राजस्थान के झालावाड़ में लड़की भगाने पर दो पक्षों में हिंसक झड़प, दुकान में आग; 4 घायल

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राजस्थान के झालावाड़ में लड़की भगाने पर दो पक्षों में हिंसक झड़प, दुकान में आग; 4 घायल

सारांश

राजस्थान के झालावाड़ जिले में लड़की भगाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया — पंचायत बैठक बिगड़ी, दुकान में आग लगाई गई और 4 लोग घायल हुए। यह घटना ग्रामीण विवाद सुलझाने की प्रक्रिया की कमज़ोरी को उजागर करती है।

Key Takeaways

3 मई को झालावाड़ के पालियाखेड़ी गांव में दो पक्षों के बीच हिंसक मारपीट हुई। विवाद की जड़ कांदलखेड़ी गांव की एक लड़की को हरीशपुर गांव के लड़के द्वारा भगाए जाने से जुड़ी है। हमलावरों ने लकड़ी और पत्थर से हमला किया और एक दुकान में आग लगा दी, सामान जलकर राख हुआ। घायल लीलाबाई, पद्मा, ईश्वर और सब्बा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भवानीमंडी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँचे; स्थिति नियंत्रण में, गांव में पुलिस तैनात ।

राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी थाना क्षेत्र के पालियाखेड़ी गांव में 3 मई को दो पक्षों के बीच हिंसक मारपीट हुई, जिसमें 4 लोग घायल हो गए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ एक दुकान में आग भी लगा दी, जिससे दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, भवानीमंडी क्षेत्र के कांदलखेड़ी गांव की एक लड़की को हरीशपुर गांव का एक लड़का भगाकर ले गया था। इस मामले में लड़की के परिजनों ने रविवार सुबह भवानीमंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद गांव में पंचायत और समाज के प्रबुद्ध लोगों के बीच एक बैठक आयोजित की गई।

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान बातचीत बिगड़ गई और कांदलखेड़ी गांव के लड़की पक्ष के लोगों ने पालियाखेड़ी गांव में लड़के के रिश्तेदार के मकान में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और हमला कर दिया। हमलावरों ने लकड़ी और पत्थर से हमला किया तथा एक दुकान में आग लगा दी।

घायलों की स्थिति

मारपीट में घायल लीलाबाई, पद्मा, ईश्वर और सब्बा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल ईश्वर ने राष्ट्र प्रेस को बताया,

Point of View

तो यह सवाल उठता है कि बिना प्रशिक्षित मध्यस्थता के ऐसी पंचायतें जोखिम को कम करती हैं या बढ़ाती हैं। राजस्थान में ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं जहाँ 'सामाजिक न्याय' के नाम पर भीड़ कानून अपने हाथ में ले लेती है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए ग्रामीण विवाद-निवारण तंत्र को कानूनी ढाँचे के भीतर मज़बूत करना अनिवार्य है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

झालावाड़ पालियाखेड़ी गांव में मारपीट क्यों हुई?
पुलिस के अनुसार, कांदलखेड़ी गांव की एक लड़की को हरीशपुर गांव का एक लड़का भगाकर ले गया था। इस विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत बैठक के दौरान बात बिगड़ गई और लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के के रिश्तेदारों के घर पर हमला कर दिया।
इस घटना में कितने लोग घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
मारपीट में 4 लोग — लीलाबाई, पद्मा, ईश्वर और सब्बा — घायल हुए। सभी को झालावाड़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दुकान में आग कैसे लगी?
पुलिस के बयान के अनुसार, हमलावरों ने तोड़फोड़ के दौरान एक दुकान में जानबूझकर आग लगा दी। दमकल गाड़ी के पहुँचने पर आग पर काबू पाया गया, लेकिन दुकान का सामान जलकर राख हो गया।
पुलिस ने घटना के बाद क्या कार्रवाई की?
सूचना मिलते ही भवानीमंडी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँचे। आग बुझाई गई और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। फिलहाल गांव में पुलिस तैनात है, हालांकि अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
क्या इस मामले में कोई FIR दर्ज हुई है?
लड़की के परिजनों की ओर से रविवार सुबह भवानीमंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। हमले और आगजनी के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी अधिकारियों द्वारा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
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