मोदी सरकार के 12 साल: आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले — 'भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम काल, इटली भी मान चुका'
सारांश
मुख्य बातें
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 26 मई 2025 को गाजियाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर खुलकर प्रशंसा की और इस कार्यकाल को 'भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम काल' करार दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया मोदी की ताकत को पहचान चुकी है, लेकिन विपक्ष अभी भी इसे समझने में पीछे है।
2014 का चुनाव: दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक मोड़
आचार्य प्रमोद कृष्णम के अनुसार, 2014 का आम चुनाव महज एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि वह भारत की दिशा और दशा बदलने वाला निर्णायक क्षण था। उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया, तो देश की जनता ने उन्हें भारी बहुमत से स्वीकार किया। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों का कार्यकाल भारतीय इतिहास में 'रामराज्य' के रूप में दर्ज होगा।
सुरक्षा, संस्कृति और विकास पर जोर
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मोदी सरकार ने केवल राजनीतिक एजेंडा नहीं चलाया, बल्कि सनातन परंपरा, राष्ट्रवाद और देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान के नापाक इरादों का मुँहतोड़ जवाब देना मोदी सरकार के मजबूत नेतृत्व का प्रमाण है। अंतरिक्ष अनुसंधान, विज्ञान और रक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने अभूतपूर्व प्रगति का उल्लेख किया।
धार्मिक स्थलों का भव्य विकास
आचार्य ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन महाकाल लोक, सोमनाथ, केदारनाथ और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताया। उनके अनुसार, 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है। उन्होंने कल्कि धाम के शिलान्यास को भी सनातन संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
बड़े सामाजिक फैसले और आर्थिक सुधार
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने धारा 370 हटाने, तीन तलाक पर प्रतिबंध और महिला आरक्षण विधेयक को ऐसे निर्णय बताया जिन्होंने समाज और राजनीति दोनों को बदला। उन्होंने डिजिटल इंडिया, उज्ज्वला योजना और गरीब कल्याण से जुड़ी अनेक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने विकास को गाँव-गाँव तक पहुँचाया है।
राहुल गांधी पर तीखा तंज
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के ननिहाल — इटली और रोम — तक को मोदी की वैश्विक ताकत समझ आ गई है, लेकिन राहुल गांधी अभी भी केवल आलोचना करने में व्यस्त हैं। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को राहुल गांधी को 'मेलोडी' चॉकलेट का एक पैकेट भेजना चाहिए, ताकि उन्हें भी 'स्वाद' समझ में आए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत से प्रेम करते हैं, वे मोदी से नफरत नहीं कर सकते।
आचार्य प्रमोद कृष्णम के इन बयानों से स्पष्ट है कि मोदी सरकार के 12 वर्षों का मूल्यांकन राजनीतिक रूप से तीखा बना हुआ है — समर्थक उपलब्धियों की लंबी सूची गिनाते हैं, जबकि विपक्ष अपने सवाल कायम रखता है।