दिल्ली मेट्रो फेज-5 (बी): ₹48,204 करोड़ में 7 कॉरिडोर, 65 स्टेशन — CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

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दिल्ली मेट्रो फेज-5 (बी): ₹48,204 करोड़ में 7 कॉरिडोर, 65 स्टेशन — CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने DMRC के 32वें स्थापना दिवस पर मेट्रो फेज-5 (बी) के 7 नए कॉरिडोर की घोषणा की — ₹48,204 करोड़ की लागत, 97 किमी नेटवर्क, 65 स्टेशन और 2029 तक चार प्राथमिकता कॉरिडोर पूरे करने का लक्ष्य। नजफगढ़ से रोहिणी तक दिल्ली के उपेक्षित इलाके अब मेट्रो मानचित्र पर आएंगे।

Key Takeaways

CM रेखा गुप्ता ने 3 अप्रैल को DMRC के 32वें स्थापना दिवस पर मेट्रो फेज-5 (बी) के 7 नए कॉरिडोर की घोषणा की। कुल नेटवर्क लंबाई 97.158 किलोमीटर , 65 नए स्टेशन और अनुमानित लागत ₹48,204.56 करोड़ । 4 प्राथमिकता कॉरिडोर का लक्षित पूर्णता वर्ष 2029 ; शेष 3 चरणबद्ध तरीके से बाद में। DMRC को प्राथमिकता और शेष कॉरिडोरों के लिए संशोधित DPR अलग-अलग प्रस्तुत करने के निर्देश। नजफगढ़, नरेला, रोहिणी, जेएनयू क्षेत्र, मयूर विहार और दक्षिण दिल्ली के कई इलाके पहली बार मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार, 3 अप्रैल को मेट्रो फेज-5 (बी) के तहत 7 नए कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। इन कॉरिडोरों की कुल लंबाई 97.158 किलोमीटर होगी, 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और पूरी परियोजना की अनुमानित लागत ₹48,204.56 करोड़ है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस विस्तार से दिल्ली के दूर-दराज और तेज़ी से विकसित हो रहे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

परियोजना का संक्षिप्त परिचय

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि चार प्राथमिकता वाले कॉरिडोर को त्वरित आधार पर लिया जाएगा और उनका लक्षित पूर्णता वर्ष 2029 निर्धारित किया गया है। शेष तीन कॉरिडोर चरणबद्ध तरीके से बाद में विकसित किए जाएंगे। DMRC को निर्देश दिया गया है कि वह प्राथमिकता वाले और शेष कॉरिडोरों के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) अलग-अलग प्रस्तुत करे।

सातों कॉरिडोर का विवरण

कॉरिडोर-1 ढांसा बस स्टैंड (नजफगढ़) से नांगलोई तक 11.859 किलोमीटर लंबा पूरी तरह एलिवेटेड स्वतंत्र कॉरिडोर होगा जिसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बक्करवाला, बापरोला, दिचाऊं कलां और नजफगढ़ एक्सटेंशन को जोड़ेगा। नांगलोई (ग्रीन लाइन) और ढांसा बस स्टैंड (ग्रे लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।

कॉरिडोर-2 केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ तक 15.969 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 13.721 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 2.248 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन होगा। कुल 10 स्टेशन (9 अंडरग्राउंड, 1 एलिवेटेड) बनाए जाएंगे। यह न्यू मोती बाग की GPRA कॉलोनियों, RK पुरम सेक्टर-1 और 7, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और प्रधानमंत्री संग्रहालय को जोड़ेगा।

कॉरिडोर-3 समयपुर बादली से नरेला DDA स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक लाइन-2 का विस्तार होगा — 12.89 किलोमीटर लंबा, पूरी तरह एलिवेटेड, 8 स्टेशन। यह सिरसपुर, खेड़ा कलां, होलंबी कलां, अलीपुर, शाहपुर गढ़ी और DSIIDC नरेला को जोड़ेगा।

कॉरिडोर-4 कीर्ति नगर से पालम तक लाइन-5 का विस्तार होगा — 9.967 किलोमीटर (8.397 किमी अंडरग्राउंड, 1.57 किमी एलिवेटेड), 6 स्टेशन (5 अंडरग्राउंड, 1 एलिवेटेड)। सरस्वती गार्डन, मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया-3, IITM जनकपुरी और सागरपुर को कवर करेगा।

