इन्फोसिस Q2 FY27: मुनाफा 6.2% बढ़कर ₹7,823 करोड़, ₹26 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित
सारांश
मुख्य बातें
इन्फोसिस ने 23 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर ₹7,823 करोड़ हो गया — जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹7,364 करोड़ था। साथ ही कंपनी ने ₹26 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें
तिमाही आधार पर देखें तो अप्रैल-जून 2026 की तुलना में शुद्ध मुनाफे में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई — उस तिमाही में मुनाफा ₹7,769 करोड़ रहा था। कंपनी की कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत बढ़कर ₹49,244 करोड़ पहुँची, जो वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में ₹44,490 करोड़ थी। तिमाही आधार पर आय में 2.1 प्रतिशत की बढ़त रही — जून तिमाही में यह ₹48,211 करोड़ पर थी।
परिचालन प्रदर्शन
सितंबर तिमाही में इन्फोसिस का परिचालन मुनाफा (EBIT) ₹10,330 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर पिछले वर्ष के ₹9,353 करोड़ से 10.4 प्रतिशत अधिक है। तिमाही आधार पर यह जून तिमाही के ₹10,163 करोड़ से 1.6 प्रतिशत अधिक रहा, जो कंपनी के परिचालन कुशलता में सुधार का संकेत देता है।
डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट
इन्फोसिस ने ₹26 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। इसकी रिकॉर्ड डेट 3 नवंबर 2026 और पेआउट डेट 11 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। यह घोषणा शेयरधारकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि
30 सितंबर 2026 तक इन्फोसिस में कुल 3,32,542 कर्मचारी थे। यह आँकड़ा 30 जून 2026 के 3,28,062 और 30 सितंबर 2025 के 3,31,991 से अधिक है, जो दर्शाता है कि कंपनी तिमाही और सालाना — दोनों आधार पर अपनी कार्यबल क्षमता बढ़ा रही है।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
नतीजों के दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इन्फोसिस के शेयर 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ ₹1,153.80 पर बंद हुए। बीते पाँच कारोबारी दिनों में शेयर ने 1.21 प्रतिशत और बीते एक महीने में 13 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया है, हालाँकि पिछले एक साल में शेयर ने -24 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है। यह दर्शाता है कि हालिया रिकवरी के बावजूद दीर्घकालिक निवेशकों के लिए दबाव बना हुआ है। आगामी तिमाहियों में कंपनी की राजस्व वृद्धि की रफ्तार और वैश्विक आईटी माँग पर बाज़ार की नज़र बनी रहेगी।