9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इमरान खान की कैद के 1,000 दिन: पीटीआई ने हिरासत को बताया राजनीतिक बदला, तत्काल रिहाई की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इमरान खान की कैद के 1,000 दिन: पीटीआई ने हिरासत को बताया राजनीतिक बदला, तत्काल रिहाई की माँग

सारांश

इमरान खान की कैद के 1,000 दिन — यह महज एक आँकड़ा नहीं, बल्कि पाकिस्तान में लोकतंत्र की बिगड़ती सेहत का प्रतीक है। 85% आँखों की रोशनी जाने, एकांत कारावास और परिवार से मुलाकात पर रोक — PTI का कहना है कि यह न्याय नहीं, राजनीतिक बदला है।

मुख्य बातें

इमरान खान की हिरासत के 1,000 दिन पूरे होने पर PTI ने इसे राजनीतिक बदला बताते हुए तत्काल रिहाई की माँग की।
PTI सूचना सचिव वकास अकरम के अनुसार इमरान खान और बुशरा बीबी के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।
बैरिस्टर सलमान सफदर ने बताया कि इमरान खान की आँखों की रोशनी 85 प्रतिशत तक कम हो चुकी है।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट में 190 मिलियन पाउंड के मामले में जल्द सुनवाई का संकेत मिला है।
बेटे कासिम खान ने जिनेवा में UNHRC सत्र में पाकिस्तान सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया।
पाकिस्तान पर GSP-प्लस ढाँचे के तहत मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का दबाव बढ़ रहा है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 3 मई 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत के 1,000 दिन पूरे होने पर कड़ी निंदा करते हुए इसे "साफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई" करार दिया और उनकी तत्काल रिहाई की माँग की। पार्टी का कहना है कि इस हिरासत का कोई संवैधानिक या कानूनी आधार नहीं है।

पीटीआई का आरोप: राजनीतिक दमन

गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, PTI के केंद्रीय सूचना सचिव वकास अकरम ने बयान में कहा कि पीटीआई संस्थापक इमरान खान को उनकी लोकप्रियता और स्वतंत्र सोच के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उन्हें जानबूझकर साइडलाइन करने की कोशिश कर रही है।

अकरम ने यह भी कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार, इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है और परिवार, वकीलों तथा पार्टी नेतृत्व को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा — जो कि बुनियादी मानव और कानूनी अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

अदालत में सुनवाई और स्वास्थ्य की चिंता

गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इमरान खान और बुशरा बीबी के 190 मिलियन पाउंड वाले मामले में अपील और सजा निलंबन की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने एकांत कारावास और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताएँ उठाईं, जिसके बाद अदालत ने जल्द सुनवाई का संकेत दिया।

इमरान खान की ओर से बैरिस्टर सलमान सफदर पेश हुए, जबकि नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की तरफ से जावेद अशरफ और रफी मकसूद ने पक्ष रखा। सलमान सफदर ने बताया कि उन्होंने 8 अप्रैल को इमरान खान से मुलाकात की थी, लेकिन स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उन्हें बुशरा बीबी से मिलने नहीं दिया गया।

सफदर ने इमरान खान की सेहत से जुड़ी गंभीर बातें भी उठाईं और बताया कि उनकी आँखों की रोशनी 85 प्रतिशत तक कम हो चुकी है और उन्हें एक आँख से भी ठीक से दिखाई नहीं देता।

संयुक्त राष्ट्र मंच पर बेटे की आवाज़

इससे पहले मार्च में इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपने पिता की हिरासत को "मनमाना" बताते हुए पाकिस्तान सरकार से उनके साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का उल्लंघन है।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र के दौरान कासिम खान ने कहा कि इमरान खान का मामला कोई अलग घटना नहीं, बल्कि 2022 के बाद पाकिस्तान में दमन की एक बड़ी लहर का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने राजनीतिक कैदियों की गिरफ्तारी, सैन्य अदालतों में नागरिकों पर मुकदमे और पत्रकारों को "चुप कराने, अगवा करने या देश छोड़ने पर मजबूर करने" जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, कासिम खान ने यह भी कहा कि इमरान खान को एकांत में रखा गया है, परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा और इलाज भी नहीं मिल रहा। उन्होंने फरवरी 2024 के आम चुनावों में धाँधली के आरोपों का भी उल्लेख किया।

