चैत्र नवरात्रि की शुरुआत से पहले मनोज तिवारी ने पेश किया देवी गीत, मां को बताया शक्ति का प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- नवरात्रि के पावन अवसर पर मनोज तिवारी का नया देवी गीत।
- गीत में मां के नौ रूपों का वर्णन।
- मां की महिमा और उनके प्रेम को दर्शाता है।
- संगीत वीके बीट्स द्वारा तैयार किया गया।
- मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति का संदेश।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 19 मार्च को श्रद्धा और आस्था के साथ मां भगवती के चैत्र नवरात्रि का आरंभ होने जा रहा है।
देश भर के शक्तिपीठों और सिद्धपीठ मंदिरों में मां के आगमन की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इसी संदर्भ में, सांसद और भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी का पहला देवी गीत 'ममता की छांव' जारी किया गया है। इस गीत में जन्म देने वाली मां के नौ रूपों को भक्ति और प्रेम से प्रस्तुत किया गया है।
मनोज तिवारी का यह भक्ति गीत मां दुर्गा के रूप में जन्म देने वाली मां को दर्शाता है, जो न केवल जन्म देती हैं, बल्कि अपनी अंतिम सांस तक बच्चों के लिए सब कुछ न्योछावर कर देती हैं। गीत में मनोज तिवारी प्रार्थना करते हैं कि वे जब भी सुबह उठें, तो अपनी जन्म देने वाली मां का चेहरा देखें, जिन्होंने उन्हें इस संसार में रहने योग्य बनाया। इस गीत में मां की संजीवनी शक्ति को दर्शाया गया है, जो बच्चे की हर कठिनाई में उसके साथ खड़ी रहती हैं।
यह गीत मृदुल भक्ति टीवी पर लॉन्च किया गया है, और मनोज तिवारी ने न केवल इसे गाया है, बल्कि गीतकार डी ब्रूक के साथ मिलकर इसे प्रस्तुत किया है। संगीत वीके बीट्स ने दिया है। अभिनेता ने अपने इस प्यारे गीत को साझा करते हुए लिखा, "ममता भी तू, शक्ति भी तू, माँ भी तू, जगदंबा भी तू। यह कहानी केवल मेरी नहीं, बल्कि हर उस बेटे की है जिसकी मां उसकी दुनिया है। इस ममता से भरे खूबसूरत गीत को अवश्य सुनें और अपना प्यार और आशीर्वाद दें।"
उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी राजनीति के साथ-साथ भोजपुरी संगीत में भी सक्रिय हैं। अपने करियर में उन्होंने कई हिट देवी पचरा गीत गाए हैं, जिनमें 'मईया लाले रंगवा ना,' 'शीतला भवानी हे मईया,' 'चल विन्ध्याचल में,' 'निमिया के डाढ़ मईया', और 'पहाड़े बइठइं ना' जैसे भक्ति से भरे गीत शामिल हैं।