क्या बीएचयू में शांतिपूर्ण 'मनरेगा बचाओ संग्राम' मार्च को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया?

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क्या बीएचयू में शांतिपूर्ण 'मनरेगा बचाओ संग्राम' मार्च को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया?

सारांश

वाराणसी में एनएसयूआई के 'मनरेगा बचाओ संग्राम' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी ने गंभीर आरोप लगाए। जानिए इस घटना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Key Takeaways

  • मनरेगा आंदोलन गरीबों के हक की लड़ाई है।
  • बीएचयू में पुलिस का बर्ताव अत्यंत शर्मनाक था।
  • छात्रों को डिटेन करना अस्वीकार्य है।

वाराणसी, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को वाराणसी में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) द्वारा आयोजित 'मनरेगा बचाओ संग्राम' मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद सोमवार को स्थिति और भी तंग हो गई है। इस संदर्भ में एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने विस्तार से इस घटना का उल्लेख करते हुए यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

वरुण चौधरी ने कहा कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, लेकिन बीएचयू परिसर में छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत शर्मनाक था। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले से छात्रों को उनके हॉस्टल और पीजी से जबरदस्ती उठाया गया, डिटेन किया गया और उनके परिवारों को भी धमकाया गया। इसके अलावा, पीजी मालिकों को भी चेतावनी दी गई कि यदि छात्रों को तुरंत बाहर नहीं निकाला गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वरुण चौधरी ने कहा कि इस तरह के बर्ताव से स्पष्ट है कि यूपी पुलिस आम छात्रों के साथ किस प्रकार का व्यवहार करती है। उन्होंने सरकार और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने इस हिंसक और असभ्य व्यवहार में हिस्सा लिया है, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि मनरेगा की लड़ाई गरीबों, बहुजनों और आदिवासियों की लड़ाई है, और यह लड़ाई किसी डर से नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल बनारस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे देश के हर कैंपस, हर गांव और हर मोहल्ले तक पहुंचाया जाएगा।

वरुण चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का उद्देश्य गरीबों के हक की लड़ाई लड़ना है और इसे किसी राजनीतिक दबाव या डर से रोकने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गरीबों की हितलाभकारी लड़ाई को रोकना आसान नहीं होगा। छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस लड़ाई को जारी रखें और हर स्तर पर आवाज उठाते रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि बीएचयू में हुई घटना बेहद दर्दनाक और गलत थी और इसे किसी भी देश या कैंपस में दोहराया नहीं जाना चाहिए।

Point of View

यह घटना बेहद चिंताजनक है। छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे विश्वविद्यालय सुरक्षित और सहिष्णु स्थान रहें।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

मनरेगा बचाओ संग्राम क्या है?
यह एक आंदोलन है जो गरीबों, बहुजनों और आदिवासियों के हक के लिए लड़ा जा रहा है।
एनएसयूआई का क्या उद्देश्य है?
एनएसयूआई का उद्देश्य छात्रों के हक और अधिकारों की रक्षा करना है।
बीएचयू में पुलिस का बर्ताव क्यों विवादित है?
पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च को रोकने का प्रयास किया और छात्रों को डिटेन किया।
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