8 जुलाई 2026
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बिहार कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को दी मंजूरी: एम्स पटना विस्तार के लिए ₹348.90 करोड़, 500 MW सोलर और दलहन मिशन

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बिहार कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को दी मंजूरी: एम्स पटना विस्तार के लिए ₹348.90 करोड़, 500 MW सोलर और दलहन मिशन

सारांश

बिहार कैबिनेट की एक बैठक में 22 बड़े फैसले — एम्स पटना के लिए ₹348.90 करोड़, 500 MW सोलर, दलहन मिशन और चार शहरों में ग्रीनफील्ड टाउनशिप। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुए ये निर्णय स्वास्थ्य से लेकर कृषि तक राज्य की विकास प्राथमिकताओं को एक साथ रेखांकित करते हैं।

मुख्य बातें

बिहार कैबिनेट ने 8 जुलाई 2026 को 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा और शहरी विकास शामिल हैं।
एम्स पटना के विस्तार के लिए दानापुर में 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति; अनुमानित लागत ₹348.90 करोड़ ।
वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे — आरईएससीओ मॉडल के तहत।
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए ₹79.84 करोड़ ; डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के लिए ₹154 करोड़ और पोषण मिशन के लिए ₹44.63 करोड़ मंजूर।
मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए 5-5 एकड़ भूमि ₹1 टोकन लीज पर 30 वर्षों के लिए।
बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के गठन को स्वीकृति।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 8 जुलाई 2026 को आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी नियोजन से संबंधित 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों में एम्स पटना के विस्तार हेतु भूमि अधिग्रहण, 500 मेगावाट क्षमता की रूफटॉप सोलर परियोजना और मत्स्य पालन के लिए एक नई कॉर्पोरेट संस्था का गठन प्रमुख रहे।

स्वास्थ्य: एम्स पटना के विस्तार को हरी झंडी

स्वास्थ्य क्षेत्र में सबसे बड़े निर्णय के तहत एम्स पटना के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹348.90 करोड़ है। सरकार के अनुसार, इससे सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को बल मिलेगा और राज्य के मरीजों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ऊर्जा: 500 MW रूफटॉप सोलर परियोजना को मंजूरी

ऊर्जा क्षेत्र में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक सरकारी एवं सरकार-अधीन भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी गई। यह परियोजना आरईएससीओ मॉडल के तहत क्रियान्वित होगी और संबंधित विभाग ऊर्जा खरीद के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) करेंगे।

कृषि: दलहन मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर को बजट

कृषि क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' के तहत खरीफ, रबी और गरमा मौसम की दलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹79.84 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्री स्टैक परियोजना में फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए ₹154 करोड़ तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत ₹44.63 करोड़ की योजनाओं को भी स्वीकृति मिली।

शिक्षा एवं शहरी विकास: केंद्रीय विद्यालय और ग्रीनफील्ड टाउनशिप

शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक स्थान पर 5-5 एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र ₹1 के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए देने का निर्णय लिया। शहरी नियोजन में पाटलिपुत्र (पटना), हरिहरनाथपुर (सोनपुर), मगध (गया) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए भूमि क्रय एवं अधिग्रहण को मंजूरी दी गई। तकनीकी सहायता के लिए अहमदाबाद स्थित सीईपीटी विश्वविद्यालय की सलाहकार इकाई को नामित किया गया।

मत्स्य क्षेत्र: नई कॉर्पोरेट संस्था का गठन

बैठक में बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के गठन को भी स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इस संस्था से आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास होगा, निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में जलीय कृषि क्षेत्र को संगठित ढाँचे की दीर्घकालिक आवश्यकता महसूस की जा रही थी। राज्य सरकार के इन निर्णयों का क्रियान्वयन आने वाले महीनों में संबंधित विभागों के माध्यम से किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है। बिहार में ₹348.90 करोड़ की एम्स विस्तार परियोजना और 500 MW सोलर योजना दोनों भूमि अधिग्रहण और विभागीय समन्वय पर टिकी हैं — जो राज्य में ऐतिहासिक रूप से देरी का कारण रही हैं। दलहन मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर के लिए बजट तो मंजूर हुआ, परंतु फार्मर रजिस्ट्री जैसी डिजिटल बुनियाद अभी निर्माण के चरण में है। ग्रीनफील्ड टाउनशिप की घोषणाएं महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन बिना समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के ये केवल नक्शे पर बिंदु बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट की 8 जुलाई 2026 की बैठक में कौन-कौन से प्रमुख फैसले हुए?
बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें एम्स पटना विस्तार, 500 MW रूफटॉप सोलर, दलहन मिशन, डिजिटल एग्रीकल्चर, तीन जिलों में केंद्रीय विद्यालय और चार शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप प्रमुख हैं। मत्स्य पालन के लिए नई कॉर्पोरेट संस्था के गठन को भी स्वीकृति मिली।
एम्स पटना विस्तार परियोजना की लागत और भूमि कहाँ से ली जाएगी?
एम्स पटना के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत ₹348.90 करोड़ है। इस परियोजना से सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होने की उम्मीद है।
बिहार की 500 MW रूफटॉप सोलर परियोजना कैसे काम करेगी?
यह परियोजना आरईएससीओ (RESCO) मॉडल के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के बीच सरकारी और सरकार-अधीन भवनों पर लागू होगी। संबंधित विभाग ऊर्जा खरीद के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) करेंगे, जिससे राज्य की ऊर्जा खपत में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन से बिहार के किसानों को क्या फायदा होगा?
₹79.84 करोड़ की इस योजना के तहत खरीफ, रबी और गरमा मौसम की दलहनी फसलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे राज्य में दलहन उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार अपेक्षित है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू होगी।
बिहार में नए केंद्रीय विद्यालय कहाँ खुलेंगे और शर्तें क्या हैं?
मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालय स्थापित होंगे, जिनके लिए राज्य सरकार प्रत्येक स्थान पर 5-5 एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र ₹1 के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए देगी।
राष्ट्र प्रेस
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