हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सिंगापुर की कंपनियों को निवेश का आमंत्रण दिया
सारांश
Key Takeaways
- हरियाणा सरकार ने सिंगापुर की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।
- मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
- सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम का एक व्यापार केंद्र गुरुग्राम में स्थापित करने पर चर्चा हुई।
- निवेशकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- राज्य में उद्योगों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
चंडीगढ़, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम के अध्यक्ष प्रसून मुखर्जी ने शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भेंट की, जहाँ उन्होंने राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार सहयोग और सिंगापुर की कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम और सिंगापुर के निवेशकों को हरियाणा में निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार, सरकार पारदर्शी नीतियों, सरल प्रक्रियाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा में आने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनके हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों के विकास से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और हरियाणा की आर्थिक वृद्धि में और तेजी आएगी।
बैठक में गुरुग्राम में सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम का एक व्यापार केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापार केंद्र के माध्यम से सिंगापुर की कंपनियों को हरियाणा में कार्यालय स्थापित करने और निवेश करने का एक मजबूत मंच प्राप्त होगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
इस अवसर पर मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सैनी को सिंगापुर आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम से जुड़े निवेशक, सिंगापुर सरकार के सहयोग से, हरियाणा में निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए बेहद उत्सुक हैं। भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आयुक्त और सचिव (उद्योग और वाणिज्य विभाग) अमित अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।