क्या एनसीपी के साथ आने से भाजपा को कोई फर्क पड़ेगा? पुणे की जनता जानती है भविष्य किसके साथ सुरक्षित है: मुरलीधर मोहोल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

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क्या एनसीपी के साथ आने से भाजपा को कोई फर्क पड़ेगा? पुणे की जनता जानती है भविष्य किसके साथ सुरक्षित है: मुरलीधर मोहोल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

सारांश

क्या एनसीपी का भाजपा के साथ आना राजनीतिक समीकरण को बदल सकता है? मुरलीधर मोहोल के अनुसार, पुणे की जनता समझदार है और जानती है कि विकास किसके साथ होगा। जानिए इस महत्वपूर्ण चर्चा के प्रमुख बिंदु।

Key Takeaways

  • पुणे की जनता समझदारी से वोट देती है।
  • एनसीपी का भाजपा में आना स्थानीय चुनावों पर असर नहीं डालेगा।
  • राहुल गांधी के बयानों में सुधार की आवश्यकता है।
  • पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
  • राजनीतिक गठबंधन जनता की सोच को प्रभावित नहीं कर सकता।

मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमएसी) चुनाव, राहुल गांधी की विदेश यात्रा, गठबंधन की राजनीति, बंगाल की कानून व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर बातचीत की। यहां पेश हैं बातचीत के खास अंश।

सवाल: अजित पवार और शरद पवार के साथ आने पर आप क्या कहना चाहते हैं?

जवाब: स्थानीय निकायों में एजेंडा अलग था। हमने यह नगर निगमों और नगर परिषदों में देखा। पूरे महाराष्ट्र में हम सबने अलग-अलग चुनाव लड़ा, फिर भी हम राज्य में एकजुट हैं। पुणे के लोग बहुत सोच-समझकर वोट देते हैं, चाहे वह स्थानीय निकाय चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हो, या लोकसभा चुनाव हो। पुणे को हम लोगों को देश की सर्वोत्तम सिटी बनाना है। पिछले कई सालों में पुणे का कम समय में ज्यादा विस्तार हुआ है, आज भी मुंबई से ज्यादा पुणे का भौगोलिक क्षेत्र है। पुणे की जनता जानती है कि यहां विकास हो रहा है।

सवाल: अगर दोनों एनसीपी एक साथ आ गई तो चुनाव में कोई फर्क पड़ने वाला है?

जवाब: इनके साथ आ जाने से भी हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जनता को सब समझ में आ गया है कि कौन विकास कर सकता है और कौन कुछ नहीं कर सकता है। पुणे की जनता विचार करती है कि किसके साथ ही पुणे का भविष्य सुरक्षित होगा। ये लोग कल अलग थे, आज एक साथ आ गए, और कल फिर से अलग हो जाएंगे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। केंद्र और राज्य दोनों जगह हमारी सरकार है, इनके आने या न आने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

सवाल: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के धोखे पर आप क्या कहना चाहेंगे?

जवाब: साल 2019 में हमने महायुति गठबंधन के हिस्से के तौर पर चुनाव लड़ा था। अगर हमने गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ा था, तो सरकार भी गठबंधन की ही बननी चाहिए थी। साफ तौर पर हमारे पास बहुमत था। चुनाव के बाद वे मुख्यमंत्री बनने के लिए इतने बेताब थे। उन्होंने हिंदुओं को धोखा दिया। उन्होंने भाजपा को धोखा दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के 11 करोड़ लोगों को धोखा दिया।

सवाल: क्या भाजपा की देन है कि दोनों एनसीपी एक साथ एक मंच पर नजर आ रहे हैं?

जवाब: वह एक अलग मामला है। अगर परिवार फिर से एक होता है, तो यह अच्छा होगा। राजनीति को राजनीति के अंदर ही संभाला जाएगा। हमारी ताकत जनता है, हम लोग जनता के साथ खड़े हैं। ये लोग कुछ भी कर लें, लेकिन जनता इनकी सुनने वाली नहीं है। अजीत पवार अकेले चुनाव लड़ने में डर रहे थे, इससे पहले भी उन्होंने कई नेताओं से संपर्क किया, लेकिन उनका साथ किसी ने नहीं दिया, इसलिए वह शरद पवार से बात कर उनके साथ चले गए हैं।

सवाल: राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने पर आप क्या कहेंगे?

जवाब: पिछले कई सालों से शिवसेना मुंबई में सत्ता में थी। सत्ता में होने के बावजूद वे लोगों का भरोसा जीतने में नाकाम रहे। आज पार्टी ही खत्म हो गई है और न ही कोई सपोर्ट बचा है। अब उन्होंने एमएनएस के साथ हाथ मिला लिया है। मुझे लगता है कि यह इस डर से हुआ है कि कहीं उनके पास कुछ भी न बचे, इसलिए दोनों जो कुछ भी बचा सकते हैं, उसे बचाने के लिए एक साथ आए हैं। जनता उनके साथ कभी नहीं आने वाली है।

सवाल: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर आप क्या कहेंगे?

जवाब: राहुल गांधी कहीं भी जाएं, हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हर बार जब वह विदेश जाते हैं, तो भारत के बारे में गलत बयान देते हैं। वह हमारे संविधान और हमारे लोकतंत्र के बारे में इस तरह से बात करते हैं जो गलत है। वह जिस तरह से बोले हैं, वह सही नहीं है, इस तरह से उनको नहीं करना चाहिए।

सवाल: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर आप क्या कहेंगे?

जवाब: पश्चिम बंगाल में कई सालों से TMC सत्ता में है। वहां कानून-व्यवस्था की समस्याएं लंबे समय से देखी जा रही हैं। अब लोगों को लगता है कि बहुत हो गया, हम कब तक अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त करते रहेंगे? हमको वहां की कानून व्यवस्था समझ में ही नहीं आ रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री क्या करना चाहती है? वह जिस तरह से सरकारी काम में बाधा डाल रही थी, वह करना सही नहीं है। आने वाले समय में सबको देखने को मिलेगा कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार जाने वाली है और भाजपा सत्ता में वापस आने वाली है। जनता को भी पता चल गया है कि TMC के अत्याचार से बस भाजपा के लोग ही लोगों को बचा सकते हैं।

Point of View

NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या एनसीपी का भाजपा में आना विकास को प्रभावित करेगा?
मुरलीधर मोहोल के अनुसार, एनसीपी का भाजपा में आना जनता की सोच पर कोई असर नहीं डालेगा, क्योंकि लोग समझते हैं कि विकास किसके साथ होगा।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर मुरलीधर मोहोल का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्रा से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनके बयानों में गलतियां हैं।
पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर क्या विचार हैं?
मुरलीधर मोहोल ने कहा कि वहां की कानून व्यवस्था में समस्याएं हैं और लोग अन्याय सहन नहीं कर सकते।
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