क्या बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति तेज हो गई है, मुंबई में जन्म वाले बयान पर भाजपा का पलटवार?

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क्या बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति तेज हो गई है, मुंबई में जन्म वाले बयान पर भाजपा का पलटवार?

सारांश

मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले सियासी गतिविधियों में तेजी आई है। शिवसेना (यूबीटी) ने विवादास्पद बयान दिया है कि बीएमसी जीतने के लिए मुंबई में जन्म लेना आवश्यक है। भाजपा ने इसका तीखा विरोध किया है। जानिए इस राजनीतिक गर्मी के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • बीएमसी चुनाव में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
  • शिवसेना (यूबीटी) का बयान विवादास्पद है।
  • भाजपा की प्रतिक्रिया तीखी रही है।
  • मराठी मानुष का समर्थन महत्वपूर्ण होगा।
  • प्रदर्शन के अधिकार पर चर्चा।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनाव के संदर्भ में मुंबई में राजनीतिक गतिविधियाँ बेहद तेज हो गई हैं और सभी दल अपनी पूरी शक्ति से प्रचार में जुटे हैं। इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' में यह कहा गया कि बीएमसी की जीत के लिए मुंबई की धरती पर जन्म लेना अनिवार्य है। इस विवादास्पद बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेता श्रीकांत तारा पंडित भारतीय ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

श्रीकांत तारा पंडित भारतीय ने इसे बालासाहेब ठाकरे का अपमान बताते हुए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें करके, ठाकरे परिवार ने अपने पूर्वजों का अपमान किया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बालासाहेब ठाकरे का जन्म मुंबई में हुआ था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मस्थान किसी के नियंत्रण में नहीं होता, लेकिन कर्म करना हर किसी के हाथ में होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के लिए काफी काम किया है और इस तरह की खोखली बातों से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।

जब उनसे मराठी मानुष कार्ड खेलने के विषय में पूछा गया, तो श्रीकांत ने कहा कि मुंबई का मराठी समुदाय भी भाजपा और महायुति के साथ मजबूती से खड़ा है। विधानसभा चुनाव में महायुति ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा था और मराठी लोगों ने उन्हें जीत दिलाई। उन्होंने दावा किया कि आगामी बीएमसी चुनाव में यह स्पष्ट हो जाएगा कि मराठी मानुष किसके पक्ष में है।

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन टीएमसी को यह समझने की आवश्यकता है कि उनकी गतिविधियों का संदेश देश और विश्व में क्या जा रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी हरकतें जारी रहीं, तो देश की जनता सब कुछ समझ जाएगी और इसका उत्तर भी देगी।

Point of View

जहां एक दल का बयान दूसरे दल के लिए चुनौती बन जाता है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

बीएमसी चुनाव में किसका प्रभाव ज्यादा होगा?
बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच का मुकाबला अहम रहेगा।
क्या राज और उद्धव ठाकरे का बयान सही है?
यह बयान राजनीतिक दृष्टिकोण से विवादास्पद है और इसके पीछे कई तर्क हो सकते हैं।
मुंबई का मराठी मानुष किसके साथ है?
अगले चुनाव में साफ हो जाएगा कि मराठी मानुष किस पार्टी के साथ खड़ा है।
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