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NSE CEO आशीष चौहान का वेतन दो साल में 41% बढ़कर ₹15.88 करोड़, DRHP में खुलासा

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NSE CEO आशीष चौहान का वेतन दो साल में 41% बढ़कर ₹15.88 करोड़, DRHP में खुलासा

सारांश

NSE के CEO आशीष कुमार चौहान का वेतन दो वर्षों में 41% बढ़कर ₹15.88 करोड़ पहुँचा — और यह तब, जब एक्सचेंज का परिचालन राजस्व 3% घटा और ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुस्ती रही। IPO से पहले दाखिल DRHP ने यह विरोधाभासी तस्वीर उजागर की है।

मुख्य बातें

आशीष कुमार चौहान का वेतन वित्त वर्ष 2024 के ₹11.26 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹15.88 करोड़ हो गया — दो साल में 41% की वृद्धि।
वित्त वर्ष 2026 के वेतन में आकस्मिक (contingent) और स्थगित (deferred) भुगतान शामिल नहीं, जो आगे दिए जाएंगे।
NSE का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2026 में 3% से अधिक घटकर ₹16,601.3 करोड़ रहा।
ट्रांजैक्शन चार्ज 4% घटकर ₹13,057.01 करोड़ ; कैश मार्केट ADTV 6.59% गिरा।
पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर सुंदरराजाराव सुदर्शन की सिटिंग फीस 22% बढ़कर ₹42.5 लाख ; विनीत नायर की फीस दोगुनी होकर ₹20.8 लाख ।
NSE ने DRHP में चेतावनी दी — ट्रेडिंग वॉल्यूम में दीर्घकालिक गिरावट कारोबार और नकदी प्रवाह को प्रभावित कर सकती है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान का वार्षिक पारिश्रमिक पिछले दो वित्त वर्षों में करीब 41 प्रतिशत उछलकर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹15.88 करोड़ पर पहुँच गया है। यह जानकारी NSE के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पूर्व भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में सामने आई है।

तीन वर्षों में वेतन वृद्धि का क्रम

DRHP के अनुसार, आशीष चौहान को वित्त वर्ष 2024 में ₹11.26 करोड़, वित्त वर्ष 2025 में ₹13.99 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹15.88 करोड़ का पारिश्रमिक मिला। दस्तावेज़ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित इस राशि में वह आकस्मिक (contingent) या स्थगित (deferred) भुगतान शामिल नहीं है, जिसका निपटान आने वाले वर्षों में किया जाएगा।

निदेशकों की सिटिंग फीस में भी बढ़ोतरी

DRHP में बोर्ड एवं समिति बैठकों में भागीदारी के लिए निदेशकों को दी जाने वाली सिटिंग फीस में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर सुंदरराजाराव सुदर्शन को वित्त वर्ष 2026 में ₹42.5 लाख सिटिंग फीस मिली, जो वित्त वर्ष 2024 के ₹34.8 लाख की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। वहीं, गैर-स्वतंत्र निदेशक विनीत नायर की सिटिंग फीस लगभग दोगुनी होकर वित्त वर्ष 2026 में ₹20.8 लाख हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह ₹10.5 लाख थी।

राजस्व में गिरावट के बीच वेतन में उछाल

यह खुलासा ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण हो जाता है जब NSE का परिचालन राजस्व दबाव में है। वित्त वर्ष 2026 में NSE का परिचालन राजस्व 3 प्रतिशत से अधिक घटकर ₹16,601.3 करोड़ रह गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹17,140.67 करोड़ था। एक्सचेंज की आय का सबसे बड़ा स्रोत — ट्रांजैक्शन चार्ज — भी 4 प्रतिशत घटकर ₹13,057.01 करोड़ पर आ गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹13,635.76 करोड़ था। क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली आय में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुस्ती

DRHP के अनुसार, कैश और डेरिवेटिव्स — दोनों बाज़ारों में ट्रेडिंग गतिविधियाँ धीमी रहीं। कैश मार्केट में औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम (ADTV) वित्त वर्ष 2026 में 6.59 प्रतिशत घटकर ₹1,05,516.66 करोड़ रह गया। इक्विटी फ्यूचर्स का ADTV सालाना आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक गिरा, और प्रीमियम वैल्यू के आधार पर मापे जाने वाले इक्विटी ऑप्शंस ट्रेडिंग में भी गिरावट दर्ज हुई।

NSE की चेतावनी और आगे की राह

अपने जोखिम कारकों (risk factors) में NSE ने आगाह किया है कि यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम या लेनदेन मूल्य में दीर्घकालिक गिरावट बनी रहती है, तो इसका असर उसके कारोबार, वित्तीय स्थिति, विकास संभावनाओं और नकदी प्रवाह पर पड़ सकता है। गौरतलब है कि NSE अपने लंबे समय से प्रतीक्षित IPO की प्रक्रिया को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ाने की तैयारी में है। SEBI की अंतिम स्वीकृति और बाज़ार परिस्थितियाँ यह तय करेंगी कि यह IPO कब साकार होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ट्रेडिंग वॉल्यूम सुस्त रहा और निवेशकों के लिए जोखिम कारकों की लंबी सूची दर्ज की गई — उसी वर्ष शीर्ष प्रबंधन का पारिश्रमिक रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचा। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या NSE का पे-फॉर-परफॉर्मेंस ढाँचा वास्तव में शेयरधारकों के हितों से जुड़ा है — खासकर तब जब IPO के ज़रिये आम निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा हो। SEBI को इस असंगति पर सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, अन्यथा कॉर्पोरेट गवर्नेंस की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSE के CEO आशीष कुमार चौहान का वेतन कितना बढ़ा?
DRHP के अनुसार, आशीष कुमार चौहान का वेतन वित्त वर्ष 2024 के ₹11.26 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹15.88 करोड़ हो गया — यानी दो वर्षों में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि। इसमें आकस्मिक या स्थगित भुगतान शामिल नहीं है।
NSE का DRHP क्या है और इसे क्यों दाखिल किया गया?
DRHP यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस वह दस्तावेज़ है जो कोई कंपनी IPO से पहले SEBI के पास दाखिल करती है। NSE ने अपने प्रस्तावित IPO की नियामकीय प्रक्रिया के तहत यह दस्तावेज़ दाखिल किया है, जिसमें वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम कारक और प्रबंधन पारिश्रमिक जैसी जानकारियाँ सार्वजनिक हुई हैं।
वित्त वर्ष 2026 में NSE का राजस्व कितना घटा?
वित्त वर्ष 2026 में NSE का परिचालन राजस्व 3 प्रतिशत से अधिक घटकर ₹16,601.3 करोड़ रह गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹17,140.67 करोड़ था। ट्रांजैक्शन चार्ज भी 4 प्रतिशत घटकर ₹13,057.01 करोड़ पर आ गया।
NSE के IPO का भविष्य क्या है?
NSE नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अपने लंबे समय से प्रतीक्षित IPO को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। SEBI की अंतिम स्वीकृति और बाज़ार परिस्थितियाँ IPO की समयसीमा तय करेंगी; अभी तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।
NSE ने DRHP में किन जोखिमों की चेतावनी दी है?
NSE ने अपने जोखिम कारकों में स्पष्ट किया है कि यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम या लेनदेन मूल्य में दीर्घकालिक गिरावट बनी रही, तो इसका असर उत्पादों-सेवाओं की माँग, कारोबार, वित्तीय स्थिति, विकास संभावनाओं और नकदी प्रवाह पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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