क्या महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी कमिश्नर से नामांकन न स्वीकार करने की शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी?

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क्या महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी कमिश्नर से नामांकन न स्वीकार करने की शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी?

सारांश

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी कमिश्नर से उन शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा गया है कि कोलाबा में कुछ उम्मीदवारों के नामांकन फॉर्म को स्वीकार नहीं किया गया। क्या इस मामले में कोई बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होगा?

Key Takeaways

  • महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है।
  • कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन स्वीकार नहीं करने की शिकायतें आई हैं।
  • आगामी बीएमसी चुनाव में विवाद बढ़ सकता है।

मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने गुरुवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) कमिश्नर भूषण गगरानी से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट कुछ उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद मांगी गई है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में रिटर्निंग अधिकारियों ने नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन उनके नामांकन फॉर्म स्वीकार नहीं किए।

यह विवाद कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड 225, 226, और 227 से संबंधित है, जहां भाजपा नेता और महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के रिश्तेदार आगामी बीएमसी चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। नार्वेकर वर्तमान में कोलाबा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

एसईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बीएमसी कमिश्नर को कुछ उम्मीदवारों से शिकायतें मिली हैं, जिनमें यह आरोप लगाया गया है कि तीनों वार्डों में रिटर्निंग अधिकारियों ने नामांकन जमा करने के आखिरी दिन उनके फॉर्म स्वीकार नहीं किए।

अधिकारी ने कहा, "शिकायतें मिलने के बाद और जनता तथा मीडिया की प्रतिक्रिया को देखते हुए, आयोग ने बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी से रिपोर्ट मांगी है, जो मुंबई में बीएमसी चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी भी हैं।"

अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि एसईसी ने अभी तक उन राजनीतिक पार्टियों के नामों की पुष्टि नहीं की है जिन्होंने शिकायतें दर्ज कराई हैं या क्या ये आरोप किसी विशेष राजनीतिक व्यक्ति के खिलाफ थे।

अधिकारी ने आगे कहा, "बीएमसी कमिश्नर से रिपोर्ट मिलने के बाद, महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग उचित निर्णय करेगा।"

इसी बीच, शिवसेना (यूबीसी)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) गठबंधन के उम्मीदवार बब्बन महादिक ने आरोप लगाया है कि विधानसभा स्पीकर ने अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए नामांकन फॉर्म को स्वीकार न करने के लिए स्थानीय अधिकारियों पर दबाव डालने की कोशिश की।

महादिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि लाइन में खड़े होने, आवश्यक सुरक्षा जमा करने और समय सीमा से पहले कार्यालय पहुंचने के बावजूद, वार्ड 226 के लिए उनका नामांकन फॉर्म स्वीकार नहीं किया गया।

सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, अंतिम दिन कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र में 12 उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया। आरोप है कि फॉर्म स्वीकार न करने के लिए अधिकारियों पर दबाव डाला गया और नामांकन दाखिल करने वाले हॉल के अंदर निर्दलीय उम्मीदवारों को भी धमकी दी गई।

वार्ड 225, 226, और 227 में, राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर, और भाभी हर्षिता शिवलकर चुनाव लड़ रहे हैं। तीनों ने 30 दिसंबर को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिस दौरान राहुल नार्वेकर भी उपस्थित थे।

30 दिसंबर बीएमसी और महाराष्ट्र के 28 अन्य नगर निगमों के चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। वोटिंग 15 जनवरी को होगी और वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी।

शिकायत करने वाले उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि स्पीकर के रिश्तेदारों का निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जानबूझकर विरोधी उम्मीदवारों को नॉमिनेशन फाइल करने से रोका गया।

हालांकि, स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनके भाई मकरंद नार्वेकर ने कहा कि स्पीकर चुनाव अधिकारी के कार्यालय में सिर्फ भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए मौजूद थे।

उन्होंने कहा, "हम लोकतांत्रिक और निष्पक्ष तरीके से चुनाव लड़ने में विश्वास करते हैं।"

Point of View

तो यह आगामी चुनावों में एक बड़ा विवाद पैदा कर सकता है। सभी राजनीतिक दलों को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने क्यों रिपोर्ट मांगी?
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कुछ उम्मीदवारों की शिकायतों के आधार पर, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नामांकन फॉर्म को स्वीकार नहीं किया गया था, रिपोर्ट मांगी है।
कोलाबा चुनाव क्षेत्र में क्या समस्या है?
कोलाबा चुनाव क्षेत्र में कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि रिटर्निंग अधिकारियों ने उनके नामांकन फॉर्म को आखिरी दिन स्वीकार नहीं किया।
क्या राहुल नार्वेकर पर आरोप हैं?
हाँ, कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि राहुल नार्वेकर के रिश्तेदारों का निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उनके नामांकन को रोका गया।
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