23 जुलाई 2026
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इंफोसिस Q1 नेट प्रॉफिट 8.6% घटकर ₹7,775 करोड़; आशीष कुमार डैश बने नए CEO

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इंफोसिस Q1 नेट प्रॉफिट 8.6% घटकर ₹7,775 करोड़; आशीष कुमार डैश बने नए CEO

सारांश

इंफोसिस का Q1 मुनाफा तिमाही आधार पर घटा, लेकिन सालाना 12.3% की बढ़त और रेवेन्यू में 14% उछाल ने तस्वीर संतुलित रखी। असली सुर्खी है नेतृत्व परिवर्तन — सलिल पारेख की विदाई और आशीष कुमार डैश का CEO के रूप में उदय, जो कंपनी की एआई-केंद्रित रणनीति के अगले अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

इंफोसिस का Q1 (अप्रैल-जून 2026) कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 8.6% घटकर ₹7,775 करोड़ रहा।
सालाना आधार पर मुनाफे में 12.3% की बढ़ोतरी; पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना 14% बढ़कर ₹48,211 करोड़ हुआ; तिमाही आधार पर 3.9% की वृद्धि।
कुल खर्च बढ़कर ₹38,157 करोड़ हुआ, जो एक साल पहले ₹33,581 करोड़ था।
बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को सीईओ डिजिग्नेट नियुक्त किया; सलिल पारेख के 9 वर्ष के कार्यकाल में रेवेन्यू $10 अरब से $20 अरब से अधिक हुआ।
NSE पर शेयर नतीजों से पहले ₹1,052.90 पर बंद हुआ।

इंफोसिस लिमिटेड ने 23 जुलाई 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6 प्रतिशत घटकर ₹7,775 करोड़ रह गया। इसके साथ ही कंपनी ने एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन का ऐलान करते हुए आशीष कुमार डैश को सीईओ डिजिग्नेट नियुक्त किया।

तिमाही वित्तीय प्रदर्शन

जनवरी-मार्च तिमाही में इंफोसिस का शुद्ध मुनाफा ₹8,509 करोड़ था, जो अप्रैल-जून तिमाही में घटकर ₹7,775 करोड़ हो गया — तिमाही आधार पर 8.6 प्रतिशत की गिरावट। हालांकि, सालाना आधार पर तस्वीर अलग है: पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹6,921 करोड़ के मुकाबले इस बार मुनाफे में 12.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर ₹48,211 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले की ₹42,279 करोड़ की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि रही — जनवरी-मार्च में यह ₹46,402 करोड़ था।

खर्च में भी उछाल

कंपनी का कुल परिचालन व्यय इस तिमाही में बढ़कर ₹38,157 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹33,581 करोड़ था। खर्च में यह उछाल मुनाफे पर दबाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आईटी क्षेत्र मांग में उतार-चढ़ाव और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं से जूझ रहा है।

बड़ा नेतृत्व परिवर्तन

नतीजों के साथ-साथ इंफोसिस ने एक ऐतिहासिक नेतृत्व बदलाव की घोषणा की। कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने बताया कि बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को सीईओ डिजिग्नेट नियुक्त किया है। नीलेकणी ने कहा कि आशीष कंपनी के भीतर से उभरे ऐसे नेता हैं, 'जो कंपनी के मूल्यों और ग्राहकों के भरोसे को कायम रखते हुए बड़े बदलावों का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।'

नीलेकणी ने निवर्तमान मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सलिल पारेख के 9 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कंपनी की बाज़ार स्थिति मजबूत की, क्षमताओं का विस्तार किया, शेयरधारकों के लिए उल्लेखनीय मूल्य सृजित किया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित रणनीति की मजबूत नींव रखी।

सलिल पारेख का विदाई संदेश

सलिल पारेख ने कहा कि इंफोसिस का नेतृत्व करना उनके लिए 'सम्मान की बात' रही। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में कंपनी का वार्षिक रेवेन्यू 10 अरब डॉलर से बढ़कर 20 अरब डॉलर से अधिक हो गया। गौरतलब है कि इंफोसिस ने इस दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अग्रणी भूमिका निभाई और एआई ट्रांसफॉर्मेशन के लिए एक अलग रणनीति भी तैयार की।

शेयर बाज़ार पर असर

नतीजे बाज़ार बंद होने के बाद जारी किए गए। उससे पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंफोसिस का शेयर 0.08 प्रतिशत यानी ₹0.80 की मामूली गिरावट के साथ ₹1,052.90 पर बंद हुआ। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नज़र नए CEO की रणनीतिक प्राथमिकताओं और कंपनी के वार्षिक मार्गदर्शन पर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नेतृत्व परिवर्तन है — सलिल पारेख के नौ साल के कार्यकाल में रेवेन्यू दोगुना हुआ, लेकिन वैश्विक आईटी मांग में सुस्ती और बढ़ते खर्च के बीच अगले CEO को तत्काल चुनौतियों का सामना करना होगा। आशीष कुमार डैश का 'इनसाइडर' होना बोर्ड की निरंतरता की प्राथमिकता दर्शाता है, पर बाज़ार देखेगा कि क्या वे एआई रणनीति को राजस्व में वास्तविक रूपांतरण दे सकते हैं। खर्च में ₹4,576 करोड़ की सालाना वृद्धि और मार्जिन पर दबाव यह संकेत देते हैं कि सिर्फ रेवेन्यू वृद्धि पर्याप्त नहीं होगी। नए CEO के लिए असली कसौटी यही होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंफोसिस का Q1 2026-27 नेट प्रॉफिट कितना रहा?
इंफोसिस का अप्रैल-जून 2026 तिमाही का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹7,775 करोड़ रहा, जो पिछली जनवरी-मार्च तिमाही के ₹8,509 करोड़ की तुलना में 8.6% कम है। हालांकि, सालाना आधार पर पिछले वर्ष के ₹6,921 करोड़ की तुलना में 12.3% की वृद्धि दर्ज की गई।
आशीष कुमार डैश कौन हैं और उन्हें इंफोसिस का CEO क्यों बनाया गया?
आशीष कुमार डैश इंफोसिस के भीतर से उभरे वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें बोर्ड ने सीईओ डिजिग्नेट नियुक्त किया है। चेयरमैन नंदन नीलेकणी के अनुसार, वे कंपनी के मूल्यों और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखते हुए बड़े बदलावों का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।
सलिल पारेख के कार्यकाल में इंफोसिस का प्रदर्शन कैसा रहा?
सलिल पारेख के लगभग 9 वर्षों के नेतृत्व में इंफोसिस का वार्षिक रेवेन्यू $10 अरब से बढ़कर $20 अरब से अधिक हो गया। उन्होंने कंपनी को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अग्रणी बनाया और एआई आधारित रणनीति की नींव रखी।
इंफोसिस का Q1 रेवेन्यू कितना रहा?
इंफोसिस का अप्रैल-जून 2026 तिमाही का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹48,211 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 14% और तिमाही आधार पर 3.9% अधिक है। जनवरी-मार्च तिमाही में यह ₹46,402 करोड़ था।
नतीजों के दिन NSE पर इंफोसिस का शेयर कहाँ बंद हुआ?
नतीजे बाज़ार बंद होने के बाद जारी हुए। उससे पहले NSE पर इंफोसिस का शेयर 0.08 प्रतिशत यानी ₹0.80 की मामूली गिरावट के साथ ₹1,052.90 पर बंद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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