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चेंबूर के दो बीएमसी अस्पतालों का औचक निरीक्षण, HMIS सुधार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश

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चेंबूर के दो बीएमसी अस्पतालों का औचक निरीक्षण, HMIS सुधार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश

सारांश

बीएमसी की अतिरिक्त नगर आयुक्त प्रजक्ता वर्मा लवंगारे ने 7 जुलाई की शाम चेंबूर के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों का अचानक निरीक्षण किया — HMIS की खामियाँ, खाली स्टाफ आवास और मरम्मत कार्यों में देरी सामने आई। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

बीएमसी की अतिरिक्त नगर आयुक्त प्रजक्ता वर्मा लवंगारे ने 7 जुलाई 2025 की शाम चेंबूर के दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया।
माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम और दीवालीबेन मेहता (एमए) जनरल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं, HMIS और बुनियादी ढाँचे की समीक्षा की गई।
HMIS के प्रभावी उपयोग और मरीजों को समयबद्ध सेवाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अस्पताल परिसर में खाली स्टाफ आवास और रिक्त भूखंड के बेहतर उपयोग पर ब्यौरा माँगा गया।
सभी मरम्मत एवं रखरखाव कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के आदेश दिए गए।
संतोष गायकवाड़ और डॉ.
चंद्रकांत पवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) प्रजक्ता वर्मा लवंगारे ने 7 जुलाई 2025 की शाम चेंबूर स्थित माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम और दीवालीबेन मेहता (एमए) जनरल हॉस्पिटल का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पताल प्रबंधन, डिजिटल व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे की विस्तृत समीक्षा की तथा अस्पताल प्रशासन को कई अहम निर्देश दिए।

HMIS प्रणाली की समीक्षा

निरीक्षण की शुरुआत में अतिरिक्त नगर आयुक्त ने दोनों अस्पतालों में लागू हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कंप्यूटर प्रणाली पर इसकी कार्यक्षमता की सीधे जाँच की और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उनका जोर इस बात पर था कि डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग के ज़रिए मरीजों को समयबद्ध और बेहतर सेवाएँ मिल सकें।

खाली स्टाफ आवास और भूखंड का मामला

निरीक्षण के दौरान लवंगारे ने अस्पताल परिसर में खाली पड़े स्टाफ आवासों और समीप स्थित रिक्त भूखंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि इन परिसंपत्तियों के संदर्भ में अब तक हुए पत्राचार और प्रस्तावों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए, ताकि इनके बेहतर उपयोग पर ठोस निर्णय लिया जा सके। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मुंबई के सार्वजनिक अस्पतालों में संसाधनों के कुशल उपयोग को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम में मातृ-शिशु सेवाओं की समीक्षा

माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम में अतिरिक्त नगर आयुक्त ने भर्ती मरीजों की संख्या, पिछले एक महीने में हुई प्रसूतियों और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध सुविधाओं और सेवा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

दीवालीबेन मेहता जनरल हॉस्पिटल में मरम्मत कार्यों की प्रगति जाँची

दीवालीबेन मेहता (एमए) जनरल हॉस्पिटल के निरीक्षण में लवंगारे ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की संख्या तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। विभिन्न विभागों का दौरा करते हुए उन्होंने चल रहे मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ।

अधिकारियों को मुख्य निर्देश

अतिरिक्त नगर आयुक्त ने चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट किया कि भर्ती मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें और आवश्यक दवाएँ समय पर प्रदान की जाएँ, जिससे उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह, संयुक्त कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष गायकवाड़ और जनरल हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रकांत पवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि बीएमसी द्वारा इस तरह के औचक निरीक्षण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माने जाते हैं। आने वाले दिनों में अस्पताल प्रशासन से अनुपालन रिपोर्ट की अपेक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी उपयोग अभी भी असमान है। खाली स्टाफ आवास और अधूरे मरम्मत कार्य दर्शाते हैं कि प्रशासनिक निगरानी में अंतराल बना हुआ है। बिना नियमित फॉलो-अप और जवाबदेही तंत्र के, ऐसे निरीक्षण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी के किन दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया?
चेंबूर स्थित माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम और दीवालीबेन मेहता (एमए) जनरल हॉस्पिटल का 7 जुलाई 2025 की शाम औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण बीएमसी की अतिरिक्त नगर आयुक्त प्रजक्ता वर्मा लवंगारे ने किया।
HMIS क्या है और इसे लेकर क्या निर्देश दिए गए?
HMIS यानी हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम एक डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है जो मरीजों के रिकॉर्ड और अस्पताल प्रशासन को डिजिटल रूप से संचालित करती है। अतिरिक्त नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों को समयबद्ध सेवाएँ मिल सकें।
निरीक्षण में खाली स्टाफ आवास और भूखंड को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
अतिरिक्त नगर आयुक्त ने अस्पताल परिसर में खाली पड़े स्टाफ आवासों और समीप स्थित रिक्त भूखंड का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभाग को इन परिसंपत्तियों से जुड़े अब तक के पत्राचार और प्रस्तावों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
माता रमाबाई अंबेडकर मैटरनिटी होम में किन सेवाओं की समीक्षा की गई?
इस अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या, पिछले एक महीने में हुई प्रसूतियों और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रशासन को गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कौन-से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे?
निरीक्षण के दौरान कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह, संयुक्त कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष गायकवाड़ और जनरल हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रकांत पवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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