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NSE IPO से पहले परिचालन आय ₹16,601 करोड़ पर, ट्रांजैक्शन चार्जेज और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट

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NSE IPO से पहले परिचालन आय ₹16,601 करोड़ पर, ट्रांजैक्शन चार्जेज और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट

सारांश

IPO की दहलीज़ पर खड़े NSE के लिए DRHP के आँकड़े असहज सच्चाई सामने लाए हैं — ट्रांजैक्शन चार्जेज 4% और इक्विटी फ्यूचर्स ADTV 14% से अधिक गिरा है। कुल परिचालन आय ₹17,140 करोड़ से घटकर ₹16,601 करोड़ पर आ गई है, और एक्सचेंज ने खुद जोखिम स्वीकार किया है।

मुख्य बातें

NSE की कुल परिचालन आय वित्त वर्ष 2026 में 3% से अधिक घटकर ₹16,601.30 करोड़ रह गई।
मुख्य आय स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज 4% गिरकर ₹13,057.01 करोड़ पर आया।
क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से आय 21.8% घटकर ₹251.45 करोड़ रही।
कैश मार्केट ADTV 6.59% और इक्विटी फ्यूचर्स ADTV 14.23% की गिरावट के साथ क्रमशः ₹1,05,516.66 करोड़ और ₹1,59,443.21 करोड़ रहा।
लिस्टिंग सर्विसेज आय 10% बढ़कर ₹352.43 करोड़ — एकमात्र सकारात्मक संकेत।
NSE ने DRHP में स्वयं स्वीकार किया कि वॉल्यूम गिरावट से ग्रोथ और कैशफ्लो प्रभावित हो सकते हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का परिचालन प्रदर्शन आईपीओ की तैयारियों के बीच कमज़ोर पड़ा है। सेबी (SEBI) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में दिए आँकड़ों के अनुसार, एक्सचेंज की कुल परिचालन आय वित्त वर्ष 2026 में घटकर ₹16,601.30 करोड़ रह गई, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹17,140.67 करोड़ थी — यानी सालाना आधार पर 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट। देश के सबसे बड़े एक्सचेंज के लिए यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वह बाज़ार में अपनी लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है।

ट्रांजैक्शन चार्जेज में गिरावट

NSE की आय का सबसे बड़ा स्रोत — ट्रांजैक्शन चार्जेज — भी दबाव में है। DRHP के अनुसार, यह आय वित्त वर्ष 2025 के ₹13,635.76 करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 2026 में ₹13,057.01 करोड़ पर आ गई, जो सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की कमी है। यह गिरावट सीधे तौर पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई कमी को दर्शाती है।

क्लियरिंग एवं सेटलमेंट सेवाओं पर असर

NSE की क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से होने वाली आय में और भी तीखी गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026 में यह 21.8 प्रतिशत घटकर ₹251.45 करोड़ रह गई, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह ₹321.34 करोड़ थी। हालाँकि, इसी अवधि में लिस्टिंग सर्विसेज से आय 10 प्रतिशत बढ़कर ₹352.43 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष ₹313.82 करोड़ थी — यह एकमात्र उत्साहजनक संकेत रहा।

ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी गिरावट

DRHP में दिए आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम (ADTV) ₹1,05,516.66 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹1,12,963.24 करोड़ से 6.59 प्रतिशत कम है।

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में गिरावट और भी गहरी रही। इक्विटी फ्यूचर्स में ADTV ₹1,59,443.21 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹1,85,901.44 करोड़ की तुलना में 14.23 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है। इसी तरह, इक्विटी ऑप्शन (प्रीमियम वैल्यू) का ADTV ₹57,661.75 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹62,448.66 करोड़ से 7.66 प्रतिशत कम है।

NSE की अपनी चेतावनी

NSE ने अपनी DRHP में स्वयं स्वीकार किया है कि यदि वॉल्यूम और लेनदेन की वैल्यू में गिरावट जारी रही, तो उत्पादों की माँग घट सकती है, जिसका सीधा असर एक्सचेंज की वृद्धि, वित्तीय स्थिति, कारोबार और कैशफ्लो पर पड़ सकता है। गौरतलब है कि यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है जब NSE निवेशकों को अपने IPO में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने की तैयारी में है।

आगे की राह

आँकड़ों के अनुसार, NSE के समक्ष मुख्य चुनौती अपने कोर रेवेन्यू स्ट्रीम — ट्रांजैक्शन चार्जेज और F&O वॉल्यूम — को पुनः पटरी पर लाना है। लिस्टिंग सर्विसेज में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह मुख्य कारोबार की गिरावट की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है। IPO की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि एक्सचेंज अपने वॉल्यूम में सुधार का कितना विश्वसनीय रोडमैप पेश कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उसका कोर रेवेन्यू इंजन लगातार दूसरे वर्ष दबाव में है। इक्विटी फ्यूचर्स ADTV में 14% की गिरावट महज़ एक आँकड़ा नहीं है — यह SEBI के F&O नियमन कड़े होने के बाद बाज़ार की संरचनात्मक पुनर्संरचना का प्रतिबिंब है। लिस्टिंग सर्विसेज में 10% की वृद्धि स्वागतयोग्य है, लेकिन यह ट्रांजैक्शन चार्जेज की गिरावट की भरपाई करने में सक्षम नहीं। असली सवाल यह है कि क्या NSE का IPO वैल्यूएशन इन कमज़ोर परिचालन संकेतकों को पर्याप्त रूप से दर्शाएगा, या बाज़ार को बाद में इसकी कीमत चुकानी होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSE के IPO से पहले परिचालन प्रदर्शन कैसा रहा है?
DRHP के आँकड़ों के अनुसार, NSE की कुल परिचालन आय वित्त वर्ष 2026 में 3% से अधिक घटकर ₹16,601.30 करोड़ रह गई, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹17,140.67 करोड़ थी। ट्रांजैक्शन चार्जेज और ट्रेडिंग वॉल्यूम दोनों में गिरावट दर्ज की गई है।
NSE के ट्रांजैक्शन चार्जेज में कितनी गिरावट आई?
वित्त वर्ष 2026 में NSE के ट्रांजैक्शन चार्जेज 4% घटकर ₹13,057.01 करोड़ रहे, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹13,635.76 करोड़ थे। यह एक्सचेंज की आय का सबसे बड़ा स्रोत है।
NSE के F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम कितना गिरा?
इक्विटी फ्यूचर्स ADTV वित्त वर्ष 2026 में 14.23% गिरकर ₹1,59,443.21 करोड़ रहा। इक्विटी ऑप्शन (प्रीमियम वैल्यू) ADTV 7.66% घटकर ₹57,661.75 करोड़ पर आया।
क्या NSE की किसी आय श्रेणी में वृद्धि हुई?
हाँ, लिस्टिंग सर्विसेज से आय वित्त वर्ष 2026 में 10% बढ़कर ₹352.43 करोड़ हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹313.82 करोड़ थी। हालाँकि यह वृद्धि मुख्य कारोबार की गिरावट की भरपाई नहीं कर पाई।
NSE ने DRHP में वॉल्यूम गिरावट को लेकर क्या जोखिम बताया है?
NSE ने अपनी DRHP में स्पष्ट कहा है कि यदि वॉल्यूम और लेनदेन की वैल्यू में गिरावट जारी रही, तो उत्पादों की माँग घट सकती है और इसका असर एक्सचेंज की वृद्धि, वित्तीय स्थिति, कारोबार और कैशफ्लो पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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