7 अक्टूबर 2026
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मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष: आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले — 'भारतीय लोकतंत्र का नया अध्याय'

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मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष: आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले — 'भारतीय लोकतंत्र का नया अध्याय'

सारांश

7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ से शुरू हुई नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन की यात्रा आज 25 वर्ष पूरे कर चुकी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे भारतीय लोकतंत्र का 'नया अध्याय' बताया और राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष — 7 अक्टूबर 2001 से — 7 अक्टूबर 2026 को पूरे हुए।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस यात्रा को 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का नया अध्याय' बताया।
मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली; 2014 से प्रधानमंत्री पद पर हैं।
कृष्णम ने भारत की वैश्विक तुलना चीन, रूस और अमेरिका से होने को मोदी-काल की उपलब्धि बताया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी धरने पर कृष्णम ने कहा — 'राहुल 2047 तक धरने की प्रैक्टिस करते रहें।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर गाजियाबाद में धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र के著名 चिंतक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन्हें बधाई दी और इस यात्रा को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक नया अध्याय बताया। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और 2014 से वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

'नेहरू को पढ़ा, मोदी को देखा'

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू को हमने नहीं देखा, लेकिन उनके बारे में पढ़ा और सुना है। इंदिरा गांधी को देखा भी है। नरेंद्र मोदी के जीवन के ये 25 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का नया अध्याय हैं।' उन्होंने इस मौके को 'सिल्वर जुबली' करार देते हुए कामना की कि प्रधानमंत्री की 'गोल्डन जुबली' भी इसी प्रकार मनाई जाए।

भारत की वैश्विक पहचान में बदलाव

कृष्णम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के इन 25 वर्षों में भारत की अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक पहचान में उल्लेखनीय बदलाव आया है। उनके अनुसार, एक समय था जब भारत की तुलना पाकिस्तान जैसे देशों से की जाती थी, जबकि आज भारत की तुलना चीन, रूस और अमेरिका जैसी बड़ी शक्तियों से होती है। यह बदलाव, उनके मतानुसार, भारत के बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक कद को दर्शाता है।

सनातन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख

आचार्य कृष्णम ने मोदी सरकार के कार्यकाल में सनातन से जुड़े मुद्दों के वैश्विक मंच पर चर्चा में आने को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने श्री कल्कि धाम, कुंभ, महाकुंभ, रामेश्वरम, सोमनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के विकास और उनकी वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों ने भारत की पहचान को दुनिया के सामने मजबूत किया है।

अनुच्छेद 370 और राष्ट्रीय एकता

राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर कृष्णम ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने और कश्मीर के लाल चौक पर वंदे मातरम गाए जाने जैसे प्रतीकात्मक घटनाक्रमों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल गुजरात तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अपना जीवन देश और 'भारत की मिट्टी' को समर्पित किया है।

राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा आकाशवाणी के बाहर किए गए धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य कृष्णम ने कहा, 'राहुल गांधी धरना देने में एक्सपर्ट हो गए हैं। उन्हें इसकी प्रैक्टिस 2047 तक करते रहना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि 'कांग्रेस की बर्बादी का अगर कोई जिम्मेदार है, तो वह राहुल गांधी हैं।' यह टिप्पणी कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल उत्पन्न करने वाली मानी जा रही है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए — यह यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू होकर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक पहुँची है। यह राजनीतिक दीर्घायुता आधुनिक भारतीय लोकतंत्र में विरल मानी जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटनाक्रम एक बड़े प्रश्न को रेखांकित करता है — 25 वर्षों की इस यात्रा का मूल्यांकन किन मानदंडों पर हो? वैश्विक पहचान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दावों के समानांतर, विपक्ष आर्थिक असमानता, बेरोज़गारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सवाल उठाता रहा है। राहुल गांधी पर कृष्णम की टिप्पणी मुख्यधारा की मीडिया कवरेज में चर्चित हो सकती है, लेकिन असली बहस यह है कि 'सिल्वर जुबली' की राजनीति उत्सव से आगे जवाबदेही के सवालों तक कैसे पहुँचती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष कब पूरे हुए?
नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष 7 अक्टूबर 2026 को पूरे हुए। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी के 25 वर्षों को क्या बताया?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का नया अध्याय' बताया। उन्होंने इसे 'सिल्वर जुबली' करार देते हुए कामना की कि प्रधानमंत्री की 'गोल्डन जुबली' भी मनाई जाए।
आचार्य कृष्णम ने भारत की वैश्विक पहचान पर क्या कहा?
कृष्णम के अनुसार, मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। एक समय भारत की तुलना पाकिस्तान जैसे देशों से होती थी, जबकि आज भारत की तुलना चीन, रूस और अमेरिका जैसी बड़ी शक्तियों से की जाती है।
राहुल गांधी के आकाशवाणी धरने पर आचार्य कृष्णम ने क्या कहा?
आचार्य कृष्णम ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी के बाहर धरने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी धरना देने में एक्सपर्ट हो गए हैं, उन्हें 2047 तक यह प्रैक्टिस करते रहना चाहिए' और कांग्रेस की स्थिति के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया।
मोदी के कार्यकाल में किन धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया गया?
आचार्य कृष्णम ने मोदी सरकार के कार्यकाल में श्री कल्कि धाम, कुंभ, महाकुंभ, रामेश्वरम, सोमनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के विकास और उनकी वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन सांस्कृतिक मुद्दों ने दुनिया के सामने भारत की पहचान को मजबूत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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