यमुना की निगरानी के लिए दिल्ली सरकार ने जारी किया दो वीआईपी नौकाओं का टेंडर
सारांश
Key Takeaways
- यमुना नदी की निगरानी के लिए टेंडर जारी किया गया है।
- नौकाओं की कुल लागत 6.2 करोड़ रुपये है।
- प्रत्येक नाव में 16 से 20 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होगी।
- नौकाओं में सुरक्षा उपकरणों की सुविधा होगी।
- इनका उपयोग मानसून के दौरान भी किया जाएगा।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार ने यमुना की निगरानी के लिए दो विशेष नौकाओं के लिए टेंडर जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने यमुना नदी की निगरानी एवं सर्वेक्षण कार्यों हेतु दो नाव खरीदने के लिए टेंडर पेश किया है।
दिल्ली सरकार द्वारा 12 मार्च को जारी टेंडर में लगभग 6.2 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले दो नौकाओं की आवश्यकता बताई गई है। इसमें से प्रत्येक नाव की लागत लगभग 3.1 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इन नौकाओं का उपयोग नदी की निगरानी, सर्वेक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण दौरों के लिए किया जाएगा।
टेंडर के अनुसार, प्रत्येक नाव में 16 से 20 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होनी चाहिए और इसकी लंबाई लगभग 13 मीटर, चौड़ाई 4.3 मीटर और ऊंचाई 2.1 मीटर होनी चाहिए। नौकाओं में वातानुकूलन प्रणाली और बैठने की व्यवस्था से सुसज्जित बंद केबिन होंगे।
विशेष रूप से तैयार की गई बिजनेस-क्लास पुश-बैक सीटें, लकड़ी की फिनिश वाले इंटिग्रेटेड हैंड रेस्ट, बोतल धारक और परिवेशी एलईडी लाइट की व्यवस्था भी शामिल है। नौकाओं में भोजन परोसने के लिए एक पेंट्री, वॉशरूम और लगभग 400 लीटर ताजे पानी के भंडारण की क्षमता भी होगी।
प्रत्येक नाव में एक खुला पिछला डेक होगा जिसमें तीन से चार व्यक्तियों के लिए सोफा-प्रकार की बैठने की व्यवस्था होगी, जिससे आधिकारिक दौरों और निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक उपस्थिति को सुगम बनाया जा सके।
इन नौकाओं में 300 हॉर्सपावर के चार-स्ट्रोक इंजन होंगे और इनमें 700 से 1000 लीटर ईंधन की क्षमता वाले टैंक भी होंगे। टेंडर स्पेसिफिकेशन के अनुसार, पूर्ण भार पर इन नौकाओं का विस्थापन लगभग 12 टन होगा और ये 25 समुद्री मील प्रति घंटे की गति से चल सकेंगी।
नौकाओं पर सुरक्षा उपकरणों में ट्रैकिंग उपकरण, उच्च आवृत्ति (वीएचएफ) रेडियो सिग्नल स्टेशन, अग्निशामक पंप, आपातकालीन चिकित्सा उपकरण और 500 मीटर तक की जल गहराई मापने में सक्षम डेप्थ साउंडर शामिल हैं। आपूर्तिकर्ता एजेंसी दो वर्षों तक रखरखाव और अतिरिक्त पुर्जों की व्यवस्था करने के लिए भी जिम्मेदार होगी।
अधिकारियों ने बताया कि इन नौकाओं का उपयोग यमुना की निगरानी, सर्वेक्षण करने और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के निरीक्षण दौरों के लिए किया जाएगा। मानसून के दौरान बाढ़ की निगरानी और बचाव कार्यों तथा छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान भी इन नौकाओं से निगरानी करने में आसानी होगी।
टेंडर प्रक्रिया 19 मार्च तक समाप्त होने की उम्मीद है, और प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकाओं की खरीद में लगभग पांच महीने लग सकते हैं। इस बीच, दिल्ली सरकार ने सोनिया विहार और जगतपुर के बीच यमुना नदी पर प्रस्तावित क्रूज सेवा के लिए 40 सीटों वाली एक नाव भी खरीदी है।
इस परियोजना का उद्देश्य नदी पर मनोरंजक क्रूज और फेरी सेवाएं शुरू करना है, हालांकि सेवा के शुभारंभ में देरी हुई है।