बीएमसी लापरवाही: शिवसेना (यूबीटी) की माँग — राजनीतिक नेताओं पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हो
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 5 जुलाई 2025 को आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का प्रशासन कथित तौर पर भ्रष्ट तत्वों के नियंत्रण में है, और मानसून की शुरुआती बारिश में हुई दो मौतों की जिम्मेदारी सत्ताधारी राजनीतिक नेताओं पर डालते हुए उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की माँग की। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में यह माँग उठाई गई।
दो मौतें, दो अलग हादसे
चेंबूर इलाके में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक स्कूली छात्र की मौत हो गई। वहीं साकीनाका में एक 60 वर्षीय व्यक्ति खुले और बिना सुरक्षा इंतजाम वाले सीवर मैनहोल में गिरकर मारा गया। 'सामना' के संपादकीय में कहा गया कि ये मौतें मुंबई की जर्जर नागरिक व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे की विफलता का सीधा परिणाम हैं।
बीएमसी की मानसून-पूर्व तैयारियों पर सवाल
संपादकीय के अनुसार, बीएमसी समय पर नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और खतरनाक पेड़ों की छंटाई करने में नाकाम रही। आलोचकों ने मेयर रितु तावड़े के उस दावे पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि मानसून से पहले नालों की डीसिल्टिंग का 104 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आलोचकों का कहना है कि '100 से अधिक प्रतिशत' के इस आँकड़े का कोई गणितीय आधार नहीं है और यह ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाने की व्यवस्था को छुपाने की कोशिश है।
सत्ताधारी गठबंधन में दरार
इस संकट ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर भी मतभेद उजागर कर दिए हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) से जुड़े उपमहापौर संजय घाड़ी ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के इस्तीफे की माँग की है। हालाँकि, 'सामना' के संपादकीय में इस माँग को 'बौद्धिक दिवालियापन' बताते हुए कहा गया कि शहरी विकास मंत्रालय स्वयं एकनाथ शिंदे के पास है, इसलिए जवाबदेही केवल आयुक्त तक सीमित नहीं की जा सकती।
भ्रष्टाचार और राजनीतिक विचलन के आरोप
ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि एक गैर-जवाबदेह व्यवस्था के उभरने से निजी ठेकेदारों से मिलने वाला कमीशन भ्रष्ट अधिकारियों के बीच बाँटा जा रहा है। संपादकीय में मुलुंड के एक भाजपा नेता — जिन्हें व्यंग्यात्मक रूप से 'पोपटलाल' कहा गया — पर निशाना साधा गया, जो कथित तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बार-बार बीएमसी मुख्यालय जा रहे हैं, जबकि यह विषय कानूनी रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। संपादकीय में कहा गया, "इन्हें दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछने चाहिए।"
आयुक्त की प्रतिक्रिया और आगे की राह
बढ़ती आलोचना के बीच आयुक्त अश्विनी भिड़े ने पुलिस को निर्देश दिया कि लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएँ। भिड़े को अंडरग्राउंड मेट्रो टनल निर्माण की देखरेख के कारण 'मेट्रो वुमन' के नाम से जाना जाता है, लेकिन गड्ढों और डीसिल्टिंग की विफलता को लेकर उनके कार्यकाल की तीखी आलोचना हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में मानसून अभी शुरुआती चरण में ही है और आने वाले हफ्तों में और भारी बारिश की संभावना है।