LPG मूल्य वृद्धि पर पी. विजयन का हमला: चुनाव बाद दाम बढ़ाना अस्वीकार्य, केंद्र फैसला वापस ले
सारांश
Key Takeaways
केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने 3 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम से केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को "अस्वीकार्य" बताया और तत्काल वापस लेने की माँग की। विजयन का आरोप है कि यह मूल्य वृद्धि केरल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही लागू की गई, जो आम जनता, छोटे उद्यमियों और प्रवासी श्रमिकों पर सीधा बोझ डालती है।
मूल्य वृद्धि का विवरण
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, "व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत अचानक ₹993 की बढ़ोतरी से ₹3,000 से अधिक हो गई है, जो होटल और रेस्तरां के लिए एक बड़ा झटका है।" इसके साथ ही, प्रवासी श्रमिकों और छोटे परिवारों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी ₹251.50 की वृद्धि की गई है। उन्होंने इसे "खाना पकाने की गैस की कीमतों में अब तक की सबसे तेज वृद्धि" बताया।
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र पर असर
विजयन ने कहा कि पश्चिम एशियाई संकट के कारण महीनों से खाना पकाने की गैस की कमी से जूझ रहा होटल, रेस्टोरेंट सहित हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र इस अतिरिक्त बोझ को सहन करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने चेताया कि "केरल सहित देश में कई छोटे प्रतिष्ठान अब बंद होने की कगार पर हैं" और इस बढ़ी हुई लागत का असर अंततः आम जनता पर ही पड़ेगा।
केंद्र सरकार पर राजनीतिक आरोप
विजयन ने सीधे आरोप लगाया कि "यह निर्णय केरल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद आया है।" उनका कहना है कि तेल कंपनियों के मुनाफे की रक्षा के लिए जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का यह चलन अस्वीकार्य है। उन्होंने माँग की कि "जन कल्याण पर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देने वाली केंद्र सरकार की नीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।" यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र की ईंधन मूल्य नीति पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
कैबिनेट की अंतिम बैठक और वालपराई पीड़ितों को सहायता
चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले मुख्यमंत्री विजयन ने अपने दूसरे कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक ऑनलाइन आयोजित की। मंत्रिमंडल ने वालपराई दुर्घटना के पीड़ितों — जिसमें मलप्पुरम के पांग सरकारी यूपी स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों को ले जा रहा वाहन पलट गया था — के पाँच मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से ₹10 लाख प्रति परिवार मुआवजे को मंजूरी दी। इसके अलावा, बारहवें वेतन आयोग के सुचारू संचालन के लिए 14 अतिरिक्त पदों के सृजन के पूर्व आदेश की भी पुष्टि की गई।
गौरतलब है कि एलपीजी मूल्य वृद्धि का मुद्दा अब केरल से आगे राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है, और आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी शासित राज्यों से भी इसी तरह की प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है।