बीएमसी में अश्विनी भिडे की नियुक्ति: महिला नेतृत्व का नया अध्याय - महापौर रितु तावडे

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बीएमसी में अश्विनी भिडे की नियुक्ति: महिला नेतृत्व का नया अध्याय - महापौर रितु तावडे

सारांश

मुंबई की महापौर रितु तावडे ने अश्विनी भिडे की नगर आयुक्त के रूप में नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। यह नियुक्ति न केवल बीएमसी के लिए, बल्कि पूरे मुंबई के लिए गर्व का विषय है।

मुख्य बातें

महिला नेतृत्व का नया अध्याय बीएमसी में शुरू हुआ।
अश्विनी भिडे बनीं पहली महिला नगर आयुक्त।
महापौर ने इसे गर्व का विषय बताया।
मेट्रो प्रोजेक्ट में उनका अनुभव महत्वपूर्ण है।
यह नियुक्ति पूरे मुंबई के लिए प्रेरणादायक है।

मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में महिला नेतृत्व का एक नया अध्याय आरंभ हुआ है। बीएमसी की नई नगर आयुक्त अश्विनी भिडे की नियुक्ति पर मुंबई की महापौर रितु तावडे ने प्रसन्नता व्यक्त की।

महापौर रितु तावडे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस नियुक्ति को बृहन्मुंबई नगर निगम के इतिहास में एक नया युग बताया।

उन्होंने लिखा, "अश्विनी भिडे को बृहन्मुंबई नगर निगम की कमिश्नर बनने पर दिल से बधाई। वह इस संस्थान की पहली महिला कमिश्नर हैं, जो सभी के लिए गर्व का विषय है। यह नारी शक्ति का सम्मान सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से नहीं, बल्कि समूचे मुंबई के लिए गर्व का स्रोत है।"

महापौर ने आगे कहा, "मेट्रो प्रोजेक्ट में अश्विनी भिडे के विस्तृत अनुभव और अनुशासित कार्यशैली के साथ, मुंबई का विकास निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगा। एक महिला मेयर और एक महिला कमिश्नर के रूप में, हम सभी मिलकर मुंबईवासियों के सपनों के 'स्मार्ट और सुरक्षित मुंबई' को साकार करेंगे। मैं उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देती हूं!"

ज्ञात हो कि मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे (1995 बैच) को बीएमसी का नया कमिश्नर नियुक्त किया। वे भूषण गगरानी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद का कार्यभार संभालेंगी।

इस नियुक्ति के साथ ही, भिडे ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि वह भारत की सबसे अमीर नगर निगम का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बन गई हैं।

बीएमसी कमिश्नर के पद के लिए अन्य दावेदारों में असीम गुप्ता, अनिल डिग्गीकर, मिलिंद म्हैस्कर और संजय मुखर्जी शामिल थे। लेकिन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिडे को चुना, जो उनसे उच्च रैंक वाले अधिकारियों पर प्राथमिकता दी।

अश्विनी भिडे को 'मेट्रो वुमन' के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने मुंबई मेट्रो की महत्वपूर्ण लाइन-3 (एक्वा लाइन) को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। कोविड-19 महामारी के दौरान, वे बीएमसी में अतिरिक्त कमिश्नर के रूप में संपर्क ट्रेसिंग और अस्पताल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सभी नागरिकों के लिए एक प्रेरणा है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अश्विनी भिडे कौन हैं?
अश्विनी भिडे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की पहली महिला नगर आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है।
महापौर रितु तावडे ने अश्विनी भिडे की नियुक्ति पर क्या कहा?
महापौर रितु तावडे ने इसे बीएमसी के इतिहास में एक नया युग बताया और अश्विनी भिडे को बधाई दी।
अश्विनी भिडे का मेट्रो प्रोजेक्ट में क्या योगदान है?
अश्विनी भिडे ने मुंबई मेट्रो की महत्वपूर्ण लाइन-3 (एक्वा लाइन) को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है।
महिला नेतृत्व का महत्व क्या है?
महिला नेतृत्व समाज में न केवल समानता की पहचान कराता है, बल्कि युवतियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।
बीएमसी कमिश्नर के पद के लिए अन्य दावेदार कौन थे?
बीएमसी कमिश्नर के पद के लिए अन्य दावेदारों में असीम गुप्ता, अनिल डिग्गीकर, मिलिंद म्हैस्कर, और संजय मुखर्जी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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