कासिम खान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने GSP-प्लस ढाँचे के तहत कई मानवाधिकार समझौतों का पालन करने का वादा किया है, जिनमें नागरिक और राजनीतिक अधिकारों का अंतरराष्ट्रीय समझौता और यातना के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन शामिल हैं।

परिवार की पीड़ा: कासिम का भावुक बयान

कासिम खान ने कहा, "मैं और मेरा भाई कोई राजनीतिक लोग नहीं हैं। हम कभी भी ऐसे मंचों पर आना नहीं चाहते थे। लेकिन मेरे पिता की हालत ने हमें मजबूर कर दिया है। हम चुप नहीं रह सकते जब उनकी सेहत बिगड़ रही है और उन्हें हमसे दूर रखा जा रहा है।" यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की बढ़ती आलोचना का हिस्सा बन गया है।

आगे क्या होगा

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने जल्द सुनवाई का संकेत दिया है, लेकिन PTI की ओर से अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिशें जारी हैं। गौरतलब है कि GSP-प्लस के तहत यूरोपीय संघ भी पाकिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति पर नज़र रखता है, जो इस मामले को कूटनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 दिन पाकिस्तान की न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं — खासकर तब जब बचाव पक्ष के वकील अदालती आदेश के बावजूद बुशरा बीबी से नहीं मिल पाए। 85% दृष्टि हानि और एकांत कारावास के आरोप अगर सत्य हैं, तो यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि न्यूनतम मानवीय मानकों की विफलता है। GSP-प्लस के तहत यूरोपीय संघ की नज़र और UNHRC मंच पर कासिम खान की आवाज़ इस मामले को अब घरेलू राजनीति से बाहर ले जा चुकी है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह कूटनीतिक लागत बढ़ने का संकेत है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान को कितने दिनों से हिरासत में रखा गया है?
3 मई 2026 तक इमरान खान की हिरासत के 1,000 दिन पूरे हो चुके हैं। PTI ने इस हिरासत को राजनीतिक बदला बताते हुए इसे संवैधानिक और कानूनी रूप से निराधार करार दिया है।
इमरान खान की सेहत की मौजूदा स्थिति क्या है?
बैरिस्टर सलमान सफदर के अनुसार इमरान खान की आँखों की रोशनी 85 प्रतिशत तक कम हो चुकी है और उन्हें एक आँख से भी ठीक से दिखाई नहीं देता। बचाव पक्ष ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताएँ उठाई हैं।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इमरान खान के मामले की क्या स्थिति है?
इस्लामाबाद हाईकोर्ट में 190 मिलियन पाउंड के मामले में अपील और सजा निलंबन की याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। अदालत ने जल्द सुनवाई का संकेत दिया है।
कासिम खान ने UNHRC में क्या कहा?
जिनेवा में UNHRC सत्र के दौरान कासिम खान ने कहा कि उनके पिता का मामला 2022 के बाद पाकिस्तान में दमन की बड़ी लहर का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने राजनीतिक कैदियों की गिरफ्तारी, सैन्य अदालतों में नागरिकों पर मुकदमे और पत्रकारों के उत्पीड़न का भी उल्लेख किया।
GSP-प्लस का इस मामले से क्या संबंध है?
पाकिस्तान ने GSP-प्लस ढाँचे के तहत यूरोपीय संघ को मानवाधिकार समझौतों का पालन करने का वादा किया है, जिनमें नागरिक-राजनीतिक अधिकारों का अंतरराष्ट्रीय समझौता और यातना-विरोधी UN कन्वेंशन शामिल हैं। कासिम खान के अनुसार इमरान खान की हिरासत इन प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले