2 अगस्त 2026
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सृष्टि कंडारी मामला: उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्ष ने की कड़ी कार्रवाई की माँग, CB-CID जाँच के आदेश

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सृष्टि कंडारी मामला: उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्ष ने की कड़ी कार्रवाई की माँग, CB-CID जाँच के आदेश

सारांश

देहरादून की शिक्षिका सृष्टि कंडारी की कथित आत्महत्या ने उत्तराखंड को झकझोर दिया है। विवाह के आठ महीने बाद प्रताड़ना के आरोपों के बीच उठाया गया यह कदम, CB-CID जाँच और महिला आयोग की सक्रियता के साथ अब न्याय की माँग बन चुका है।

मुख्य बातें

उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने 1 अगस्त 2026 को मामले में दुख जताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की।
देहरादून की शिक्षिका सृष्टि कंडारी ने विवाह के मात्र आठ महीने बाद कथित तौर पर आत्महत्या की; मृत्यु से पहले एक वीडियो में ससुराल की प्रताड़ना का ज़िक्र किया।
पुलिस ने पति और ननद को हिरासत में लिया; सास के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मामले की जाँच CB-CID को सौंपने की घोषणा की।
महिला आयोग ने प्रताड़ित महिलाओं से आयोग से संपर्क करने और चुप न रहने की अपील की।

देहरादून की शिक्षिका सृष्टि कंडारी की कथित आत्महत्या के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने 1 अगस्त 2026 को गहरा दुख व्यक्त करते हुए इस घटना को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की। विवाह के मात्र आठ महीने बाद एक पढ़ी-लिखी शिक्षिका का इस प्रकार जीवन समाप्त करना, आयोग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्य घटनाक्रम

कुसुम कंडवाल ने बताया कि वह इस मामले में पुलिस के लगातार संपर्क में हैं और आयोग ने स्वतः संज्ञान लेने की प्रक्रिया भी अपनाई है। उन्होंने कहा, 'कोई भी इतनी आसानी से सुसाइड नहीं करता — यह बहुत गंभीर मामला है।' आयोग अध्यक्ष ने प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में CB-CID से जाँच कराने की बात कही है, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।

सृष्टि की माँ का बयान और वीडियो

कुसुम कंडवाल ने बताया कि उनकी सृष्टि की माँ से बातचीत हुई थी, जिन्होंने कहा कि उनकी बेटी घर वापस आ रही थीं, लेकिन घर पहुँचने से पहले ही उन्होंने यह कदम उठा लिया। माँ के अनुसार सृष्टि को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था।

सृष्टि ने अपनी मृत्यु से पूर्व एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना का विवरण दिया और अपनी माँ व बहन से क्षमा माँगी।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और ननद को हिरासत में ले लिया है। एसएसपी के अनुसार, सास के विरुद्ध भी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और साक्ष्य मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। परिवार के जो भी सदस्य प्रताड़ना में शामिल पाए जाएँगे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महिला आयोग की अपील

कुसुम कंडवाल ने प्रताड़ित महिलाओं से आह्वान किया कि वे चुप न रहें। उन्होंने कहा, 'किसी भी महिला या बेटी के साथ प्रताड़ना हो रही हो तो तुरंत महिला आयोग से संपर्क करें — यहाँ से मदद मिलेगी। अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेना कोई समाधान नहीं है। प्रताड़ना सहना भी अपराध है, इसलिए मुखर होकर हम लोगों के पास पहुँचिए।'

आगे क्या होगा

CB-CID जाँच के आदेश के बाद अब इस मामले में व्यापक साक्ष्य संकलन और आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज़ होने की उम्मीद है। उत्तराखंड महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कामकाजी महिला भी ससुराली प्रताड़ना से बचने का रास्ता नहीं खोज पाती। CB-CID जाँच का आदेश स्वागत योग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या महिला आयोग और पुलिस तंत्र उन चेतावनी संकेतों को समय रहते पकड़ पाते हैं जो अक्सर सार्वजनिक वीडियो के रूप में सामने आते हैं। उत्तराखंड में दहेज उत्पीड़न के मामलों में दर्ज शिकायतों और वास्तविक गिरफ्तारियों के बीच का अंतर लंबे समय से चिंता का विषय रहा है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सृष्टि कंडारी कौन थीं और यह मामला क्या है?
सृष्टि कंडारी देहरादून की एक शिक्षिका थीं, जिन्होंने विवाह के मात्र आठ महीने बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृत्यु से पहले उन्होंने एक वीडियो साझा किया था जिसमें ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना का विवरण था।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने सृष्टि के पति और ननद को हिरासत में ले लिया है। सास के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री ने CB-CID जाँच के आदेश दिए हैं।
उत्तराखंड महिला आयोग ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस से सतत संपर्क बनाए रखा है और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रताड़ित महिलाएँ उत्तराखंड महिला आयोग से कैसे संपर्क कर सकती हैं?
कुसुम कंडवाल ने अपील की है कि कोई भी महिला या बेटी प्रताड़ना होने पर तुरंत महिला आयोग से संपर्क करे। आयोग से मदद मिलेगी और चुप रहना या सहना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
CB-CID जाँच से इस मामले में क्या बदलेगा?
CB-CID एक विशेष जाँच शाखा है जो स्थानीय पुलिस से स्वतंत्र रूप से साक्ष्य एकत्र करती है। इससे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जाँच सुनिश्चित होगी, जिसमें सभी आरोपी परिवार सदस्यों की भूमिका की जाँच होगी।
राष्ट्र प्रेस
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