हजारीबाग नेशनल पार्क के पास मिला महिला का शव: जमीन विवाद में हत्या, गया से एक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले में नेशनल पार्क के पास कुबड़ी पुल के नीचे से बरामद एक महिला के शव की पहचान हो गई है और पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रंजना सिन्हा के रूप में हुई है, जो हजारीबाग के लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी न्यू एरिया की निवासी थीं। मामले में बिहार के गया जिले से प्रकाश कुमार (27) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य कथित आरोपी अभी भी फरार हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम
पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को इचाक थाना क्षेत्र में नेशनल पार्क के निकट कुबड़ी पुल के नीचे एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था। इस मामले में इचाक थाना कांड संख्या 144/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/238 के तहत जाँच शुरू की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए शीतगृह में सुरक्षित रखा गया था।
पुलिस के अनुसार, रंजना सिन्हा की 23 अगस्त 2026 को गला दबाकर हत्या की गई और बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए कुबड़ी पुल के नीचे फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी मृत्यु का कारण गला घोंटने से हुई हत्या बताया।
तकनीकी साक्ष्यों से सुलझी गुत्थी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तकनीकी शाखा की सहायता से जाँच आगे बढ़ाई गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के घिरसिंडी कला निवासी प्रकाश कुमार को हिरासत में लिया।
पूछताछ में प्रकाश ने मृतका की पहचान उजागर की और बताया कि यह हत्या जमीन विवाद के चलते की गई थी। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के निकट झाड़ियों से मृतका का चश्मा भी बरामद किया, जो महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है। प्रकाश कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस वारदात में प्रकाश कुमार के अतिरिक्त गया के मानपुर निवासी विक्की कुमार पासवान और हजारीबाग के चौपारण निवासी आयुष कुमार भी शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जाँच दल का नेतृत्व
इस पूरे अभियान का नेतृत्व इचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार ने किया। टीम में लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, पुलिस पदाधिकारी नंदकिशोर दास, सुनील शर्मा और सहायक अवर निरीक्षक सुरेश कुमार दास सहित सशस्त्र बल के जवान भी शामिल रहे।
गौरतलब है कि यह मामला राज्य में जमीन विवादों से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान दिलाता है। फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।