31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हर चुनाव का मॉडल क्यों अलग है? निकाय चुनाव बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित हैं: सुप्रिया सुले (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हर चुनाव का मॉडल क्यों अलग है? निकाय चुनाव बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित हैं: सुप्रिया सुले (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

सारांश

क्या हर चुनाव का मॉडल अलग है? सुप्रिया सुले ने स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा करते हुए बुनियादी मुद्दों की महत्ता को उजागर किया। जानें उनकी विशेष राय और आगामी चुनावों पर उनकी रणनीति।

मुख्य बातें

बुनियादी नागरिक सुविधाएं चुनावों का मूल मुद्दा होना चाहिए।
महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण गठबंधन की राजनीति जनता के लिए हानिकारक हो सकती है।
भाजपा में मेरिट का कोई महत्व नहीं रह गया है।
हर चुनाव का अलग मॉडल होता है।

मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने स्थानीय निकाय चुनावों, पुणे नगर निगम के 2026 के घोषणापत्र, गठबंधन की राजनीति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष वार्ता की। यहां इस बातचीत के मुख्य अंश प्रस्तुत हैं।

सवाल: पहले के चुनावों में समस्याओं पर चर्चा होती थी, अब धर्म के आधार पर चुनाव लड़े जा रहे हैं।

जवाब: हम हमेशा असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे। ये नगर निगम चुनाव हैं, जहां प्राथमिक मुद्दे बुनियादी नागरिक सुविधाएं हैं। पानी, स्वच्छता और वार्ड की समस्याओं को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। जनता के लिए जो मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए, उन पर विचार कर चुनाव लड़ा जाना चाहिए। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन चुनावों में गठबंधन का निर्माण हो रहा है और चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं दे रहा, जो एक मजबूत लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।

सवाल: आपने अपनी पार्टी का जिक्र किया। भाजपा तोड़-फोड़ की राजनीति करती है। महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के संदर्भ में आप क्या कहना चाहेंगी?

जवाब: यह सच में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के उन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया जा रहा है जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की। आज भाजपा में लगभग 60 प्रतिशत नेता कांग्रेस और एनसीपी से आए हैं, और वे फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल हैं। भाजपा का दावा है कि उसके वोट बढ़े हैं, लेकिन असल में ये केवल ट्रांसफर हुए वोट हैं। अगर ये नेता किसी दूसरी पार्टी में जाते हैं, तो वोट भी उनके साथ चले जाएंगे।

सवाल: भाजपा के घोषणापत्र पर आपके क्या विचार हैं? इसमें महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

जवाब: महिलाएं हमेशा महत्वपूर्ण वोटर रही हैं। देश में हर योगदान आवश्यक है। लाडकी बहिन योजना के तहत 2,100 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन वह राशि नहीं दी गई। हमने कहा था कि यदि हमारी सरकार बनेगी, तो हम प्रत्येक महिला को 3,000 रुपए देंगे। यदि यह सरकार महिलाओं के लिए कोई सच्ची योजना लाती है, तो मैं उसका स्वागत करूंगी। हर पार्टी को महिलाओं के लिए काम करना चाहिए। शरद पवार पहले नेता थे जिन्होंने महिलाओं को आरक्षण दिया।

सवाल: आपके घोषणापत्र में महिलाओं के लिए क्या खास है?

जवाब: महिलाओं के लिए पानी, स्वच्छता, उनके बच्चों के लिए अच्छे स्कूल और उचित सुविधाएं आवश्यक हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता भी मिलनी चाहिए और उन्हें बैंकों से बिना ब्याज के ऋण दिया जाना चाहिए ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

सवाल: एनसीपी के दोनों गुटों के बीच मर्जर की अटकलों पर आपका क्या कहना है?

जवाब: हमारा गठबंधन पुणे नगर निगम चुनावों के लिए बना है। भविष्य में इस पर विचार करेंगे।

सवाल: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे और असदुद्दीन ओवैसी चुनाव को लेकर कई बयान दे रहे हैं। आपके क्या विचार हैं?

जवाब: मैंने इसके बारे में पढ़ा या सुना नहीं है। यह निगम चुनाव है जो नालियों, मीटर और पानी पर केंद्रित हैं। हमारा मुख्य फोकस विकास और प्रगति है।

सवाल: आप सांसद हैं, तो भाजपा के राज्य में कितना विकास हुआ है?

जवाब: हर सरकार कुछ अच्छा काम करती है। मैं कभी ऐसा नहीं कहूंगी कि कुछ नहीं हुआ। भाजपा के राज्य में विकास हुआ है। लेकिन अब भाजपा पहले जैसी नहीं रही। अब लोग एक-दूसरे को धमकी दे रहे हैं, यह गलत है।

सवाल: आपको क्या लगता है, भाजपा में बदलाव क्यों आ रहा है?

जवाब: भाजपा में अब मेरिट का कोई महत्व नहीं रह गया। पहले यह मेरिट के आधार पर काम करती थी।

सवाल: शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस गठबंधन पर आपका क्या कहना है?

जवाब: इसका निश्चित तौर पर असर होगा क्योंकि मुंबई के लिए इन दोनों का प्यार गहरा है।

सवाल: कांग्रेस और एनसीपी अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं, इस पर आपका क्या कहना है?

जवाब: हर चुनाव का अलग मॉडल होता है। यहाँ हर पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ रही है।

सवाल: यदि आपकी सरकार बनती है, तो आप अपराध पर कैसे नियंत्रण करेंगी?

जवाब: हम जीरो टॉलरेंस नीति अपनाकर अपराध को खत्म कर सकते हैं।

सवाल: पश्चिम बंगाल में आई-पैक की जांच पर आपके क्या विचार हैं?

जवाब: जिस तरह से रेड पड़ी है, वह गलत है।

सवाल: ममता बनर्जी द्वारा दस्तावेज ले जाने के मामले पर क्या कहेंगी?

जवाब: वह दस्तावेज उनके अपने थे, इसलिए उन्हें कोई नहीं रोक सकता था।

सवाल: पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा पर आप क्या कहेंगी?

जवाब: मुझे ममता दीदी पर पूरा विश्वास है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुप्रिया सुले ने भाजपा की राजनीति पर टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने कहा कि भाजपा में कई नेता कांग्रेस और एनसीपी से आए हैं और यह महत्त्वपूर्ण है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिले।
महिलाओं के लिए भाजपा के घोषणापत्र में क्या खास है?
सुप्रिया सुले ने कहा कि महिलाओं की सुविधाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है और अगर उनकी सरकार बनेगी, तो वे महिलाओं को आर्थिक सहायता देंगी।
सुप्रिया सुले ने अपराध नियंत्रण पर क्या कहा?
उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति की बात की और कहा कि पुणे में पुलिस की संख्या बढ़ाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले