टीएमसी को बड़ा झटका: राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने सदस्यता से दिया इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) को गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को एक और बड़ा राजनीतिक धक्का लगा, जब पार्टी की राज्यसभा सांसद और टॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) ने राज्यसभा की सदस्यता से औपचारिक इस्तीफा दे दिया। उनके इस अप्रत्याशित फैसले ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में नई हलचल मचा दी है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कोयल मलिक ने 6 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था। शपथ के महज कुछ महीनों के भीतर उनका यह इस्तीफा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व के लिए गंभीर राजनीतिक प्रश्न खड़े करता है। इस्तीफे के कारणों को लेकर पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कोयल मलिक: टॉलीवुड से राजनीति तक का सफर
राजनीति में प्रवेश से पहले कोयल मलिक बंगाली फिल्म उद्योग में दो दशकों से अधिक समय से एक स्थापित नाम रही हैं। उन्हें 'टॉली-क्वीन' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 2003 में सुपरहिट फिल्म 'नेटर गुरु' से की थी।
इसके बाद 'बंधन' (2004), 'शुभदृष्टि' (2005), 'पागलू' (2011), 'हेमलॉक सोसाइटी' (2012) और 'मितिन माशी' थ्रिलर सीरीज (2019) जैसी चर्चित फिल्मों में मुख्य भूमिकाएँ निभाकर उन्होंने दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई।
अभिनय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड बांग्ला, दो बीएफजेए अवॉर्ड और 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिष्ठित 'महानायक सम्मान' प्रदान किया जा चुका है। वह बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक और दीपा मलिक की बेटी हैं।
टीएमसी में अंदरूनी कलह की पृष्ठभूमि
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही आंतरिक विवादों से जूझ रही है। 'असली टीएमसी' का मामला — ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल गुट और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और राजनीतिक नियंत्रण को लेकर — एक बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। गौरतलब है कि यह पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की प्रवृत्ति का हिस्सा प्रतीत होता है।
राजनीतिक असर
कोयल मलिक जैसी लोकप्रिय चेहरे का TMC से इस तरह अलग होना पार्टी की छवि के लिए एक संवेदनशील क्षण है, विशेषकर जब पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते नज़र आ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह इस्तीफा पार्टी के भीतर नेतृत्व और संचालन को लेकर गहरे असंतोष का संकेत हो सकता है।
आगे क्या
कोयल मलिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में पश्चिम बंगाल की एक सीट की स्थिति पर नज़र रहेगी। TMC नेतृत्व की प्रतिक्रिया और इस इस्तीफे के पीछे की वजहें आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।