क्या दिल्ली में यमुना और सीवर नेटवर्क पर बड़ी बैठक हुई? 2027 तक काम पूरा करने का संकल्प
सारांश
Key Takeaways
- यमुना नदी की सफाई की योजना पर चर्चा हुई।
- सीवर नेटवर्क का विस्तार 2028 तक पूरा करने का संकल्प।
- दिल्ली जल बोर्ड 300 टैंकर मुफ्त पानी की सेवाएं देगा।
- सीवर नेटवर्क के नए प्रोजेक्ट पर कार्य जारी।
- सभी विभागों के साथ सहयोग से योजनाओं का क्रियान्वयन।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में यमुना नदी की सफाई और अन्य मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई है। इस संदर्भ में एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
प्रवेश वर्मा ने बताया कि गृह मंत्री भी हर महीने यमुना के मुद्दे पर बैठक करते हैं। बुधवार को हुए इस बैठक में दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एमसीडी और सभी संबंधित विभागों ने भाग लिया और अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की।
जल बोर्ड ने जानकारी दी कि कितने एसटीपी प्लांट निर्माणाधीन हैं, कितने के टेंडर हो चुके हैं और कितने अभी बाकी हैं। सीवर लाइन का नया नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इस बैठक में दिल्ली के सभी क्षेत्रों में सीवर लाइन नेटवर्क की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके अलावा, डीपीसीसी ने दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रही योजनाओं के बारे में बताया, जैसे कि प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर की गई कार्रवाई।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि 2028 तक हमारी योजनाएं लगभग पूर्ण हो जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया जारी है और काम तेजी से चल रहा है। वजीराबाद के एडीबी प्रोजेक्ट पर भी कार्य प्रगति पर है। गर्मी में लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी मिल सके, इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड 300 टैंकर मुफ्त सेवाएं प्रदान करेगा। व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कम दरों पर की जाएगी।
प्रवेश वर्मा ने बताया कि हम दिल्ली के घरों के सेप्टिक टैंक को मुफ्त में साफ कराने की योजना बना रहे हैं। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक हमारे सीवर लाइन नेटवर्क का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता। जब यह कार्य पूरा हो जाएगा, तब एसटीपी प्लांट द्वारा इसे शुद्ध करके बहाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रीटेड पानी के उपयोग के लिए डीडीए, एमसीडी समेत विभिन्न विभागों से बातचीत चल रही है कि वे इस पानी का उपयोग कैसे करेंगे। इसके अलावा, निर्माण कार्यों में भी इस पानी का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है। हम यह योजना बना रहे हैं कि दिल्ली और भारत सरकार के विभागों द्वारा होने वाले निर्माण कार्यों में इस पानी का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यमुना नदी और अन्य कार्यों के लिए हमारी डेडलाइन निर्धारित कर दी गई है, जो दिसंबर 2027 है। हम अपनी डेडलाइन को एक सप्ताह भी नहीं बढ़ाएंगे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सीवर नेटवर्क नहीं था।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली की पूर्व सरकारों ने कई इलाकों में सीवर नेटवर्क स्थापित नहीं किया, जिससे लोगों को कठिनाई हुई। इन समस्याओं को जल्द हल किया जाएगा। पूर्व सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए।