13 जुलाई 2026
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टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा बयान: जनता की चेतावनी अनसुनी की, इसीलिए सत्ता गई

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टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा बयान: जनता की चेतावनी अनसुनी की, इसीलिए सत्ता गई

सारांश

TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने बेबाकी से माना — पार्टी ने जनता की चेतावनी अनसुनी की, भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया और वोटर लिस्ट विवाद में राहत नहीं दिला पाई। 2024 में 29 लोकसभा सीटें जीतने के बावजूद दो साल में सत्ता गँवाना TMC के लिए गहरे आत्मनिरीक्षण का क्षण है।

मुख्य बातें

TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने 28 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में पार्टी की हार के लिए भ्रष्टाचार और जनता की उपेक्षा को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने माना कि वोटर लिस्ट से असली नागरिकों के नाम गलती से हटाए गए, लेकिन कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।
2.5 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती ने मतदाताओं को निडर होकर वोट देने का भरोसा दिलाया।
रॉय ने कहा कि पंचायत से उच्चतम स्तर तक भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया था, जिससे पार्टी का राजनीतिक एजेंडा खत्म हो गया।
2024 लोकसभा में 29 सीटें जीतने के बाद भी दो साल में सत्ता गँवाना, रॉय के अनुसार, जनता की चेतावनी को नजरअंदाज करने का परिणाम था।
रॉय ने विपक्षी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को 'बेहद मेहनती नेता' बताते हुए नई सरकार के कामकाज की सराहना की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने 28 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए भ्रष्टाचार, जनता की उपेक्षा और वोटर लिस्ट विवाद को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्वीकार किया कि आम लोगों ने पार्टी को समय रहते चेतावनी दी थी, लेकिन नेतृत्व ने उस संकेत को नजरअंदाज किया — और परिणाम स्वाभाविक रूप से सत्ता से बेदखली के रूप में सामने आया।

वोटर लिस्ट विवाद और नागरिकता का सवाल

सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने माना कि पश्चिम बंगाल में आधार वेरिफिकेशन और वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में गंभीर खामियाँ रहीं। उनके अनुसार, 'यह सच है कि वोटर लिस्ट से कुछ असली लोगों के नाम हटा दिए गए थे। उनके पक्ष में कोई नतीजा नहीं आया और उन्हें राहत नहीं मिली।'

हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद नागरिकता खोने का कोई खतरा नहीं है। कुछ औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद संबंधित व्यक्तियों की नागरिकता बनी रहेगी।

घुसपैठ पर पार्टी का पक्ष

घुसपैठ के मुद्दे पर रॉय ने स्पष्ट किया कि यह समस्या मुख्यतः बांग्लादेश से हुई घुसपैठ से जुड़ी है, और कुछ रोहिंग्या म्यांमार से आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'इसमें धर्म की बात कहाँ से आ गई? घुसपैठ बांग्लादेश से हुई है, पाकिस्तान से नहीं।' उन्होंने सीमावर्ती इलाकों का उदाहरण देते हुए बताया कि बांग्लादेश लौटने के लिए हजारों लोग जमा हो गए थे, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ जाहिर होती है।

हार के कारण: भ्रष्टाचार और जनता की नाराजगी

विधानसभा चुनाव में TMC की हार पर रॉय ने पार्टी की आंतरिक खामियों को बेबाकी से स्वीकार किया। उनके शब्दों में, 'राजनीति में भ्रष्टाचार होता है, लेकिन जब हमने इसे संस्थागत रूप दे दिया — पंचायत स्तर से लेकर उच्चतम स्तर तक — तो हर जगह भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार हो गया। हमारे पास कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बचा था।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी ने विपक्ष को पनपने का मौका ही नहीं दिया, और राजनीतिक कार्यकर्ता भले ही पार्टी का कार्यक्रम आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों ने माहौल खराब कर दिया।

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में TMC ने 29 सीटें जीती थीं। रॉय ने सवाल उठाया, 'दो साल के अंदर ऐसा क्या हुआ कि आम लोग इतने नाराज हो गए कि उन्होंने हमें सत्ता से ही हटा दिया? अगर हमने उस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सही कदम उठाए होते, तो शायद आज हमें यह दिन देखना न पड़ता।'

केंद्रीय बलों की तैनाती और मतदाताओं का भरोसा

सांसद ने बताया कि जब लोगों ने देखा कि 2.5 लाख केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं, तो उन्हें लगा कि उनका वोट देने का अधिकार वापस मिल जाएगा। यह बयान इस बात का संकेत है कि मतदाताओं में राज्य प्रशासन के प्रति विश्वास की कमी थी और केंद्रीय बलों की उपस्थिति ने उन्हें निडर होकर मतदान करने का अवसर दिया।

नई सरकार पर रॉय की टिप्पणी

रॉय ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा, 'सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने अब तक जो काम किए हैं और जो कदम उठाए हैं, उनसे आम जनता इस समय बहुत खुश है। सीएम सुवेंदु अधिकारी बहुत मेहनती हैं — मुझे शायद ही कभी कोई ऐसा नेता मिला हो जो उनके जितना मेहनती हो।' यह टिप्पणी इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि सुवेंदु अधिकारी स्वयं एक समय TMC के प्रमुख नेता रहे थे, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। एक TMC सांसद का विपक्षी मुख्यमंत्री की इस तरह तारीफ करना पार्टी के भीतर आत्मनिरीक्षण की गहराई को दर्शाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब TMC अपनी रणनीति और संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश में जुटी है। आने वाले समय में पार्टी किस दिशा में जाती है, यह उसके आंतरिक सुधारों पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के संगठनात्मक पतन का एक दुर्लभ अंदरूनी दस्तावेज है। जब एक सत्तारूढ़ पार्टी का सांसद खुद कहे कि भ्रष्टाचार पंचायत से शीर्ष तक संस्थागत हो गया था, तो यह केवल चुनावी विश्लेषण नहीं — यह शासन-विफलता की स्वीकारोक्ति है। विपक्षी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की खुली तारीफ यह भी बताती है कि TMC के भीतर नेतृत्व और दिशा को लेकर गहरा असंतोष है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि 2024 में 29 लोकसभा सीटें जीतने के बाद भी इतनी तेज़ जनाक्रोश की लहर — यह बताती है कि राज्य-स्तरीय शासन और केंद्रीय चुनावी समर्थन के बीच की खाई कितनी गहरी थी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC की हार के लिए क्या कारण बताए?
रॉय ने तीन प्रमुख कारण गिनाए — जनता की चेतावनी को नजरअंदाज करना, पंचायत से शीर्ष स्तर तक संस्थागत भ्रष्टाचार, और वोटर लिस्ट विवाद में आम लोगों को राहत न दिला पाना। उनके अनुसार, 2024 लोकसभा में 29 सीटें जीतने के बाद भी पार्टी ने जनता के असंतोष के संकेतों को नहीं समझा।
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट और आधार वेरिफिकेशन विवाद क्या है?
रॉय ने स्वीकार किया कि आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कुछ असली नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से गलती से हटा दिए गए। पार्टी कोर्ट भी गई लेकिन राहत नहीं मिली। हालाँकि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद नागरिकता खोने का खतरा नहीं है।
2.5 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ा?
रॉय के अनुसार, जब मतदाताओं ने देखा कि 2.5 लाख केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं, तो उन्हें लगा कि उनका वोट देने का अधिकार सुरक्षित है। इससे राज्य प्रशासन के प्रति अविश्वास रखने वाले मतदाता निडर होकर मतपेटी तक पहुँचे, जो TMC के लिए प्रतिकूल साबित हुआ।
सुखेंदु शेखर रॉय ने घुसपैठ के मुद्दे पर क्या कहा?
रॉय ने स्पष्ट किया कि घुसपैठ मुख्यतः बांग्लादेश से हुई है और कुछ रोहिंग्या म्यांमार से आए हैं। उन्होंने इसे धार्मिक रंग देने से इनकार करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान से नहीं, बांग्लादेश से जुड़ा मुद्दा है।
TMC सांसद ने नई सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारे में क्या कहा?
रॉय ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के कदमों से आम जनता खुश है और सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारी को 'बेहद मेहनती नेता' बताया — एक विपक्षी मुख्यमंत्री की यह सराहना TMC के भीतर गहरे असंतोष का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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