठक: हिमंता बिस्वा सरमा ने की समीक्षा, तीसरी बार सत्ता का लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार, 3 मई को असम विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक रात पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों, सांसदों, राज्य पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ एक वर्चुअल समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मतगणना दिवस की तैयारियों, बूथ स्तरीय निगरानी और परिणाम के बाद की संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुआ
BJP सूत्रों के अनुसार, इस ऑनलाइन बैठक में समन्वय, मतगणना व्यवस्था और परिणाम के बाद की रणनीति पर केंद्रित चर्चा की गई। राज्य BJP अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी इस बैठक में उपस्थित रहे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जिलावार अपडेट की समीक्षा की और स्थानीय इकाइयों को सतर्क रहने तथा मतगणना एजेंटों एवं चुनाव प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया।
मतगणना की व्यवस्था
126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतगणना सोमवार सुबह राज्य भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। चुनाव आयोग (ECI) के दिशानिर्देशों के अनुसार पहले डाक मतपत्रों की गिनती हुई, इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से डाले गए मतों की गिनती की गई। विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है।
एग्जिट पोल और अनुमान
कई एग्जिट पोल सर्वेक्षणों में असम में BJP की निर्णायक जीत का अनुमान लगाया गया है। अधिकांश सर्वेक्षणकर्ताओं के अनुसार सत्तारूढ़ BJP 126 सदस्यीय विधानसभा में 80 से अधिक सीटें जीत सकती है, जो बहुमत के आँकड़े से काफी ऊपर है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने भी कड़ी टक्कर देने का दावा किया है।
राजनीतिक महत्व
सत्तारूढ़ BJP के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद संभालने वाले हिमंता बिस्वा सरमा के लिए यह चुनाव उनके नेतृत्व की व्यक्तिगत परीक्षा भी है। यदि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पूर्वोत्तर राज्य में BJP के लिए एक और जबरदस्त जनादेश होगा और सरमा के नेतृत्व को और मज़बूती मिलेगी।
आगे क्या
मतगणना के परिणाम स्पष्ट होने के साथ ही यह तय होगा कि असम की सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी। राज्य की राजनीति में यह परिणाम पूर्वोत्तर भारत में BJP की समग्र रणनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देगा।