पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि, 200 नए बेड और स्किन स्टोरेज सुविधा: सम्राट चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 5 जुलाई 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का व्यापक निरीक्षण किया और घोषणा की कि राज्य सरकार संस्थान के विस्तार हेतु शीघ्र ही 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी। इस भूमि विस्तार से अस्पताल में करीब 200 नए बेड जुड़ेंगे, जिससे बिहार के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने एम्स प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना और भविष्य की विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने एम्स, पटना से नाथूपुर तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस सड़क के निर्माण से मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को अस्पताल तक पहुँचने में उल्लेखनीय सुविधा होगी।
बर्न मरीजों के लिए स्किन स्टोरेज सुविधा
मुख्यमंत्री ने बर्न मरीजों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एम्स में स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) व्यवस्था विकसित करने में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह सुविधा गंभीर जलन के शिकार मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है, क्योंकि समय पर त्वचा प्रत्यारोपण उनकी जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
चौधरी ने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
उन्नत चिकित्सा विभागों का जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम और रेडियो फार्मेसी लैब का भी जायजा लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग और ओपीडी की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
परिसर विकास और पर्यावरण संरक्षण
एम्स परिसर स्थित तालाब का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने उसके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यह स्थान लोगों के लिए सुंदर और उपयोगी बन सके।
आगे की राह
मुख्यमंत्री चौधरी ने दोहराया कि राज्य सरकार एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में सक्रिय सहयोग जारी रखेगी। गौरतलब है कि बिहार में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की माँग लगातार बढ़ रही है और एम्स पटना राज्य का सबसे महत्वपूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य केंद्र है। भूमि विस्तार और नई सुविधाओं के साथ यह संस्थान बिहार और आसपास के राज्यों के मरीजों को और बेहतर सेवाएँ दे सकेगा।