कॉरिडोर-5 जोर बाग से मिठापुर तक स्वतंत्र कॉरिडोर होगा — 16.991 किलोमीटर (12.275 किमी अंडरग्राउंड, 4.716 किमी एलिवेटेड), 12 स्टेशन (7 अंडरग्राउंड, 5 एलिवेटेड)। लोधी कॉलोनी, ओल्ड ईश्वर नगर, आली गांव, जैतपुर, मोलडबंद और मिठापुर को जोड़ेगा।

कॉरिडोर-6 शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक स्वतंत्र कॉरिडोर होगा — 13.197 किलोमीटर (8.99 किमी अंडरग्राउंड, 4.207 किमी एलिवेटेड), 8 स्टेशन (3 अंडरग्राउंड, 5 एलिवेटेड)। मयूर विहार फेज-3, न्यू कोंडली, मदर डेयरी (पटपड़गंज), गीता कॉलोनी, गांधी नगर मार्केट और कैलाश नगर को कवर करेगा।

कॉरिडोर-7 केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक नया पूरी तरह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा — 16.285 किलोमीटर, 12 स्टेशन। वेस्ट शालीमार बाग, ईस्ट पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-16, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) और रोहिणी सेक्टर-29 को जोड़ेगा।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की जनसंख्या और वाहन घनत्व दोनों तेज़ी से बढ़ रहे हैं। 97 किलोमीटर से अधिक नए नेटवर्क के जुड़ने से नजफगढ़, नरेला, रोहिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जैसे इलाकों के लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे यात्रा का समय कम होगा और नागरिकों को अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि DMRC को प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों का संशोधित DPR शीघ्र प्रस्तुत करना होगा। चार प्राथमिकता कॉरिडोरों का लक्षित पूर्णता वर्ष 2029 है, जबकि शेष तीन कॉरिडोर चरणबद्ध रूप से बाद में पूरे किए जाएंगे। यह विस्तार राजधानी के समग्र और संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

Point of View

204 करोड़ की यह घोषणा महत्वाकांक्षी है, लेकिन दिल्ली मेट्रो के पिछले फेज़ों में लागत वृद्धि और समय-सीमा से चूकने का इतिहास रहा है — फेज-4 की कई लाइनें अभी भी निर्माणाधीन हैं। चार कॉरिडोर का 2029 का लक्ष्य तभी यथार्थवादी होगा जब DPR शीघ्र स्वीकृत हो और भूमि अधिग्रहण बाधा न बने। गौरतलब यह भी है कि घोषणा DMRC के स्थापना दिवस पर की गई, जो राजनीतिक समय-चयन का संकेत देती है। असली कसौटी यह होगी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच वित्तपोषण का बंटवारा कितनी जल्दी तय होता है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली मेट्रो फेज-5 (बी) क्या है?
मेट्रो फेज-5 (बी) दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का नवीनतम विस्तार चरण है जिसमें 7 नए कॉरिडोर, 97.158 किलोमीटर नेटवर्क और 65 नए स्टेशन शामिल हैं। इसकी कुल अनुमानित लागत ₹48,204.56 करोड़ है और इसकी घोषणा CM रेखा गुप्ता ने 3 अप्रैल को की।
फेज-5 (बी) के कॉरिडोर कब तक पूरे होंगे?
चार प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों का लक्षित पूर्णता वर्ष 2029 निर्धारित किया गया है। शेष तीन कॉरिडोर चरणबद्ध तरीके से बाद में पूरे किए जाएंगे।
फेज-5 (बी) से दिल्ली के कौन-से इलाके जुड़ेंगे?
इस फेज से नजफगढ़, नांगलोई, नरेला, समयपुर बादली, जेएनयू क्षेत्र, मायापुरी, जोर बाग, मिठापुर, मयूर विहार फेज-3, रोहिणी और DTU जैसे दूर-दराज व तेज़ी से विकसित हो रहे इलाके मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे।
DMRC को क्या निर्देश दिए गए हैं?
DMRC को निर्देश दिया गया है कि वह प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों और शेष कॉरिडोरों के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) अलग-अलग प्रस्तुत करे।
फेज-5 (बी) में कितने इंटरचेंज स्टेशन होंगे?
सातों कॉरिडोर में कई इंटरचेंज स्टेशन प्रस्तावित हैं जो येलो, ग्रीन, ग्रे, वायलेट, पिंक, मैजेंटा, ब्लू, रेड और गोल्डन लाइनों से कनेक्टिविटी देंगे। प्रमुख इंटरचेंज में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लाजपत नगर, मायापुरी, शास्त्री पार्क और केशवपुरम शामिल हैं।
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