श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद: कर्नाटक BJP ने डिप्टी CM शिवकुमार की टिप्पणी को न्यायपालिका का अपमान बताया

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श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद: कर्नाटक BJP ने डिप्टी CM शिवकुमार की टिप्पणी को न्यायपालिका का अपमान बताया

सारांश

श्रृंगेरी पुनर्गणना के बाद कर्नाटक में सियासी तापमान चढ़ा। BJP ने डिप्टी CM शिवकुमार के 'आपराधिक साजिश' वाले बयान को न्यायपालिका का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस कानूनी लड़ाई का संकेत दे रही है। उच्च न्यायालय के आदेश पर हुई यह पुनर्गणना अब एक बड़े संवैधानिक विवाद में तब्दील हो गई है।

Key Takeaways

कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रृंगेरी विधानसभा में 2023 चुनाव के डाक मतपत्रों की पुनर्गणना पूरी हुई। BJP उम्मीदवार डीएन जीवराज के पक्ष में परिणाम आने पर BJP ने जीत का दावा किया। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रक्रिया को ' बड़े पैमाने पर साजिश और सुनियोजित अपराध ' बताया। विपक्ष के नेता चालवाडी टी. नारायणस्वामी ने शिवकुमार की टिप्पणी को ' बचकाना ' और न्यायपालिका का अपमान करार दिया। BJP ने कांग्रेस पर चुनावी हार न स्वीकार करने और संवैधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक सवाल उठाने का आरोप लगाया।

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने रविवार, 4 मई 2025 को श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र की पुनर्गणना प्रक्रिया पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। BJP ने इन टिप्पणियों को 'बचकाना' करार देते हुए आरोप लगाया कि ये संविधान और न्यायपालिका की गरिमा के विरुद्ध हैं। कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर 2023 के विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्रों के पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना पूरी होने के बाद BJP ने चिक्कमगलुरु जिले की इस सीट पर जीत का दावा किया था।

मुख्य घटनाक्रम

पुनर्गणना प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता चालवाडी टी. नारायणस्वामी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि शिवकुमार की टिप्पणियाँ राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और कांग्रेस की 'निराशा की पराकाष्ठा' को उजागर करती हैं। नारायणस्वामी ने पार्टी पर चुनावी परिणाम स्वीकार करने में असमर्थ होने और 'झूठे बयान' देने का आरोप भी लगाया।

न्यायपालिका पर सवाल उठाने का आरोप

नारायणस्वामी ने शिवकुमार द्वारा पुनर्गणना प्रक्रिया को 'आपराधिक गतिविधि' बताने के कथित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सख्ती से संपन्न हुई। उनके अनुसार,

Point of View

जब प्रक्रिया उच्च न्यायालय की देखरेख में हुई हो, कानूनी रूप से कमज़ोर और राजनीतिक रूप से जोखिम भरा है। दूसरी ओर, BJP का यह दावा कि पुनर्गणना ने 'हेराफेरी उजागर की', बिना स्वतंत्र सत्यापन के स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। असली सवाल यह है कि डाक मतपत्र प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग क्या ठोस कदम उठाएगा।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

श्रृंगेरी विधानसभा पुनर्गणना विवाद क्या है?
कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में 2023 के चुनाव के डाक मतपत्रों का पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना कराई गई, जिसके बाद BJP ने जीत का दावा किया। इस पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 'बड़े पैमाने पर साजिश' का आरोप लगाया, जिसे BJP ने न्यायपालिका का अपमान बताया।
डीके शिवकुमार ने पुनर्गणना पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि चिक्कमगलुरु जिले की श्रृंगेरी सीट पर 'बड़े पैमाने पर साजिश और सुनियोजित अपराध' हुआ है, जिसे उन्होंने देश और लोकतंत्र पर कलंक बताया। उन्होंने इस प्रक्रिया को आपराधिक गतिविधि के रूप में भी वर्णित किया।
BJP ने शिवकुमार की आलोचना क्यों की?
विपक्ष के नेता चालवाडी टी. नारायणस्वामी ने कहा कि पुनर्गणना उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार हुई, इसलिए इसे 'आपराधिक' बताना अप्रत्यक्ष रूप से न्यायपालिका पर सवाल उठाना है। BJP का मानना है कि कांग्रेस जब भी चुनाव हारती है, संवैधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक आरोप लगाती है।
श्रृंगेरी सीट पर BJP के उम्मीदवार कौन हैं?
श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर BJP के उम्मीदवार डीएन जीवराज हैं, जिनके पक्ष में पुनर्गणना का परिणाम आने के बाद BJP ने जीत का दावा किया है।
आगे क्या होगा — क्या कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ेगी?
कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई जारी रखने के संकेत दिए हैं, हालाँकि BJP ने इसे 'हार छुपाने का प्रयास' बताया है। मामला पहले से उच्च न्यायालय के संज्ञान में है और आगे की कार्यवाही न्यायालय में ही तय होगी।
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