पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन, 200 नए बेड और स्किन स्टोरेज की होगी सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 जुलाई 2025 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का व्यापक निरीक्षण किया और संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने घोषणा की कि एम्स के विस्तार हेतु शीघ्र ही 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अस्पताल में लगभग 200 नए बेड जुड़ेंगे और बिहार के मरीजों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स प्रशासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम और रेडियो फार्मेसी लैब का जायजा लिया। इसके अलावा ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग और ओपीडी की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
बर्न मरीजों के लिए स्किन स्टोरेज सुविधा
चौधरी ने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने बर्न पीड़ितों के इलाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एम्स में स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) की व्यवस्था विकसित करने में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया। गौरतलब है कि स्किन स्टोरेज सुविधा गंभीर जलन के मामलों में त्वचा प्रत्यारोपण की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, जो अभी तक बिहार में सीमित है।
सड़क और बुनियादी ढाँचे का विकास
मुख्यमंत्री ने एम्स, पटना से नाथूपुर तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को अस्पताल तक पहुँचने में सुविधा होगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब एम्स पटना पर बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
तालाब का जीर्णोद्धार और पर्यावरण संरक्षण
एम्स परिसर में स्थित तालाब का अवलोकन करते हुए चौधरी ने उसके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यह परिसर में आने वाले लोगों के लिए एक सुंदर और उपयोगी स्थल बन सके।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में सक्रिय सहयोग करेगी। 24 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नए बेड और सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे बिहार में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा।