8 जुलाई 2026
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जयपुर: एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया ने की आत्महत्या, 30 साल की सेवा का हुआ अंत

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जयपुर: एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया ने की आत्महत्या, 30 साल की सेवा का हुआ अंत

सारांश

जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में 30 वर्षों तक फोरेंसिक मेडिसिन पढ़ाने वाले विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया ने 8 जुलाई को खातीपुरा स्थित घर पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। झोटवाड़ा पुलिस जाँच में जुटी है; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

मुख्य बातें

डिसानिया , एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष, ने 8 जुलाई 2026 को कथित तौर पर आत्महत्या की।
घटना खातीपुरा स्थित उनके आवास पर हुई; परिवार मंगलवार रात विवाह समारोह में था और वे अकेले थे।
डिसानिया ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में लगभग 30 वर्षों तक फोरेंसिक मेडिसिन में अध्यापन व शोध किया।
झोटवाड़ा पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया; सुसाइड नोट की पुष्टि अभी नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार, परिवार के सदस्य पर दर्ज आर्थिक धोखाधड़ी के मामले को लेकर वे मानसिक तनाव में थे; पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद मृत्यु के कारणों की जाँच आगे बढ़ेगी।

जयपुर के प्रतिष्ठित सवाई मान सिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) डॉ. एन.एल. डिसानिया ने 8 जुलाई 2026 को शहर के खातीपुरा इलाके में स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। संस्थान में तीन दशकों से अधिक समय तक सेवारत रहे डॉ. डिसानिया राजस्थान के मेडिकल शिक्षा जगत के सबसे सम्मानित चेहरों में से एक थे।

घटनाक्रम: कैसे सामने आई दुखद खबर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात डॉ. डिसानिया का परिवार एक विवाह समारोह में गया हुआ था और वे घर पर अकेले थे। बुधवार सुबह जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने डॉ. डिसानिया को एक कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। परिवार ने तत्काल उन्हें खातीपुरा स्थित एक निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को एसएमएस अस्पताल भेजा गया।

सूचना मिलते ही झोटवाड़ा पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। मुर्दाघर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात किया गया है।

तीन दशकों की अमिट विरासत

डॉ. डिसानिया ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में लगभग 30 वर्षों तक फोरेंसिक मेडिसिन के अध्यापन और शोध में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निधन से कुछ ही दिन पहले उन्होंने एसएमएस अस्पताल में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला के उद्घाटन समारोह में भाग लिया था — जो उनकी सक्रियता और संस्थान के प्रति समर्पण का प्रमाण था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, मेडिकल की पढ़ाई कर रहा एक पुत्र और दो पुत्रियाँ हैं।

मेडिकल जगत में शोक की लहर

इस दुखद समाचार के फैलते ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी, वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुँचे और शोक व्यक्त किया। राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा जगत में उनके जाने से गहरी रिक्तता का अनुभव हो रहा है।

जाँच की स्थिति और कथित पृष्ठभूमि

पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं। सूत्रों और डॉ. डिसानिया के कुछ परिचितों के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व उनके परिवार के एक सदस्य के विरुद्ध आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, और कथित तौर पर इस कानूनी कार्रवाई तथा सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर वे काफी मानसिक तनाव में थे। हालाँकि, झोटवाड़ा पुलिस ने इन दावों और उनकी मृत्यु के बीच किसी संबंध की अभी तक पुष्टि नहीं की है। परिवार के सदस्यों ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, परिजनों के बयान दर्ज होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। झोटवाड़ा पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जाँच जारी रखे हुए है।

यदि आप या आपका कोई प्रियजन मानसिक संकट में है, तो कृपया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन iCall: 9152987821 या Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 पर संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एन.एल. डिसानिया कौन थे?
डॉ. एन.एल. डिसानिया जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) और वरिष्ठ प्रोफेसर थे। उन्होंने संस्थान में लगभग 30 वर्षों तक सेवाएँ दीं और राजस्थान के मेडिकल शिक्षा जगत में अत्यंत सम्मानित थे।
डॉ. डिसानिया की मृत्यु कब और कहाँ हुई?
8 जुलाई 2026 को जयपुर के खातीपुरा इलाके में स्थित उनके आवास पर उनकी मृत्यु हुई। बुधवार सुबह परिवार के घर लौटने पर उन्हें फंदे से लटका पाया गया; खातीपुरा के एक निजी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।
क्या पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है?
झोटवाड़ा पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं की है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और जाँच जारी है।
डॉ. डिसानिया के तनाव का कारण क्या बताया जा रहा है?
सूत्रों और परिचितों के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व उनके परिवार के एक सदस्य के विरुद्ध आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जिससे वे कथित तौर पर मानसिक तनाव में थे। हालाँकि, पुलिस ने इन दावों और उनकी मृत्यु के बीच किसी संबंध की अभी तक पुष्टि नहीं की है।
आगे जाँच में क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद मृत्यु के कारणों की अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। झोटवाड़ा पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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