दिल्ली का उपराज्यपाल टीएस संधू ने कालिंदी कुंज में यमुना के झाग की स्थिति का किया दौरा

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दिल्ली का उपराज्यपाल टीएस संधू ने कालिंदी कुंज में यमुना के झाग की स्थिति का किया दौरा

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने कालिंदी कुंज में यमुना नदी की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने झाग के समाधान के लिए ठोस योजनाएँ बनाई और विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। क्या यह कदम प्रदूषण की समस्या को हल कर पाएगा?

Key Takeaways

  • टीएस संधू ने यमुना के झाग की समस्या का दौरा किया।
  • विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई।
  • दिल्ली सरकार ने नौकाओं के लिए निविदा जारी की।
  • राजनीतिक विवाद का सामना करना पड़ा।
  • यमुना में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने गुरुवार को कालिंदी कुंज में स्थित यमुना घाट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यमुना में उत्पन्न झाग से निपटने के लिए ठोस कदम उठाते हुए भविष्य की रणनीति तैयार की।

सोशल मीडिया पर एक संदेश में उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने यमुना नदी के किनारे स्थित कालिंदी कुंज घाट का दौरा किया और वर्तमान स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया।

संधू ने बताया कि इस दौरे में प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों और संगठनों के स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों से बातचीत की गई ताकि भविष्य के लिए व्यावहारिक और दीर्घकालिक उपायों की पहचान की जा सके।

एक दिन पहले, यमुना नदी पर निगरानी और सर्वेक्षण कार्यों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा दो 'वीआईपी निरीक्षण नौकाओं' के लिए 6.2 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया। यह निविदा तब जारी हुई जब कालिंदी कुंज के पास नदी में झाग का उच्च स्तर देखा गया, जिससे पर्यावरण संबंधी चिंताएं बढ़ गईं।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 12 मार्च को दो नौकाओं की खरीद के लिए निविदा जारी की, जिसमें प्रत्येक नौका की अनुमानित लागत लगभग 3.1 करोड़ रुपये है। निविदा दस्तावेज के अनुसार, इन नौकाओं का उपयोग नदी की निगरानी, सर्वेक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण दौरों के लिए किया जाएगा।

हालांकि, इस कदम की कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने कड़ी आलोचना की, जिन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यमुना में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के बजाय महंगी नौकाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि आज यमुना में गुलाबी झाग दिखाई दे रहा है। यह झाग सीवेज, औद्योगिक कचरे और सूखे कचरे का मिश्रण है। प्रदूषण का स्तर यमुना की स्वच्छता के सामान्य स्तर से हजारों गुना अधिक है। फिर भी, इस सरकार को कोई शर्म नहीं है। वे आज छह करोड़ रुपये की नावें खरीद रहे हैं।

इस आलोचना का उत्तर देते हुए, दिल्ली विधानसभा के उपसभापति और भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि यमुना में प्रदूषण दिल्ली की पिछली सरकारों की दीर्घकालिक उपेक्षा का परिणाम है।

Point of View

लेकिन राजनीतिक विवाद और आलोचना इसे प्रभावित कर सकती है। यह समय की मांग है कि सभी पक्ष मिलकर काम करें।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

यमुना में झाग क्यों उत्पन्न होता है?
यमुना में झाग मुख्य रूप से सीवेज, औद्योगिक कचरे और अन्य प्रदूषकों के कारण उत्पन्न होता है।
दिल्ली सरकार ने झाग के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की निगरानी के लिए दो 'वीआईपी निरीक्षण नौकाओं' की खरीद के लिए निविदा जारी की है।
झाग की समस्या पर विशेषज्ञों का क्या कहना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक उपायों की आवश्यकता है।
कांग्रेस ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने सरकार की आलोचना की और कहा कि वे महंगी नौकाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति क्या है?
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर यमुना की स्वच्छता के सामान्य स्तर से हजारों गुना अधिक है।
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