क्या उत्तराखंड में सुखवंत सिंह के सुसाइड केस में मुख्यमंत्री धामी ने जांच के आदेश दिए?
सारांश
Key Takeaways
- सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की जो कि एक गंभीर मामला है।
- परिवार ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
- मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
- किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है।
- सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।
हल्द्वानी, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने जमीन के विवाद के चलते आत्महत्या कर ली। उनका शव देर शाम उनके घर पहुँच गया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू ने बताया कि मृतक के परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि सुखवंत की वायरल वीडियो को सबूत मानकर मामले में शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें सस्पेंड किया जाए।
दूसरी मांग में कहा गया है कि सुखवंत की आखिरी इच्छा के अनुसार पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। तीसरी मांग के तहत, कहा गया है कि परिवार के साथ हुई धोखाधड़ी के पैसे को वापस लौटाने की प्रक्रिया सरकार द्वारा की जाए, चाहे इसके लिए आरोपियों की संपत्ति कुर्क करनी पड़े।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन के पास सोमवार १२ बजे तक का समय है। अगर निर्धारित समय तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तो वे सुखवंत के पार्थिव शरीर को आईटीआई थाने ले जाएंगे और तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक सरकार उनकी तीनों मांगें नहीं मान लेती।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊ कमिश्नर दीपक रावत को मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुखद घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपक से विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने दिवंगत किसान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवार को संभव सहायता प्रदान की जाए ताकि उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।