क्या महाराष्ट्र में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर एनसीपी ने चुनावी रणनीति तय की है?: सना मलिक
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई नगर निगम चुनावों के संदर्भ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायक सना मलिक ने गठबंधन और चुनावी रणनीति पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि कई नगर निगम चुनावों में उनकी पार्टी एनसीपी (एसपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है, क्योंकि दोनों दल एक ही एनसीपी परिवार से जुड़े हैं और उनकी विचारधारा भी समान है।
सना मलिक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि यह गठबंधन पूरी तरह से स्थानीय परिस्थितियों और जनता की मांग के आधार पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि कई महानगर पालिकाओं में उनकी पार्टी शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है। उनका कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक पुरानी और अनुभवी पार्टी है, जो पहले भी कई बार महानगर पालिकाओं में सत्ता में आ चुकी है। स्थानीय स्तर पर जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही गठबंधन का निर्णय लिया गया है, ताकि विकास और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।
एनसीपी विधायक सना मलिक ने आगे कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कई स्थानों पर अपने दम पर भी चुनाव लड़ रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता पिछले कई वर्षों से लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान हेतु प्रयासरत हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनसंपर्क उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
सना मलिक ने बताया कि अब तक पार्टी ने केवल ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर ही काम किया है और उसी के तहत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी उम्मीदवार अपने अनुभव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को बढ़ाते हुए पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता से समर्थन मांगेगी और पूरे दृढ़ संकल्प के साथ स्वतंत्र रूप से चुनावी मुकाबला करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि उम्मीदवारों के चयन में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और समाज के हर तबके को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। खासतौर पर युवाओं और युवा महिलाओं को भी राजनीति में आगे लाने की कोशिश की गई है। सना मलिक ने जानकारी दी कि इस चुनाव में पार्टी ने कुल 94 उम्मीदवार ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर उतारे हैं, जो आत्मविश्वास और जोश के साथ जनता के बीच जाकर समर्थन मांगेंगे।