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पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन, 200 नए बेड और स्किन स्टोरेज की होगी सुविधा

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पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन, 200 नए बेड और स्किन स्टोरेज की होगी सुविधा

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स पटना दौरे में 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन और 200 नए बेड का वादा किया। बर्न मरीजों के लिए स्किन स्टोरेज सुविधा और नाथूपुर तक चार लेन सड़क — यह बिहार में सरकारी स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स, पटना को 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि देने की घोषणा की।
भूमि विस्तार से अस्पताल में लगभग 200 नए बेड जुड़ेंगे।
बर्न पीड़ितों के बेहतर उपचार के लिए स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) सुविधा विकसित की जाएगी।
एम्स पटना से नाथूपुर तक चार लेन सड़क निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग , ऑन्कोलॉजी और ओपीडी सहित कई विभागों की समीक्षा की गई।
एम्स परिसर के तालाब के जीर्णोद्धार और पर्यटन केंद्र के रूप में विकास का निर्देश।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 जुलाई 2025 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का व्यापक निरीक्षण किया और संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने घोषणा की कि एम्स के विस्तार हेतु शीघ्र ही 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अस्पताल में लगभग 200 नए बेड जुड़ेंगे और बिहार के मरीजों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी।

मुख्य घटनाक्रम

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स प्रशासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम और रेडियो फार्मेसी लैब का जायजा लिया। इसके अलावा ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग और ओपीडी की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

बर्न मरीजों के लिए स्किन स्टोरेज सुविधा

चौधरी ने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने बर्न पीड़ितों के इलाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एम्स में स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) की व्यवस्था विकसित करने में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया। गौरतलब है कि स्किन स्टोरेज सुविधा गंभीर जलन के मामलों में त्वचा प्रत्यारोपण की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, जो अभी तक बिहार में सीमित है।

सड़क और बुनियादी ढाँचे का विकास

मुख्यमंत्री ने एम्स, पटना से नाथूपुर तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को अस्पताल तक पहुँचने में सुविधा होगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब एम्स पटना पर बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

तालाब का जीर्णोद्धार और पर्यावरण संरक्षण

एम्स परिसर में स्थित तालाब का अवलोकन करते हुए चौधरी ने उसके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यह परिसर में आने वाले लोगों के लिए एक सुंदर और उपयोगी स्थल बन सके।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में सक्रिय सहयोग करेगी। 24 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नए बेड और सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे बिहार में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में सरकारी स्वास्थ्य घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच की खाई ऐतिहासिक रूप से चौड़ी रही है। स्किन स्टोरेज जैसी विशेष सुविधा का वादा महत्वपूर्ण है — राज्य में बर्न केयर की गंभीर कमी को देखते हुए यह एक जरूरी कदम है। असली कसौटी यह होगी कि भूमि हस्तांतरण की समय-सीमा और नए बेडों के निर्माण का रोडमैप कब सार्वजनिक होता है, क्योंकि बिना समयबद्ध जवाबदेही के ऐसी घोषणाएं अक्सर फाइलों में दब जाती हैं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्स पटना को कितनी अतिरिक्त जमीन मिलेगी और इससे क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार एम्स पटना को 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जाएगी। इससे अस्पताल में लगभग 200 नए बेड जुड़ेंगे और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
एम्स पटना में स्किन स्टोरेज सुविधा क्या है और यह क्यों जरूरी है?
स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) एक ऐसी सुविधा है जिसमें दानकर्ताओं की त्वचा को संरक्षित कर गंभीर जलन के मामलों में प्रत्यारोपण के लिए उपयोग किया जाता है। बिहार में बर्न मरीजों की संख्या को देखते हुए यह सुविधा उनके जीवन-रक्षक उपचार को अधिक प्रभावी बनाएगी।
एम्स पटना से नाथूपुर तक चार लेन सड़क का क्या महत्व है?
यह सड़क एम्स पटना तक पहुँच को आसान बनाएगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स पटना के किन विभागों का निरीक्षण किया?
चौधरी ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग (पेट-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम, रेडियो फार्मेसी लैब), बर्न वार्ड, ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने एम्स परिसर के तालाब के जीर्णोद्धार का निर्देश भी दिया।
बिहार सरकार एम्स पटना के विकास में क्या भूमिका निभाएगी?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराने, स्किन स्टोरेज सुविधा विकसित करने और सड़क निर्माण सहित एम्स के विकास से जुड़े सभी कार्यों में सक्रिय सहयोग करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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