गैलेक्सीआई का 'मिशन दृष्टि' स्पेसएक्स फाल्कन 9 से लॉन्च, भारतीय निजी कंपनी का सबसे बड़ा उपग्रह अंतरिक्ष में
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सीआई का उपग्रह 'मिशन दृष्टि' रविवार, 3 मई 2026 को कैलिफोर्निया से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया। 190 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है और इसमें दुनिया की पहली ऑप्टोसार हाइब्रिड इमेजिंग प्रणाली लगी है।
मिशन दृष्टि में क्या है खास
इस उपग्रह की सबसे अनूठी विशेषता इसकी ऑप्टोसार तकनीक है — एक हाइब्रिड प्रणाली जो एक ही प्लेटफॉर्म पर मल्टीस्पेक्ट्रल ऑप्टिकल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) को एकीकृत करती है। परंपरागत रूप से उपग्रह या तो ऑप्टिकल सेंसर पर निर्भर होते हैं या रडार पर — दोनों को एक साथ एक ही उपग्रह में जोड़ना अब तक वैश्विक स्तर पर नहीं हुआ था।
ऑप्टिकल सिस्टम विस्तृत और रंगीन तस्वीरें लेते हैं, लेकिन बादल और अंधेरे में इनकी क्षमता सीमित हो जाती है। रडार सिस्टम बादलों के पार और रात में भी काम करता है, परंतु उसकी छवियाँ अपेक्षाकृत कम स्पष्ट होती हैं। ऑप्टोसार दोनों की खामियों को दूर करते हुए एक ही समय में दोनों तरह का डेटा कैप्चर करता है और उन्हें एकीकृत छवि में परिवर्तित करता है।
हर मौसम में पृथ्वी अवलोकन की क्षमता
गैलेक्सीआई के अनुसार, मिशन दृष्टि बादल छाए रहने पर भी पृथ्वी की अत्यंत उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। यह भारत के सबसे उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रहों में से एक माना जा रहा है। यह निरंतर और हर मौसम में पृथ्वी अवलोकन को संभव बनाता है — जो रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारतीय दूतावास और सरकार की प्रतिक्रिया
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,