हजारीबाग: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत, पति फरार — परिजनों का हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके परिजनों और वकील समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है। गुरुवार, 23 अक्टूबर 2026 को उनका शव हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र के बंगाली पाड़ा स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के फ्लैट नंबर 304 में फंदे से लटका मिला। मृतका के मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए पति की तत्काल गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की सूचना मृतका के पति ने स्वयं 'डायल 100' पर फोन करके पुलिस को दी थी। उसने बताया था कि वह उस समय पलामू में है और वापस लौट रहा है, परंतु सूचना देने के बाद से वह पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुआ है और फरार है।
मायके पक्ष का कहना है कि घटना से कुछ ही समय पहले अनुष्का ने अपनी मां को फोन किया था और पति के साथ चल रहे गंभीर विवाद का उल्लेख किया था। परिवार ने यह भी दावा किया है कि अनुष्का पहले भी कई बार पति द्वारा प्रताड़ित किए जाने और घरेलू कलह की शिकायत कर चुकी थीं।
दोबारा पोस्टमार्टम और पारदर्शिता की मांग
परिजनों के आग्रह पर पुलिस ने शुक्रवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता विसरा रिपोर्ट और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मायके पक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले का पूरा सच सामने नहीं आता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
विधायक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
रामगढ़ की विधायक ममता देवी शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में वीडियोग्राफी और पूर्ण पारदर्शिता तथा फरार आरोपी पति की त्वरित गिरफ्तारी की मांग का समर्थन किया। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजनों, वकीलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश भी फूट पड़ा और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
पुलिस की कार्रवाई
बड़ा बाजार टीओपी प्रभारी मुकेश कुमार रजक ने बताया कि आरोपी पति को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी जारी है और उसे जल्द हिरासत में लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि हर संभावित कोण से मामले की गहन तफ्तीश की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में महिला अधिवक्ताओं और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विसरा और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रुख तय होगा।