पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: सुबह 8 बजे से 77 केंद्रों पर शुरुआत, तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात

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पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: सुबह 8 बजे से 77 केंद्रों पर शुरुआत, तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात

सारांश

पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर 4 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी — इस बार 77 केंद्रों पर अभूतपूर्व तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, QR कोड प्रवेश और 165 अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात हैं। फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान और 24 मई को नतीजे आएंगे।

Key Takeaways

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना 4 मई को सुबह 8 बजे IST से 77 केंद्रों पर शुरू होगी। 294 में से 293 सीटों पर मतगणना होगी; फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान और 24 मई को परिणाम। मतगणना केंद्रों की संख्या 2021 के 108 और 2016 के 90 से घटाकर 77 की गई। मतगणना कक्षों में सुरक्षा पूरी तरह केंद्रीय बलों (CAPF) के हाथ में; बाहरी घेरे में कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस । प्रवेश के लिए तीन चरणीय सत्यापन अनिवार्य — दो बार मैन्युअल जाँच और एक बार QR कोड स्कैन । 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार, 4 मई को सुबह 8 बजे IST से राज्य भर के 77 मतगणना केंद्रों पर शुरू होगी। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए हैं — तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, QR कोड आधारित प्रवेश सत्यापन और 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

मतगणना का दायरा और फाल्टा सीट का अपवाद

राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 सीटों पर ही सोमवार को मतगणना होगी। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट इसका अपवाद है — ECI ने शनिवार को इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान और 24 मई को परिणाम घोषित करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि दो चरणों में संपन्न हुए इन चुनावों के नतीजे पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

मतगणना केंद्रों की संख्या में कटौती क्यों

चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मतगणना केंद्रों की संख्या पिछले चुनावों की तुलना में घटाई है। 2021 में 108 और 2016 में 90 केंद्र थे, जबकि इस बार पहले 87 और फिर अंततः 77 केंद्र तय किए गए। केंद्रों की संख्या कम करने से प्रत्येक स्थान पर सुरक्षा बल की सघन तैनाती संभव हो सकी है।

तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का खाका

ECI के निर्देशानुसार मतगणना केंद्रों के अंदर और बाहर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया है।

सबसे भीतरी स्तर यानी मतगणना कक्ष की सुरक्षा पूरी तरह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कर्मियों के हाथ में है। दूसरे स्तर पर — मतगणना केंद्र परिसर के भीतर लेकिन कक्षों के बाहर — राज्य और केंद्रीय बलों का संयुक्त दल तैनात रहेगा। तीसरे और बाहरी स्तर पर कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के कर्मी कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

प्रवेश सत्यापन: तीन चरणों की प्रक्रिया

अधिकृत निर्वाचन अधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश के लिए तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया से गुज़रना होगा। पहले और दूसरे चरण में पहचान पत्र की मैन्युअल जाँच की जाएगी, जबकि तीसरे चरण में QR कोड स्कैनिंग अनिवार्य होगी। मतगणना पर्यवेक्षकों और प्रतिवेदक अधिकारियों को छोड़कर किसी को भी मोबाइल फोन के साथ मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

पर्यवेक्षक और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती

ECI ने 4 मई की मतगणना के लिए 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक तैनात करने का निर्णय लिया है, जो पहले से नियुक्त पर्यवेक्षकों की सहायता करेंगे। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए 77 पुलिस पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं — प्रत्येक मतगणना केंद्र पर एक-एक। आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, शांतिपूर्ण, भयमुक्त और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो। फाल्टा सीट के नतीजे 24 मई को आने के बाद ही पश्चिम बंगाल की पूर्ण विधानसभा तस्वीर स्पष्ट होगी।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा यह है कि फाल्टा जैसे संवेदनशील मामलों में पुनर्मतदान की प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष रहती है। राज्य और केंद्रीय बलों के बीच जिम्मेदारियों का यह विभाजन राजनीतिक रूप से संवेदनशील है — और किसी भी विवाद की स्थिति में जवाबदेही की रेखा धुंधली पड़ सकती है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल मतगणना 2026 कब और कहाँ होगी?
मतगणना 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे IST से राज्य भर के 77 मतगणना केंद्रों पर शुरू होगी। 294 में से 293 विधानसभा सीटों के नतीजे इसी दिन आएंगे।
फाल्टा सीट पर मतगणना क्यों नहीं होगी?
भारतीय चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया है। इस सीट के परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू है — सबसे भीतरी मतगणना कक्ष में केवल CAPF, परिसर में राज्य और केंद्रीय बलों का संयुक्त दल, और बाहर कोलकाता व पश्चिम बंगाल पुलिस तैनात है।
मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए क्या प्रक्रिया है?
तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया अनिवार्य है — पहले दो चरणों में पहचान पत्र की मैन्युअल जाँच और तीसरे चरण में QR कोड स्कैनिंग। मोबाइल फोन केवल मतगणना पर्यवेक्षकों और प्रतिवेदक अधिकारियों को ही अंदर ले जाने की अनुमति है।
इस बार मतगणना केंद्रों की संख्या पहले से कम क्यों है?
2021 में 108 और 2016 में 90 केंद्र थे, जबकि इस बार ECI ने संख्या घटाकर 77 कर दी है। इसका उद्देश्य प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा बल की सघन और प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करना है।
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