डीडीए और एनएसडी की 'रंगबाग' पहल: इंद्रप्रस्थ पार्क में 21 बच्चों के लिए 6 सप्ताह की थिएटर कार्यशाला शुरू
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) ने मिलकर 3 मई 2026 को इंद्रप्रस्थ पार्क स्थित माया आर्ट गैलरी में 'रंगबाग' कार्यशाला का पहला बैच आरंभ किया, जिसमें 12 से 16 वर्ष की आयु के 21 बच्चे भाग ले रहे हैं। यह 6 सप्ताह की उत्पादन-उन्मुख नाट्य कार्यशाला एनएसडी के प्रशिक्षित थिएटर शिक्षकों के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
रंगबाग पहल की पृष्ठभूमि
यह कार्यशाला दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू की उस परिकल्पना का हिस्सा है, जिसके तहत दिल्ली के सार्वजनिक हरित स्थलों को सामुदायिक शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के जीवंत केंद्रों में बदला जाए। गौरतलब है कि यह पहल मेहरौली पुरातात्विक पार्क में आयोजित विरासत भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की सफलता के बाद की गई है, जिसमें हज़ारों दिल्लीवासियों ने भाग लिया था और स्वयं उपराज्यपाल भी उपस्थित रहे थे।
कार्यशाला में क्या सिखाया जाएगा
आधिकारिक बयान के अनुसार, 'रंगबाग' में प्रतिभागियों को संवाद अभ्यास, गति-आधारित गतिविधियाँ, कहानी सुनाना, तात्कालिक अभिनय और बुनियादी प्रदर्शन तकनीकें सिखाई जाएंगी। यह सब एक सहयोगात्मक और खेल-आधारित वातावरण में प्रदान किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बच्चों में आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, सहानुभूति, टीम वर्क और अपने परिवेश के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का समापन और आगे की योजना
इस कार्यशाला का समापन 14 जून को एक अंतिम प्रदर्शन के साथ होगा, जिसमें प्रतिभागी अपने परिवार के सदस्यों और मार्गदर्शकों के सामने अपनी रचनात्मक यात्रा प्रस्तुत करेंगे। बयान में कहा गया है कि 'रंगबाग' डीडीए और एनएसडी की उस व्यापक योजना की शुरुआत है, जिसके तहत दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों में कला, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करने का एक मॉडल तैयार किया जाएगा।
आम जनता पर असर
यह पहल दिल्ली के उन बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो औपचारिक नाट्य शिक्षा तक आसानी से नहीं पहुँच पाते। सार्वजनिक पार्कों को सांस्कृतिक केंद्रों में बदलने की यह कोशिश शहरी हरित स्थलों के उपयोग का एक नया आयाम प्रस्तुत करती है। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे दिल्ली के अन्य पार्कों में भी विस्तारित किया जा सकता है।